लेख पेंशन का सवाल: नेता और विधायक मालामाल, जनता और कर्मचारी बेहाल December 29, 2025 / December 29, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment एक से अधिक पेंशन, यात्रा भत्ते की सर्वसम्मति और 60 साल सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित कर्मचारी—लोकतंत्र की उलटी प्राथमिकताओं की कहानी Read more » the public and employees are in trouble The question of pension: leaders and MLAs are rich पेंशन
पर्यावरण लेख अरावली: जनता के दबाव में झुकी सरकार, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है December 29, 2025 / December 29, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली वही क्षेत्र मानी जाएगी जिसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। इस फैसले के बाद यह डर पैदा हुआ कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा। ऐसा होने पर वहां खनन और रियल-एस्टेट जैसी गतिविधियां करने, अरावली की हत्या करने के लिए रास्ता खुल जाएगा। Read more » अरावली
कविता निष्फल मुस्कान December 27, 2025 / December 27, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ——————— “सोच की अनुपस्थिति जब ओठों पर टिक जाती है, तो हँसी— हृदय की नहीं, खालीपन की भाषा बन जाती है। विचारहीन मुस्कान आईने में चमकती है, पर आत्मा के भीतर अंधेरे का विस्तार करती है। जो प्रश्न नहीं पूछता, जो पीड़ा पर ठहरकर मनन नहीं करता— वह जीते हुए भी जीवन से अनुपस्थित रहता […] Read more » निष्फल मुस्कान
लेख वन्यजीवन विकास की पटरी पर कुचला December 27, 2025 / December 27, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment दिसंबर 2025 में असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों—जिनमें शावक भी शामिल थे—की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु कोई साधारण हादसा नहीं थी। यह घटना भारत के विकास मॉडल और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनकर सामने आई। तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर न केवल हाथियों की जान गई, बल्कि इंजन और कई डिब्बों के पटरी से उतरने से यह भी स्पष्ट हुआ कि Read more » असम के होजाई ज़िले असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु
लेख अरावली की चिन्ताः नारे से आगे, अस्तित्व की लड़ाई December 24, 2025 / December 24, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली की आयु भूगर्भीय दृष्टि से करोड़ों वर्षों में आंकी जाती है। यह हिमालय से भी पुरानी है। यही कारण है कि अरावली का स्वरूप अपेक्षाकृत निचला और क्षरित दिखाई देता है, Read more » a fight for survival of Aravali Concerns about Aravalli: Beyond slogans अरावली की चिन्ताः नारे से आगे अस्तित्व की लड़ाई
लेख अलविदा 2025 : बदलाव,बहस और उम्मीदों का साल ! December 23, 2025 / December 23, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment इसी वर्ष लाल सागर और फारस की खाड़ी में समुद्री मार्गों पर अस्थिरता के कारण कई देशों को अपने व्यापारिक रास्ते बदलने पड़े। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार–चढ़ाव देखा गया। Read more » अलविदा 2025
लेख स्वास्थ्य-योग भारत की पारंपरिक चिकित्सा की रोशनी में विश्व-स्वास्थ्य December 23, 2025 / December 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इन पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे केवल सांस्कृतिक धरोहर के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की एक प्रभावी, सुलभ और टिकाऊ स्वास्थ्य व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके नेतृत्व में आयुष मंत्रालय की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत Read more » Global health in the light of India's traditional medicine भारत की पारंपरिक चिकित्सा
लेख विज्ञान शख्सियत गणितज्ञ रामानुजन जो अंकों, सूत्रों एवं प्रमेयों से खेलते थे December 22, 2025 / December 22, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आगे चलकर यही बालक विश्व का महान गणितज्ञ सिद्ध हुआ जिसे सभी श्रीनिवास रामानुजन आयंगर के नाम से जानते हैं और जिनके प्रमेय आधारित सूत्र गणितज्ञों के लिए आज भी रहस्य एवं अबूझ पहेली बने हुए हैं और शोधकार्य का आधार भी, तथा जिनके नाम पर रामानुजन अभाज्य, रामानुजन स्थिरांक सिद्धांत विश्व विश्रुत हैं। Read more » गणितज्ञ रामानुजन
कविता बेक़द्र December 22, 2025 / December 22, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment बेक़द्रों के हाथ अगर चाँद भी लग जाए, वो उसको भी ग्रहण लगाने का हुनर रखते हैं। Read more » बेक़द्र
पर्यावरण लेख दिल्ली प्रदूषण : पर्यावरण नहीं स्वास्थ्य की समस्या बन चुका है December 22, 2025 / December 22, 2025 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment इन सबके बीच पराली जलाने का मुद्दा हर साल चर्चा के केंद्र में आता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर के दौरान दिल्ली के प्रदूषण में पराली का योगदान औसतन 20 से 35 प्रतिशत के बीच रहता है। कुछ चरम दिनों में Read more » दिल्ली प्रदूषण
लेख शख्सियत राम वी. सुतार के हाथों में आकर पत्थर बोल उठते थे December 19, 2025 / December 19, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment उनके स्पर्श से निर्जीव सजीव हो उठता था और शिल्प अपने भीतर मनुष्य की धड़कनें समेट लेता था। राम वी. सुतार केवल महान मूर्तिकार नहीं थे, वे एक दर्शन थे। उनका जीवन इस सत्य का प्रमाण था कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि मनुष्यता का विस्तार होती है। Read more » राम वी. सुतार
कविता हम आदमी, तुम लोग हो गए December 19, 2025 / December 19, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment सबको बनाकर मैं बना कुछ कम बना तो क्या हुआ Read more » लोग हो गए