बच्चों का पन्ना लेख समाज स्कूल छोड़ती बेटियाँ: संसाधनों की कमी या सामाजिक चूक? August 4, 2025 / August 4, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment (“बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? सवाल सड़कों, शौचालयों और सोच का है” “39% लड़कियाँ स्कूल से बाहर: किसकी जिम्मेदारी?” “‘बेटी पढ़ाओ’ का सच: किताबों से पहले रास्ते चाहिए”) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है कि 15 से 18 वर्ष की उम्र की लगभग 39.4% लड़कियाँ स्कूल से बाहर […] Read more » स्कूल छोड़ती बेटियाँ
महिला-जगत लेख महिला सुरक्षा के नाम पर आश्वासनों की मात्र औपचारिकता नहीं निभाई जाए August 4, 2025 / August 4, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment संस्कृत में बड़े ही खूबसूरत शब्दों में नारी/स्त्री के बारे में कहा गया है कि-‘ नारीणां तु विशेषेण गुणान् संकीर्तयाम्यहम्। या यथा शक्तितः पूज्या धर्मे पन्थाः स एव सः।।’ इसका मतलब यह है कि स्त्रियों के गुणों का वर्णन विशेष रूप से करना चाहिए। वे जैसे भी हों, जिस शक्ति से युक्त हों, पूजनीय हैं […] Read more »
कविता भजन : गुरु महिमा August 1, 2025 / August 8, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment तर्ज: राधा के मन बस गए श्याम बिहारी दोहा: गुरुभक्तों के लिए, गुरु से बड़ा न कोय।गुरु सेवा से बड़ी जग में, सेवा कोई न होय।। मु: भक्तों के दिल में, रम रहे गुरुवर प्यारे।(शिष्यों के दिल में, रम रहे गुरुवर प्यारे। )गुरु का रंग चढ़ा है ऐसा -2….रंग फीके पड गए सारे।।भक्तों के दिल […] Read more » गुरु महिमा
लेख स्वाधीनता संग्राम की हमने सुनी कहानी थी… August 1, 2025 / August 1, 2025 by डॉ. सरोज चक्रधर | Leave a Comment डॉ. सरोज चक्रधर हमने सुनी कहानी थी…भारत वर्ष की आजादी का गौरव गान वर्ष 1947 को आरंभ हुआ था, वह नित्य प्रति हमारी धडक़न बन चुका है। सुप्रभात के साथ हमें स्मरण होता है कि खुली हवा में, बिना किसी बंदिश के हम हैं तो उन पुरोधाओं और पुरखों का संघर्ष है जिन्होंने आज के […] Read more » स्वाधीनता संग्राम की हमने सुनी कहानी थी…
लेख मित्रताः रिश्तों की आत्मा और संवेदना की जीवंत सरिता August 1, 2025 / August 1, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस – 3 अगस्त 2025– ललित गर्ग – मित्रता वह रिश्ता है, जो न रक्त से बंधा होता है, न किसी सामाजिक अनुबंध से, फिर भी यह जीवन का सबसे आत्मीय और मजबूत संबंध होता है। दोस्ती वह भूमि है जहां प्रेम, विश्वास, अपनत्व, समर्पण और संवेदना एक साथ अंकुरित होते हैं। इसी दुर्लभ […] Read more » अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस
लेख सार्थक पहल नागरिक बोध और नज़ीर बनता इंदौर July 30, 2025 / July 30, 2025 by मनोज कुमार | Leave a Comment प्रो. मनोज कुमारमध्यप्रदेश हमेशा की तरह स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे आगे रहा. लगातार 8वीं दफा इंदौर सिरमौर बना तो राजधानी भोपाल भी श्रेष्ठता का सिरमौर बना. मध्यप्रदेश के कुछ अन्य शहर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में स्वयं को साबित किया। स्वच्छता सर्वेक्षण का यह परिणाम सचमुच मेें सुखदायक है और गर्व से कह सकते हैं कि […] Read more » Indore becomes an example for civic sense इंदौर
टेक्नॉलजी लेख एआई का विस्तार या नौकरी का संकुचनः बड़ी चुनौती July 30, 2025 / July 30, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग भारत जैसे युवाओं वाले और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश में तकनीकी विकास के प्रति उत्साह हमेशा गहरा रहा है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकें समाज, राष्ट्र और अर्थव्यवस्था में तीव्र बदलाव की सारथि बनी हैं। हर वर्ग और क्षेत्र ने इस परिवर्तन को आशा एवं सकारात्मकता […] Read more » एआई का विस्तार
कविता यह देश है पृथ्वीराजों का…. July 30, 2025 / July 30, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment देशभक्ति की कविता इतिहास उठा कर देखो अपना भारत सबसे न्यारा है।जितने भर भी देश विश्व में भारत सबसे प्यारा है।। बलिदानों का देश है भारत बलिदानों की भूमि है।बलिदानों की रीत यहां पर बलिदानों की धूलि है।।मत भूलो निज बलिदानों को जिनकी छाती चौड़ी है।जिनके कारण आजाद हुए हम भारत उनकी भूमि है।।हर अवसर […] Read more » यह देश है पृथ्वीराजों का….
पर्यावरण लेख वायु प्रदूषण से स्मृति-लोप का बढ़ता खतरा July 30, 2025 / July 30, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग पर्यावरण की उपेक्षा एवं बढ़ता वायु प्रदूषण मनुष्य स्वास्थ्य के लिये न केवल घातक हो रहा है, बल्कि एक बीमार समाज के निर्माण का कारण भी बन रहा है। हाल ही में हुए एक मेटा-अध्ययन ने वायु प्रदूषण और बिगड़ती स्मृति के बीच एक खतरनाक संबंध का खुलासा किया है। हवा […] Read more » Air pollution increases the risk of memory loss वायु प्रदूषण से स्मृति-लोप वायु प्रदूषण से स्मृति-लोप का बढ़ता खतरा
आलोचना क्या देश की व्यवस्था जनता के लिए है ? July 30, 2025 / July 30, 2025 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी किसी भी देश को चलाने के लिए एक व्यवस्था की जरूरत होती है ताकि वो देश सुचारू रूप से चलता रहे । यह व्यवस्था उस देश की जनता की सेवा के लिए होती है लेकिन हमारे देश की व्यवस्था कुछ अलग है । हमारे देश की व्यवस्था जनता के लिए नहीं है […] Read more » Is the system of the country for the people? देश की व्यवस्था जनता के लिए
कविता ये मोबाइल रिश्ते का हो गया है भस्मासुर July 28, 2025 / July 28, 2025 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमैं ढूँढ रहा हूँ अपनों में अपनापनइंसान में इंसानियत आदमी में आदमियतकि आज मानव से मानवता हो गई लापता! मैं सोच नहीं पाता हूँ कि किसने की खतामैं रहता हूँ मौन मैं करता नहीं किसी को फोनमैं खोजता हूँ अपनों के बीच वैसा ही रिश्ताजो बगैर फोन का बन जाया करता था फरिश्ता! […] Read more » This mobile has become the Bhasmasur of relationships मोबाइल रिश्ते का हो गया है भस्मासुर
लेख चाइनीज मांझा: खुलेआम बिकती मौत की धार July 28, 2025 / July 28, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment डॉ. सत्यवान सौरभ हर शहर, हर गली, हर मोहल्ले में, जब बच्चे और किशोर पतंग उड़ाने निकलते हैं, तो उनका उद्देश्य केवल आसमान छूना होता है। लेकिन दुर्भाग्य से अब पतंग की यह उड़ान कई बार किसी की जान लेकर ही थमती है। इसका कारण कोई आम धागा नहीं, बल्कि एक जानलेवा उत्पाद है— चाइनीज […] Read more »