मीडिया विविधा जब संत व्यापारी हो जाए तो सवाल उठेंगे ही March 13, 2018 by अनिल द्विवेदी | 1 Comment on जब संत व्यापारी हो जाए तो सवाल उठेंगे ही ( पुण्य प्रसून बाजपेयी और बाबा रामदेव विवाद ) #योग गुरू बाबा रामदेव जी पर मेरी गहरी आस्था है इसलिए नही कि वे हिन्दु—संत हैं, गोयाकि देश—दुनिया में भारतीय योग और स्वदेशी का ब्राण्ड बन चुके हैं. बाजार पतंजलि के उत्पादों से इस कदर भर गया है कि हिंदुस्तान लिवर जैसी कंपनियों के छकके छूट […] Read more » Featured Ramdev and prasoon bajpai row टैक्स बचाने के लिए ट्रस्ट पुण्य प्रसून बाजपेयी प्रसून जी बस्तर के सांई रेडडी बाबा रामदेव विवाद मार्क टुली रवीश जी
मीडिया विविधा मीडिया का बदलता रूप एवं प्रभाव February 23, 2018 by विजय कुमार | Leave a Comment हिन्दी शब्द ‘माध्यम’ से अंग्रेजी में ‘मीडियम’ और मीडिया बना। एक जगह की बात या घटना को दूसरी जगह पहुंचाने में जो व्यक्ति या उपकरण माध्यम बनता है, वही मीडिया है। सृष्टि के जन्मकाल से ही किसी न किसी रूप में मीडिया का अस्तित्व रहा है और आगे भी रहेगा। इस सृष्टि में नारद जी […] Read more » Changing form and influence of media Changing form of media Featured influence of media media मीडिया मीडिया का प्रभाव मीडिया का बदलता रूप
मीडिया समाज न्यूज वल्र्ड के सोमालिया – यूथोपिया … !! February 13, 2018 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा सच पूछा जाए तो देश – दुनिया को खबरों की खिड़की से झांक कर देखने की शुरूआत 80 के दशक में दूरदर्शन के जमाने से हुआ था। महज 20 मिनट के समाचार बुलेटिन में दुनिया समेट दी जाती थी। अंतर राष्ट्रीय खबरों में ईरान – इराक का जिक्र केवल युद्ध और बमबारी […] Read more » Featured न्यूज वल्र्ड यूथोपिया सोमालिया
मीडिया टीआरपी की ख़बरों का मिडिया’ January 21, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार जब समाज की तरफ से आवाज आती है कि मीडिया से विश्वास कम हो रहा है या कि मीडिया अविश्वसनीय हो चली है तो सच मानिए ऐसा लगता कि किसी ने नश्चत चुभो दिया है. एक प्रतिबद्ध पत्रकार के नाते मीडिया की विश्वसनीयता पर ऐसे सवाल मुझ जैसे हजारों लोगों को परेशान करते […] Read more » blue whale games choti katwa Featured media TRP टीआरपी टीआरपी की ख़बर मिडिया
मीडिया विविधा आधार की सुरक्षा और सदुपयोग हम सब का उत्तरदायित्व January 11, 2018 by राजू पाण्डेय | 3 Comments on आधार की सुरक्षा और सदुपयोग हम सब का उत्तरदायित्व आधार से जुड़ी दो खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। एक खबर है कि आधार लिंकिंग के कारण देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मौजूद 80 हजार फर्जी शिक्षकों का पता चला है। दूसरी खबर एक अंग्रेजी समाचार पत्र के हवाले से आई है जिसके अनुसार ऐसे हैकर्स मौजूद हैं जो नाम मात्र की रकम […] Read more » Adhaar Featured The safety and usefulness of the adhaar The safety of the adhaar usefulness of the adhaar आधार आधार की सदुपयोग आधार की सुरक्षा
मीडिया विविधा साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव January 1, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ एक दौर था, जब साहित्य प्रकाशन के लिए रचनाकार प्रकाशकों के दर पर अपने सृजन के साथ जाते थे या फिर प्रकाशक प्रतिभाओं को ढूँढने के लिए हिन्दुस्तान की सड़के नापते थे, परंतु विगत एक दशक से भाषा की उन्नति और प्रतिभा की खोज का सरलीकरण सोशल मीडिया के माध्यम से […] Read more » Featured Impact of literature publication versus social media अखबार कल के गर्भ में मीडिया की भूमिका: कागज जानें कितना नुकसान होता है अख़बार के कागज के बनने पर …. भारत के गांवों में इंटरनेट की पहुंच भारत में इंटरनेट की पहुंच मीडिया की भूमिका वर्तमान में सोशल मीडिया का प्रभाव: सोशल मीडिया सोशल मीडिया का प्रसार सोशल मीडिया का प्रसार और भारत में इंटरनेट की पहुंच
मीडिया सोशल मीडिया : जगत सा अराजक या अराजकता का जगत December 31, 2017 by राजू पाण्डेय | Leave a Comment क्या सोशल मीडिया अत्यंत बुद्धिमत्तापूर्वक निर्मित किसी ऐसे मानव रचित चक्रवात या भूकम्प की तरह है जिसके केंद्र का पता लगाना संभव नहीं है? पता नहीं क्यों सोशल मीडिया को देखकर एडम स्मिथ के प्राकृतिक न्याय पर आदर्श बाजारवादी अर्थव्यवस्था के मॉडल की याद आती है जो आत्मनियंत्रण के द्वारा संचालित होने का दावा करता […] Read more » chaos in the world Featured Social Media The world of chaos पत्थरबाज सोशल मीडिया सोशल मीडिया को तुष्टीकरण का साधन
मीडिया पत्रकारिता: संकट में छिपा अवसर November 16, 2017 by राजू पाण्डेय | Leave a Comment पत्रकारिता वर्तमान में साहित्य की सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण, प्रभावकारी एवं संभावनाओं से भरी विधा है। यदि आपमें मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की अभिलाषा है तो साहित्य की उपलब्ध विधाओं में तो इससे बेहतर कोई विकल्प नहीं दिखता। साहित्य की अन्य विधाओं की संरचना ही इस प्रकार की है कि लाक्षणिकता और संकेतात्मकता उनकी आधारभूत […] Read more » Featured Journalism कॉरपोरेटीकरण कॉर्पोरेट पत्रकारिता टी. आर. पी. पत्रकारिता प्रिंट मीडिया भारतीय पत्रकारिता भारतीय स्वाधीनता संग्राम
मीडिया पत्रकारिता में भी ‘राष्ट्र सबसे पहले’ जरूरी August 6, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह मौजूदा दौर में समाचार माध्यमों की वैचारिक धाराएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। देश के इतिहास में यह पहली बार है, जब आम समाज यह बात कर रहा है कि फलां चैनल/अखबार कांग्रेस का है, वामपंथियों का है और फलां चैनल/अखबार भाजपा-आरएसएस की विचारधारा का है। समाचार माध्यमों को लेकर आम समाज का इस प्रकार […] Read more » authentication of journalism Featured Journalism journalism in favour of nation positive journalism पत्रकारिता पत्रकारिता की विश्वसनीयता विश्वसनीयता
मीडिया विविधा निजता-हनन के कानून July 26, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव व्हाट्सप की नई गोपनीय नीति से निजता के हनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार ने कहा कि निजी जानकारियों की सुरक्षा जीवन के अधिकार के दायरे में आता है। लिहाजा निजी डाटा को व्यावसायिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना गलत है। निजी जानकारी जीवन के अधिकार का ही एक पहलू […] Read more » Featured गोपनीय नीति जीन बैंक निजता-हनन निजता-हनन के कानून निजी डाटा व्हाट्सप व्हाट्सप की नई गोपनीय नीति
मीडिया पत्रकारिता की विश्वसनीयता : भरोसे का वज़न करता समाज July 17, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार इन दिनों भरोसा तराजू पर है. उसका सौदा-सुलह हो रहा है. तराजू पर रखकर उसका वजन नापा जा रहा है. भरोस कम है या ज्यादा, इस पर विमर्श चल रहा है. यह सच है कि तराजू का काम है तौलना और उसके पलड़े पर जो भी रखोगे, वह तौल कर बता देगा लेकिन […] Read more » Featured पत्रकारिता पत्रकारिता की विश्वसनीयता विश्वसनीयता
मीडिया विविधा सोशल मीडिया पर मधुर संवाद July 11, 2017 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान सम्प्रति सोशल मीडिया पर दो तरह के लोग सक्रिय हैं। एक वे जो लिखते हैं और दूसरे जो बकते हैं। लिखने वाले लोग अच्छा भी लिखते हैं और बुरा भी. लेकिन बकने वाले लोग बस बकते हैं। और जो वे बकते हैं, वे अपने से असहमत लोगों से बड़ी मधुरता से संवाद करते […] Read more » मधुर संवाद सोशल मीडिया