पर्व - त्यौहार लेख भारत के स्वराज्य की हुंकार : हिन्दू साम्राज्य दिवस June 9, 2025 / June 9, 2025 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह छत्रपति शिवाजी महाराज भारत की स्वतंत्रता के महान नायक हैं, जिन्होंने ‘स्वराज्य’ के लिए संगठित होना, लड़ना और जीतना सिखाया। मुगलों के लंबे शासन और अत्याचारों के कारण भारत का मूल समाज आत्मदैन्य की स्थिति में चला गया था। विशाल भारत के किसी न किसी भू-भाग पर मुगलों के शोषणकारी शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष तो […] Read more » The roar of India's independence: हिन्दू साम्राज्य दिवस
लेख बेवफाई की हनीमून डायरी June 9, 2025 / June 9, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment ✍️ प्रियंका सौरभ मैंने देखा था एक जोड़ाहाथों में हाथ, आँखों में स्वप्न लिएवो कहते थे – “हमसफ़र”पर शायद किसी एक के लिएये सफर सिर्फ “अंत” था। मेघालय की वादियों मेंजहाँ झीलें चुपचाप सब सुनती हैं,वहीं गूंजा था एक मौन चीत्कारएक प्रेमी पति,जो पत्नी के हृदय में नहीं,उसके षड्यंत्र में जी रहा था। राजा…जिसे लगा […] Read more » Honeymoon Diaries of Infidelity
कविता मैंl वह बड़ा बेटा हूँ June 8, 2025 / June 9, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment ✍️ डॉ. सत्यवान सौरभ मैं वह बड़ा बेटा हूँ,जिसने हँसकर जीवन की आग पिया है।जिसने चुपचाप लुटा अपना यौवन,और घर का भाग्य सिया है। जो माँ की छाया बना रहा,पिता की लाठी बन कर चला,भाई की पढ़ाई में खो गया,बहन की शादी में गल गया। सपनों का शव ढोता रहा,अपनों का ऋण ढोता रहा।न मोल […] Read more » I am the elder son मैंl वह बड़ा बेटा हूँ
लेख राखीगढ़ी: भारत की स्त्री-केंद्रित सभ्यता की झलक June 6, 2025 / June 6, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment इतिहास की परतों में छुपी स्त्री, संस्कृति और सभ्यता का पुनर्पाठ हरियाणा स्थित राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल है, जहाँ से मिले 4600 साल पुराने महिला कंकाल, शंख की चूड़ियाँ और ताम्र नृत्यांगना की प्रतिमा सभ्यता में स्त्री की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हैं। डीएनए विश्लेषण ने ‘आर्य आक्रमण सिद्धांत’ पर सवाल […] Read more » राखीगढ़ी
पर्यावरण लेख असम में सोलर प्रोजेक्ट रुका, हुई आदिवासी संघर्ष की जीत June 6, 2025 / June 6, 2025 by निशान्त | Leave a Comment आख़िरकार ज़मीन की लड़ाई ने रंग दिखाया। कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों में बसे हजारों आदिवासी परिवारों की जंग ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) को झुका दिया है। बैंक ने 500 मेगावाट के जिस सोलर पार्क प्रोजेक्ट के लिए 434 मिलियन डॉलर की फंडिंग मंज़ूर की थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। यह सिर्फ़ […] Read more » असम में सोलर प्रोजेक्ट
लेख सर्वोच्च मानव धर्म है पर्यावरण संरक्षण June 4, 2025 / June 4, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment डॉ घनश्याम बादल जन्म के साथ ही प्रकृति मनुष्य को अपनी संरक्षण भरी अपनी गोद दे देती है. कुदरत ने उसे स्वच्छ जल, हवा, हरी – भरी पृथ्वी, निर्मल आकाश एवं अग्नि दिए हैं । इन्हीं पांच तत्वों से मिलकर पर्यावरण का निर्माण होता है। धरती पर मानव जीवन का अस्तित्व एवं उसके […] Read more » पर्यावरण संरक्षण
लेख बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया की जटिल पर्यावरण समस्या June 4, 2025 / June 4, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व पर्यावरण दिवस- 5 जून, 2025– ललित गर्ग – बढ़ते तापमान, बदलते जलवायु एवं ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं। जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों एवं महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है। इंसानों को प्रकृति, पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति […] Read more » Increasing plastic pollution Increasing plastic pollution is the world's most complex environmental problem विश्व पर्यावरण दिवस
पर्यावरण लेख पर्यावरण प्रदूषण मानवता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती June 4, 2025 / June 4, 2025 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर विशेषडगमगाते पर्यावरण को संभालने का समय– योगेश कुमार गोयलवर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण सबसे बड़ी वैश्विक समस्या है। पिछले तीन दशकों से महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण से ही जुड़ी है। मानवीय क्रियाकलापों के कारण प्रकृति में लगातार बढ़ते दखल के […] Read more » world environment day विश्व पर्यावरण दिवस
लेख मौन की राख, विजय की आँच June 4, 2025 / June 4, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ छायाओं में ढलती साँझ सी,वह हार जब आयी चुपचाप,न याचना, न प्रतिकार…बस दृष्टि में एक बुझा हुआ आकाश। होठों पर थरथराती साँसें,मन भीतर एक अनसुनी रागिनी,जिसे किसी ने सुना नहीं,जिसे कोई बाँध न सका आँसू की धार में। वह पुरुष…जो शिखरों का स्वप्न लिएघाटियों में उतर गया था चुपचाप,कहीं कोई पतझड़ था उसकी […] Read more » मौन की राख विजय की आँच
कविता जब आँसू अपने हो जाते हैं June 4, 2025 / June 4, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment डॉ सत्यवान सौरभ जीवन के इस सफ़र में,हर मोड़ पर कोई न कोई साथ छोड़ देता है,कभी उम्मीद, कभी लोग —तो कभी ख़ुद अपनी ही परछाईं पीछे रह जाती है। हर हार सिर्फ हार नहीं होती,वो एक आईना होती है —जिसमें हम देखते हैं अपना असली चेहरा,बिना मुखौटे, बिना तालियों के शोर के। जब आँखें […] Read more » When tears become your own जब आँसू अपने हो जाते हैं
लेख पर्यावरण चेतना जगाती भारतीय संस्कृति June 3, 2025 / June 3, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर पिछले दिनों भारत के प्रदेश तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की उस शर्मनाक और आत्मघाती कृत्य की सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा रही जिसमें हैदराबाद के फेफड़े कहे जाने वाली कांचागाची बोवली गांव से सटी वन भूमि पर उन 40, 000 से अधिक वृक्षों को काट दिया गया जो न केवल पूरे क्षेत्र […] Read more » Indian culture awakens environmental consciousness पर्यावरण चेतना जगाती भारतीय संस्कृति
कविता सांस की कीमत पूछी गई June 3, 2025 / June 3, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment साँस-साँस को मोहताज किया,जीवन को नीलाम किया।मासूम थी, बस एक साल की,फिर भी व्यवस्था ने इनकार किया। “वेंटिलेटर चाहिए?” — पूछा गया,“सिफ़ारिश है?” — तौल कर कहा।दोपहर से लेकर रात तलक,बच्ची की साँसों ने दस्तक दी हर पल। कभी सिस्टम की फाइल में अटकी,कभी डॉक्टरों के मुँह के फेर में भटकी।कंधे पर बैठी थी ममता […] Read more »