खान-पान ₹6.78 की थाली: क्या देश का भविष्य इतना सस्ता है? February 23, 2026 / February 23, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करोड़ों बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन मात्र ₹6.78 (प्राइमरी) और ₹10.17 (अपर प्राइमरी) की कुकिंग कॉस्ट—क्या इससे पोषण और सम्मान दोनों संभव हैं? — डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मज़बूत नींव माना जाता है। बार-बार यह कहा जाता […] Read more » ₹6.78 की थाली
खान-पान आकर्षक विज्ञापन, चमकदार पैकेजिंग और भ्रामक दावे February 23, 2026 / February 23, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत का पोषण परिदृश्य तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। लंबे समय तक सार्वजनिक नीति का केंद्र भूख, कुपोषण और खाद्य उपलब्धता रहा, परंतु आज देश दोहरे पोषण संकट का सामना कर रहा है। एक ओर बच्चों और महिलाओं में अल्पपोषण, रक्ताल्पता और अवरुद्ध वृद्धि जैसी समस्याएँ बनी […] Read more » The right to informed choice in a changing nutritional landscape चमकदार पैकेजिंग और भ्रामक दावे
खान-पान वैश्विक मीठे जल संकट: उपलब्धता और पहुँच की दोहरी चुनौती February 18, 2026 / February 18, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment डॉ. प्रियंका सौरभ आज विश्व जिस सबसे गंभीर संसाधन संकट का सामना कर रहा है, उनमें मीठे जल का संकट अत्यंत गहन और बहुआयामी है। पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का लगभग 97 प्रतिशत खारा है और केवल लगभग 3 प्रतिशत मीठा जल है, जिसमें से भी बहुत छोटा भाग ही मानव उपयोग के लिए […] Read more » वैश्विक मीठे जल संकट
खान-पान तापमान 30 डिग्री पार, कॉफी संकट गहरा रहा है February 18, 2026 / February 18, 2026 by निशान्त | Leave a Comment सुबह की कॉफी अब सिर्फ स्वाद नहीं, तापमान की कहानी है. 30 डिग्री सेल्सियस. यही वह सीमा है जहां से कॉफी पौधों पर हीट स्ट्रेस शुरू होता है. नई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन ने दुनिया के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में ऐसे गर्म दिनों की संख्या तेज़ी से बढ़ा दी है, जो […] Read more » कॉफी संकट कॉफी संकट गहरा रहा है
खान-पान दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता और निर्यात के नए उपाय February 17, 2026 / February 17, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश में दलहन उत्पादन को नई गति देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रोडमैप बनेगा।इस लक्ष्यपूर्ति के लिए केंद्रीय बजट में 354 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रबंध मध्यप्रदेश के लिए किया गया है।इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सीहौर जिले के अमलाहा में दलहन क्षेत्र के परिप्रेक्ष्य में आयोजित […] Read more » Self-reliance in pulses production and new measures for export दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता
खान-पान पर्यावरण आर्द्रभूमियाँ-प्रकृति का कवच और मानव अस्तित्व की कुंजी February 1, 2026 / February 2, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आर्द्रभूमियाँ Read more » आर्द्रभूमियाँ आर्द्रभूमियाँ-प्रकृति का कवच
खान-पान खेत-खलिहान लेख खेती का संकट और पारंपरिक देसी बीज January 23, 2026 / January 23, 2026 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment अमरपाल सिंह वर्मा निरंतर लागत बढ़ती चले जाने से हमारे देश में खेती संकट के दौर से गुजर रही है। एक ओर खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल, बिजली आदि का खर्च बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर किसान की आय सिमटती जा रही है। जलवायु संकट के दौर में अनिश्चित मौसम और कीटनाशकों के बढ़ते प्रकोप […] Read more » Farming crisis and traditional indigenous seeds
कला-संस्कृति खान-पान सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व – मकर संक्रांति January 14, 2026 / January 14, 2026 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment शीत ऋतु के मध्य जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उनकी उत्तरायण गति प्रारम्भ होती है, तब मकर संक्रांति होती है। यह पर्व सृष्टि में उर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि धार्मिक विधि विधान व कर्मों का विशेष महत्व है Read more » मकर संक्रांति
कला-संस्कृति खान-पान मकर संक्रांति: पतंगबाजी, आनंद, संस्कृति और चेतना January 14, 2026 / January 14, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment भारत में पतंग उड़ाने को एक बहुत पुरानी परंपरा माना जाता है। इसका ज़िक्र इतिहास और लोककथाओं में मिलता है। यह शाही महलों में पराक्रम और चतुराई का प्रतीक हुआ करता था, Read more » Culture and Consciousness Joy Makar Sankranti: Kite Flying मकर संक्रांति
खान-पान धर्म-अध्यात्म लोक पर्वों में समता का उत्सव: मकर संक्रांति January 14, 2026 / January 14, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सामूहिक चेतना, कृषि संस्कृति और सामाजिक समता का प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव है, जो अंधकार से प्रकाश, ठंड से ऊष्मा और निराशा से आशा की ओर बढ़ने का संकेत देता है। भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में मकर संक्रांति अलग- Read more » मकर संक्रांति
खान-पान धर्म-अध्यात्म तिल-गुड़ और पतंगें : संक्रांति का वह दर्शन, जो सिखाता है समरसता और उड़ान January 14, 2026 / January 14, 2026 by उमेश कुमार साहू | Leave a Comment मकर संक्रांति का आधार पूर्णतः वैज्ञानिक और खगोलीय है। यह वह संधि काल है जब सूर्य दक्षिणायन की यात्रा पूर्ण कर 'उत्तरायण' की ओर अग्रसर होते हैं। भारतीय दर्शन में उत्तरायण केवल दिशा का परिवर्तन नहीं, बल्कि चेतना के ऊर्ध्वगमन का प्रतीक है। भीष्म पितामह का इस काल की प्रतीक्षा करना प्रमाणित करता है कि यह समय आत्मिक उन्नति औ Read more »
खान-पान आचार, विचार, आहार और सुधार January 14, 2026 / January 14, 2026 by चंद्र मोहन | Leave a Comment आचार, विचार और व्यवहार जीवन के तीन अभिन्न अंग हैं जहाँ विचार (Thoughts) मन की सोच हैं, आचार (Conduct/Ethics) उन विचारों से उत्पन्न नैतिक कार्य हैं, और व्यवहार (Behavior) उन आचारों का बाहरी रूप से प्रकट होना है. Read more » आहार और सुधार