खेत-खलिहान सार्थक पहल किसानों के लिए प्रेरणा बने हरियाणा के कुशलपाल सिरोही May 20, 2010 / December 23, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | 2 Comments on किसानों के लिए प्रेरणा बने हरियाणा के कुशलपाल सिरोही -फ़िरदौस ख़ान योगाचार्य स्वामी रामदेव का कहना है कि जड़ी-बूटी आधारित कृषि व्यवस्था से देश का गरीब किसान समृद्ध और स्वस्थ होगा। जड़ी-बूटी की खेती करके कृषि क्षेत्र में एक बहुत बड़ी क्रांति पैदा की जा सकती है। व्यक्ति और राष्ट्रहित में इस पहल को शीघ्रातिशीघ्र अमली जामा पहनाकर देश के नीति-निर्माता और कर्णधार देश […] Read more » Kushpal Sirohi कुशलपाल सिरोही
आर्थिकी खेत-खलिहान अनुसंधान से आर्थिक उन्नति संभव – मुलख राज विरमानी May 19, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on अनुसंधान से आर्थिक उन्नति संभव – मुलख राज विरमानी भारत के उद्योगपति अनुसंधान में इतनी रुचि नहीं लेते जितना संपन्न हुए देशों के उद्योगपति। यह कड़वा सत्य भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है। कुछ थोड़े से उद्योगपतियों ने इस ओर ध्यान दिया वह आज अपने उद्योग के क्षेत्र में विश्व के उद्योगपतियों के बराबर हैं या उनसे भी आगे निकल गए। उदाहरणतया कुछ भारतीय […] Read more » Dairy कृषि गाय डेरी
खेत-खलिहान जैविक खेती, प्राकृतिक ऊर्जा और लघु उद्योगों से खुशहाल होंगे गांव May 15, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on जैविक खेती, प्राकृतिक ऊर्जा और लघु उद्योगों से खुशहाल होंगे गांव – श्री कुप्.सी.सुदर्शन, निवर्तमान सरसंघचालक, रा.स्व.संघ खेती में रासायनिक खाद का प्रयोग बंद करना समय की मांग है, क्योंकि वह भूमि एवं मनुष्य दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रासायनिक खाद से उपजी चीजें खाने से साल भर में हम 100 मिलीग्राम तक रासायनिक जहर भोजन के साथ पचा जाते हैं। यही 100 मिलीग्राम जहर […] Read more » Organic Farming गांव जैविक खेती प्राकृतिक ऊर्जा लघु उद्योग
खेत-खलिहान मोटे अनाजों की खेती का महत्व May 15, 2010 / December 23, 2011 by शशांक कुमार राय | Leave a Comment -शशांक कुमार राय एक समय था जब भारत की कृषि–उत्पादन प्रणाली में काफी विविधता देखने को मिलती थी। गेहूं, चावल, जौ, राई, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती थी। अब यह स्थिति यह है कि आजादी के बाद बदली कृषि-नीति ने भारतीयों को गेहूं व चावल आदि फसलों पर निर्भर बना […] Read more » Farming खेती मोटे अनाज
खेत-खलिहान पशुधन से धनवान होते किसान May 11, 2010 / December 23, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | Leave a Comment -फ़िरदौस ख़ान भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में डेयरी उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान है। हरियाणा में डेयरी उद्योग खासा फलफूल रहा है। हालांकि राज्य में दूध के प्रसंस्करण का अधिकतर काम निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। राज्य में इस समय दूध को प्रसंस्कृत करने के छोटे-बड़े 32 डेयरी प्लांट काम कर […] Read more » Farmer किसान पशुधन
खेत-खलिहान हरित क्रांति : धरती को बंजर होने से बचाने की दरकार April 28, 2010 / December 24, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | 1 Comment on हरित क्रांति : धरती को बंजर होने से बचाने की दरकार मौजूदा खाद्यान्न की जरूरत को देखते हुए देश में दूसरी हरित क्रांति पर खासा जोर दिया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि जब सोना उगलने वाली धरती ही बंजर हो जाएगी तो अनाज कैसे पैदा होगा। इसलिए भूमि की उर्वरक शक्ति को बचाए रखना बेहद जरूरी है, वरना कृषि के विकास की तमाम […] Read more » Green Revolution धरती बंजर हरित क्रांति
खेत-खलिहान किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के समाधान के लिए सार्थक कदमों की जरूरत है- अखिलेश आर्येन्दु April 20, 2010 / December 24, 2011 by अखिलेश आर्येन्दु | 2 Comments on किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के समाधान के लिए सार्थक कदमों की जरूरत है- अखिलेश आर्येन्दु पहले की तरह इस बार के केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए मामूली बढ़ोत्तरी की गई है जबकि विभिन्न राज्यों में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं का दौर जारी है। जिन वजहों से किसान आत्महत्याएं कर रहें हैं, न तो राज्य सरकारें समग्रता से उसके समाधान के लिए कोई सार्थक कदम उठा रही […] Read more » Suicide आत्महत्या किसान
खेत-खलिहान वैज्ञानिकों की चेतावनी जैविक खेती ही धरती को बचा सकती है – मुलख राज विरमानी April 19, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on वैज्ञानिकों की चेतावनी जैविक खेती ही धरती को बचा सकती है – मुलख राज विरमानी विश्व की पृथ्वी की ऊपरी परत खराब हो रही है क्योंकि किसान अधिक से अधिक रासायनिक खादों का प्रयोग कर रहे हैं। समय-समय पर हमारे विशेषज्ञ ऐसी चेतावनी देते रहे हैं कि वास्तव में धरती को पौष्टिक जैविक इत्यादि खाद चाहिए जिससे उसकी गुणवत्ता बनी रहे। इस चेतावनी का व्यापक असर तो नहीं हुआ परंतु […] Read more » Organic Farming जैविक खेती
खेत-खलिहान राष्ट्रीय समृद्धि के लिए कृषि प्रौद्योगिकी March 20, 2010 / December 24, 2011 by आशीष कुमार ‘अंशु’ | 3 Comments on राष्ट्रीय समृद्धि के लिए कृषि प्रौद्योगिकी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने देश को खाद्यान्न-संकट से उबार कर आत्मनिर्भर बनाने में उल्लेखनीय योगदान सन् 1905 में स्थापित होने से लेकर अब तक दिया है। संस्थान के क्रिया-कलापों को किसानों और जन-सामान्य तक पहुंचाने तथा यहां विकसित नवीनतम प्रौद्योगिकियों से उन्हें अवगत कराने हेतु इसी माह संस्थान में ‘कृषि विज्ञान मेला’ […] Read more » New Delhi नई दिल्ली भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
खेत-खलिहान जैव विविधता पर टूटता कहर March 20, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on जैव विविधता पर टूटता कहर धरती में पाई जाने वाली ”जैव विविधता” अनमोल सम्पदा है। इस सम्पदा के बारे में अधिकांश लोग परिचित नहीं हैं। जैव विविधता में प्रकृति का अनुपम सौंदर्य समाया हुआ है। वहीं जैव विविधता को संरक्षित कर हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बचाए हुए हैं। जैव विविधता का आर्थिक महत्व भी है, जो आज हो रहे […] Read more » Bio-diversity जैव विविधता
खेत-खलिहान खेतों से थाली तक पहुंचा ‘स्लो पॉयज़न’ March 18, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment कीटनाशकों और रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल से जहां कृषि भूमि के बंजर होने का खतरा पैदा हो गया है, वहीं कृषि उत्पाद भी जहरीले हो गए हैं। अनाज ही नहीं, दलहन, फल और सब्जियों में भी रसायनों के विषैले तत्व पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। इसके बावजूद अधिक उत्पादन की […] Read more » Slow poison कीटनाशक
आर्थिकी खेत-खलिहान गौ आधारित ग्रामीण विकास – हेमंत दुबे March 12, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on गौ आधारित ग्रामीण विकास – हेमंत दुबे कृषि में रसायनों का अनियंत्रित उपयोग मानव जगत के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य हेतु हानिकारक है। अनुसंधानों के तथ्य यह बताते हैं कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अनियंत्रित उपयोग से मानव स्वास्थ्य पर त्वरित एवं दूरगामी परिणाम होते हैं। जो मनुष्य इन रसायनों के सीधे संपर्क में आते हैं, उनमें त्वरित परिणाम देखने को […] Read more » Cow गौ ग्रामीण विकास