आशीष कुमार ‘अंशु’

हमने तमाम उम्र अकेले सफ़र किया हमपर किसी खुदा की इनायत नहीं रही, हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग रो-रो के बात कहने कि आदत नहीं रही।

भाषा के नाम पर संघर्ष खत्म होना चाहिएः अतुल कोठारी

नयी दिल्ली – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल एवं भारतीय भाषा मंच, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘ भारतीय भाषाओं की पत्रकारिता: चुनौतियां एवं समाधान‘‘ विषय पर काॅन्स्ट्रीटयूशन क्लब मे। एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

जागो हे! मतदाता – आशीष कुमार ‘अंशु’

‘अक्सर देखा जाता है कि बहुसंख्यक लोग मतदान को बड़े हल्के ढंग से लेते हैं। लोग बड़े अनमने ढंग से वोट देने चले जाते हैं। उन्हें ना प्रत्याशियों के बारे में अधिक पता होता है और ना वोट देते समय…