लेख समाज जिन घड़ियों में हंस सकते हैं, उनमें रोये क्यों? November 5, 2021 / November 5, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग जिन्दगी का एक लक्ष्य है- उद्देश्य के साथ जीना। सामाजिक स्वास्थ्य एवं आदर्श समाज व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी होता है कत्र्तव्य-बोध और दायित्व-बोध। कत्र्तव्य और दायित्व की चेतना का जागरण जब होता है तभी व्यक्तिगत जीवन की आस्थाओं पर बेईमानी की परतें नहीं चढ़ पाती। सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जीवनशैली के शुभ […] Read more » Why cry in times when you can laugh
कविता हे हिरण्यमयी मां लक्ष्मी November 5, 2021 / November 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहे हिरण्यमयी मां लक्ष्मी हिरण सरीखीचपला चंचला चंचलता छोड़करस्वर्ण चांदी बनकर उतरो भारत भू पर! कि गोधन रत्न आभूषण रुप धरोविचरो भारत भूमि पर सत्वर निरंतरइतनी सम्पत्ति संपदा दो विपदा हरो! कि हर भारत जन हो सम्पन्न शुद्धाचरणसबके लोभ मोह लालच मत्सर दुर्गुण हरोभ्रष्टाचार का करो शमन श्री वृद्धि करो! मां श्री लक्ष्मी […] Read more » हे हिरण्यमयी मां लक्ष्मी
कविता हे मां वर दो भारत को धन्य धन्य कर दो November 5, 2021 / November 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहे हिरण्यमयी मां लक्ष्मी हिरण सरीखीचपला चंचला मां चंचलता को छोड़करस्वर्ण-चांदी बनकर उतरो भारत भू पर! कि गोधन रत्न आभूषण रुप धारण करविचरो मां भारत भूमि पर सत्वर निरंतरमां इतनी सम्पत्ति संपदा दो विपदा हरो! कि हर भारत जन हो सम्पन्न शुद्धाचरणसबके लोभ मोह लालच मत्सर दुर्गुण हरोमां भ्रष्टाचार का करो शमन श्रीवृद्धि […] Read more » हे मां वर दो भारत को धन्य धन्य कर दो
पर्व - त्यौहार लेख ‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है November 5, 2021 / November 5, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी, पूजा-पाठ सभी दीपक के साथ रीतिबद्ध रहते हैं। प्रत्येक शुभ कार्य के पूर्व दीप प्रज्वलन की अनूठी परम्परा सनातन काल से चली आ रही है, जिसमें सम्भवतः हमारे पूर्वजों का इस पध्दति के पीछे का यही उद्देश्य रहा होगा […] Read more » 'Deep' is a symbol of the supernatural of our civilization and culture Deep is a symbol of the supernatural of our civilization and culture दीपावलि
राजनीति लेख यमराज का भय दूर करता है भैया दूज का पर्व November 5, 2021 / November 5, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment भैया दूज- 6 नवम्बर 2021 पर विशेष ललित गर्ग दीपावली पांच पर्वां का संगम है, उसी से जुड़ा है भैया दूज का पर्व। हिन्दू समाज में भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक पर्व है यह भैया दूज पर्व। भैया दूज यानी भाई-बहन के प्यार का पर्व। एक ऐसा पर्व जो घर-घर मानवीय रिश्तों में […] Read more » Bhaiya Dooj Bhaiya Dooj - 6 November 2021 भैया दूज भैया दूज- 6 नवम्बर 2021
लेख जुनून November 5, 2021 / November 5, 2021 by गंगानन्द झा | Leave a Comment मुझे बचपन से ही पढ़ने और लिखने का, जुनून था। मैं चाहता रहा था कि मैं लिखूँ, लोग मेरा लिखा पढ़ें और मानें कि मेरे पास एक वक्तव्य है और यह कि मुझे कहने का हुनर भी है। पर मैं ज़िन्दगी की जरुरी उलझनों में अपने इस जुनून को जाहिर करने में कामयाब नहीं हो […] Read more » जुनून
कविता आओ हम दीप जलाएं November 4, 2021 / November 5, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल आओ हम एक दीप जलाएं!मन का अँधियारा दूर भगाएं!! आओ हम मन के दीप जलाएं!तन के तम को हम दूर भगाएं!! आओ हम एकता का दीप जलाएं!दम्भ-कपट और छल-छीद्र भगाएं!! आओ हम स्नेह का दीप जलाएं!द्वेष-राग को मिल सब दूर भगाएं!! आओ हम भाईचारे का दीप जलाएं!नफरत की खड़ी वह दिवार गिराएं!! आओ […] Read more » let's light the lamp आओ हम दीप जलाएं
कविता अंधियारे उर में भरे, मन में हुए कलेश !! November 4, 2021 / November 5, 2021 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment मन को करें प्रकाशमय, भर दें ऐसा प्यार !हर पल, हर दिन ही रहे, दीपों का त्यौहार !!दीपों की कतार से, सीख बात ले नेक !अँधियारा तब हारता, होते दीपक एक !!फीके-फीके हो गए, त्योहारों के रंग !दीप दिवाली के बुझे, होली है बेरंग !!दीये से बात्ती रुठी, बन बैठी है सौत !देख रहा मैं […] Read more » अंधियारे उर में भरे मन में हुए कलेश !!
लेख दीपावली 2021: जानिये पूजन की सम्पूर्ण विधि एवं शुभ मुहुर्त November 3, 2021 / November 5, 2021 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | Leave a Comment दीपावली पर ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन दीपावली पर विधि-विधान से किया गया लक्ष्मी-गणेश पूजन आने वाले पूरे वर्ष परिवार में धन्य-धान्य एवं सुख-समृद्धि के लिये शुभ माना जाता है । आईये जानते हैं दीपावली पूजन की सम्पूण विधि ।क्यों मनाते हैं दीपावली ? भगवान श्रीराम चैदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर सीताजी एवं लक्ष्मण […] Read more » Diwali 2021 दीपावली 2021
कविता इंसानियत से प्यार मुझे November 3, 2021 / November 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमैंने जहां से इश्क किया है,इंसानियत से प्यार मुझे! धर्म व मजहब में आडम्बर,कभी नहीं स्वीकार मुझे! धर्म वहां तक जायज लगते,जहां लगे सब यार मुझे! मानव मानव में भेदभाव हो,वह धर्म लगे बेकार मुझे! धर्म मजहब की बुराइयों से,सदा से है तकरार मुझे! धर्म नहीं वो जो हथियार हो,नापसंद ये औजार मुझे! […] Read more » इंसानियत से प्यार मुझे
साहित्य हिन्दूराष्ट्र भारत व सनातन संस्कृति में उन्नति का सार November 3, 2021 / November 3, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल हम देखते हैं कि विभिन्न देशों की यात्राओं में जब हमारे राजनेता,राजनयिक जाते हैं,तो उनके स्वागत के लिए विश्वभूमि के बन्धु/भगिनी भारतीय संस्कृति की परम्पराओं, धार्मिक श्लोकों व हिन्दू संस्कृति के विविध प्रतीकों,पध्दतियों,कलाओं के माध्यम से उनका सम्मान करने के लिए अग्रसर रहते हैं। भारत में भले ही छुद्र राजनैतिक स्वार्थों के […] Read more » Essence of progress in Hindu Rashtra Bharat Essence of progress in Hindu Rashtra Bharat and Sanatan culture हिन्दूराष्ट्र भारत व सनातन संस्कृति
कविता दशकों पहले गांव से निकला था शहर October 31, 2021 / October 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकदशकों पहले गांव से निकला था शहरअपनी खिचड़ी आप पकाने के लिएअपना एक आशियाना बनाने के लिए! पर अबतक कोई अपना बन न सकाअब भी हूं अनजानापन को साथ लिएआत्ममुग्ध होकर जिए खुद के लिए! एक शहर से कटकर दूसरा महानगरआता-जाता रहा हूं स्थानांतरित होकरपद प्रतिष्ठा की चाहत में छूटा घर! क्वार्टर से […] Read more » Decades ago the city came out of the village दशकों पहले गांव से निकला था शहर