जगदीश वर्मा ‘समन्दर’

सह सम्पादक-प्रखर क्रान्ति चक्र साप्ताहिक, मथुरा । मुख्य सम्पादक- विश्व शांति सन्देश, मासिक पत्रिका, मथुरा । मैनेजिंग एडिटर इन मैट्रो मीडिया, मथुरा (डीटीपी पब्लिेकशन एण्ड एडर्वटाइजिंग)

यू.पी. में सरकार बदली है….तो कानूनराज लाईये ! अच्छी पुलिस लाईये…! यही आपका वायदा था । 

जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ https://www.facebook.com/MYogiAdityanath/  क्या आपने झूठ बोला था सर जी…? उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून

कुछ तो बात है, बता तो सही !

बिल्कुल हमारे बुजुर्गों को युवाओं के प्रेम की जरूरत है, लेकिन इस भौतिकतावादी संसार में कहीं ना कहीं युवाओं को भी उस साथ और अपनत्व की जरूरत है जो उनमें इतनी हिम्मत भर दें कि वे अपनी वेदना आपके सामने कह सकें, बता सकें । और कम से कम हमें भी दोस्ती का इतना हुनर तो सीख ही जाना चाहिये कि हम अपने दोस्त की आखों में अपनी जरूरत को पढ़ सकें, जान सकें, समझ सकें । ताकि फिर कोई अपना इस तरह ना चला जाये कि हम उससे इतना भी ना पूछ सकें, ‘‘कुछ तो बात है, बता तो सही’’ ।

उ.प्र. चुनाव : सपा की रणनीति से विरोधी होगें चित्त !

बसपा की बात करें तो नोटबंदी के चलते बहनजी चर्चा में रही हैं । आम जनता को नोटबंदी से हुई परेशानी के लिये मायावती ने आवाज उठाई तो भाजपा ने चुनाव में नोट लेकर टिकिट देने की छवि प्रचारित कर इस आवाज को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी । बसपा सपा को अराजकतावादी और भाजपा को साम्प्रदायिक घोषित करते हुये कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चुनाव लड़ने जा रही है । विकास की नित नई योजनाओं से अखिलेश अपना पल्लू साफ करके मायावती की इस कोशिश को असफल करने में लगे हैं । कांग्रेस और लोकदल के जनसमर्थन के साथ आने से भी इस काले धब्बे को नकारने में सपा को मदद मिल जायेगी । ऐसे में बसपा का सीधा सामना इस महागठबंधन से होगा ।

भारत में सर्जिकल स्ट्राईक सबूत की मांग से क्या सेना का मनोबल नहीं गिरेगा ?

इसमें कोई दो राय नहीं है कि सीमा पर तनाव और सर्जिकल स्ट्राईक की कार्यवाही मोदी सरकार के पक्ष में जा रही है । इसका कारण भी तुरन्त पैदा नहीं हुआ है । लम्बे समय से पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी कार्यवाही की मांग भारत की जनता करती आ रही थी । लेकिन ऐसा भी पहली बार हुआ है कि सेना के ऐसे आॅपरेशन को इस तरह खुले भोजन की तरह परोस दिया गया है जिसे जो भाये वो खा ले और उल्टी कर दे ।