राजनीति भारत ही दुनिया में मानव-एकता को बल देने में सक्षम December 19, 2023 / December 19, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस- 20 दिसम्बर 2023 पर विशेष-ः ललित गर्ग:- विविधता में एकता दर्शाने, मानवीय मूल्यों को बल देने, विभिन्न सरकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए समझौतों को याद दिलाने, लोगों के बीच एकजुटता के महत्व को बताने, सतत विकास के लिए लोगों, सरकारों को प्रेरित करने, गरीबी को मिटाने के नए रास्ते खोजने एवं लोगों को […] Read more » Only India is capable of strengthening human unity in the world.
राजनीति अल्पसंख्यकों को नहीं बांटें और सत्य को नहीं ढकें December 18, 2023 / December 18, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment अल्पसंख्यक अधिकार दिवस- 18 दिसम्बर 2023– ललित गर्ग- अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पहली बार 18 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाया गया था। भारत में, इस दिन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। यह दिवस राष्ट्रीय या जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों से संबंधित व्यक्तियों के अधिकारों की […] Read more » अल्पसंख्यक अधिकार दिवस
आर्थिकी राजनीति अब भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण भी पहुंचा विश्व में पांचवे स्थान पर December 18, 2023 / December 18, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत आज विश्व के कई देशों को विभिन्न क्षेत्रों में राह दिखाता नजर आ रहा है। अभी हाल ही में भारतीय शेयर (पूंजी) बाजार, नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज, ने 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के पूंजीकरण के स्तर को पार कर लिया है। विदेशी निवेशक एवं विदेशी संस्थान जो माह सितम्बर 2023 तक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे थे, अब अचानक भारी मात्रा में भारतीय शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं। आज कई बार तो एक दिन में 5000 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि का निवेश इन विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार में किया जा रहा है। नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज पर लिस्टेड समस्त कम्पनियों (निफ्टी) का कुल बाजार पूंजीकरण 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर अथवा 335 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर गया है। पिछले 10 वर्षों के दौरान इन कम्पनियों का पूंजीकरण 17.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की संयोजित (कंपाऊडेड) दर से बढ़ा है। भारतीय शेयर बाजार के विकास की यह रफ्तार अभी भी जारी है और कलेंडर वर्ष 2023 के अभी तक के कार्यकाल के दौरान निफ्टी पर रजिस्टर्ड कम्पनियों के पूंजीकरण, 55 लाख करोड़ रुपए (11 प्रतिशत) से बढ़ चुका है। पिछले केवल 3 माह के दौरान भारतीय कम्पनियों का निफ्टी पर पूंजीकरण 8.82 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो कि विश्व के 10 सबसे बड़े शेयर बाजार में सबसे अधिक तेज गति से बढ़ा है। आज भारत विश्व के शेयर बाजार के पूंजीकरण में 3.61 प्रतिशत का योगदान कर रहा है जो जनवरी 2023 में 3.37 प्रतिशत था। नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज पर लिस्टेड समस्त कम्पनियों के कुल बाजार पूंजीकरण का स्तर 2 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर जुलाई 2017 में पहुंचा था और लगभग 4 वर्ष पश्चात अर्थात मई 2021 में 3 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया था तथा केवल लगभग 2.5 वर्ष पश्चात अर्थात दिसम्बर 2023 में यह 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को भी पार कर गया है। भारत शेयर बाजार पूंजीकरण के मामले में आज पूरे विश्व में पांचवे स्थान पर आ गया है। प्रथम स्थान पर अमेरिकी शेयर बाजार है, जिसका पूंजीकरण 47.78 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है। पूरे विश्व में अमेरिकी शेयर बाजार का योगदान, शेयर के पूंजीकरण के मामले में, 44.74 प्रतिशत है और अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद का अमेरिकी शेयर बाजार का पूंजीकरण 188 प्रतिशत है। द्वितीय स्थान पर चीन का शेयर बाजार है जिसका पूंजीकरण 9.73 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इस वर्ष 2023 में चीन के शेयर बाजार ने अपने निवेशकों को रिणात्मक प्रतिफल दिए हैं। पूरे विश्व में चीन के शेयर बाजार का योगदान 9.12 प्रतिशत है और चीन के सकल घरेलू उत्पाद का चीनी शेयर बाजार का पूंजीकरण केवल 54 प्रतिशत है। तीसरे स्थान पर जापान का शेयर बाजार है जिसका पूंजीकरण 6.02 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है। पूरे विश्व में जापान के शेयर बाजार का योगदान 5.64 प्रतिशत है और जापान के सकल घरेलू उत्पाद का जापान के शेयर बाजार का पूंजीकरण 142 प्रतिशत है। चौथे स्थान पर हांगकांग का शेयर बाजार है जिसका पूंजीकरण 4.78 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है। पूरे विश्व में हांगकांग के शेयर बाजार का योगदान 4.48 प्रतिशत है और हांगकांग के सकल घरेलू उत्पाद का हांगकांग शेयर बाजार का पूंजीकरण 1329 प्रतिशत है। जबकि भारत, फ्रान्स एवं ब्रिटेन के शेयर बाजार को पछाड़कर पांचवे स्थान पर आ गया है। आज भारत के शेयर बाजार का पूंजीकरण 4.10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है। पूरे विश्व में भारत के शेयर बाजार का योगदान 3.61 प्रतिशत है और भारत के सकल घरेलू उत्पाद का भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण 114 प्रतिशत है। जिस तेज गति से भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण आगे बढ़ रहा है, अब ऐसी उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण हांगकांग शेयर बाजार के पूंजीकरण को पीछे छोड़ते हुए पूरे विश्व में चौथे स्थान पर आ जाएगा। केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों द्वारा कई बार यह आरोप लगाया जाता है कि भारत में सरकारी उपक्रमों को समाप्त किया जा रहा है। जबकि पिछले 27 माह के खंडकाल के दौरान सरकारी उपक्रमों का पूंजीकरण शेयर बाजार में दुगना होकर 46.40 लाख करोड़ रुपए का हो गया है। सरकारी उपक्रमों ने अपने बाजार पूंजीकरण में इस अवधि में अतुलनीय वृद्धि दर्ज की है। बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेंज का सेन्सेक्स पिछले 27 माह में 60,000 के स्तर से 70,000 के स्तर को पार कर गया है। इन सरकारी उपक्रमों के कोरपोरेट गवर्नन्स में भारी सुधार हुआ है, जिसके चलते न केवल विदेशी निवेशकों का बल्कि भारत के संस्थागत निवेशकों एवं खुदरा निवेशकों का भी विश्वास इन सरकारी उपक्रमों पर बढ़ा है। केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक क्षेत्र में लगातार लागू किए जा रहे विभिन्न सुधार कार्यक्रमों के चलते विदेशी संस्थागत निवेशक, विदेशी खुदरा निवेशक एवं विदेशों में निवास कर रहे भारतीय मूल के नागरिक भी भारतीय कम्पनियों में भारी मात्रा में शेयर बाजार के माध्यम से निवेश कर रहे हैं। हालांकि हाल ही के समय में भारतीय कम्पनियों की लाभप्रदता में भी अतुलनीय वृद्धि दृष्टिगोचर हुई है जिससे इन कम्पनियों के विभिन वित्तीय रेशीओ बहुत आकर्षक बन गए हैं। जबकि चीन, हांगकांग, जर्मनी, जापान जैसे शेयर बाजार अपने निवेशकों को रिणात्मक अथवा बहुत कम रिटर्न दे पा रहे हैं। कई विदेशी संस्थान निवेशक तो चीन, हांगकांग आदि देशों से अपना पूंजी निवेश निकालकर भारतीय शेयर बाजार में कर रहे हैं। इससे आगे आने वाले समय में भी भारतीय शेयर बाजार में वृद्धि दर आकर्षक बनी रहेगी, इसकी भरपूर सम्भावना व्यक्त की जा रही है। ऐसा कहा जाता है कि शेयर बाजार में निवेशक अपनी जमापूंजी का निवेश बहुत सोच विचार कर करता है एवं जब निवेशकों को यह आभास होने लगता है कि अमुक कम्पनी का भविष्य बहुत उज्जवल है एवं निवेशक द्वारा किए गए निवेश पर प्रतिफल अधिकतम रहने की सम्भावना है, तभी निवेशक अपनी जमापूंजी को शेयर बाजार में उस अमुक कम्पनी में निवेश करते है। इस प्रकार, जब किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर निवेशकों का भरोसा बढ़ता हुआ दिखाई देता है तो विशेष रूप से विदेशी निवेशक एवं विदेशी निवेशक संस्थान उस देश में विभिन्न कम्पनियों के शेयर में अपनी निवेश बढ़ाते हैं। चूंकि विदेशी संस्थानों को आगे आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पर एवं भारतीय कम्पनियों की विकास यात्रा पर भरपूर भरोसा है अतः भारतीय शेयर बाजार में निवेश भी रफ्तार पकड़ रहा है। प्रहलाद सबनानी Read more »
पर्यावरण राजनीति लेख जीवाश्म ईंधन पर नियंत्रण के उपायों तक सिमटा दुबई जलवायु सम्मेलन December 18, 2023 / December 18, 2023 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- दुबई में संपन्न हुआ कॉप-28 सम्मेलन प्रमोद भार्गव धरती पर रहने वाले जीव-जगत पर करीब तीन दशक से जलवायु परिवर्तन के वर्तमान और भविष्य में होने वाले संकटों की तलवार लटकी हुई है। मनुष्य और जलवायु बदलाव के बीच की दूरी निरंतर कम हो रही है। अतएव इस संकट से निपटने के उपायों को […] Read more » cop 28 Dubai climate conference limited to measures to control fossil fuels दुबई जलवायु सम्मेलन
राजनीति आमजन के सपनों को साकार करता मोदी का सुशासन December 18, 2023 / December 18, 2023 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल के दस वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। उन्होंने 26 मई, 2014 को प्रथम बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के पश्चात घोषणा की थी कि उनकी सरकार जनहित के लिए तथा अन्तयोदय के लिए कार्य करेगी। उन्होंने अपनी घोषणा में जो शब्द कहे, […] Read more » मोदी का सुशासन
राजनीति संसद में धुंआ : कहीं साजिश तो नहीं? December 18, 2023 / December 18, 2023 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी लोकतंत्र में सरकार की कार्यप्रणाली से सहमत या असहमत होना एक जायज प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। रचनात्मक विरोध होना लोकतंत्र को और भी अधिक मजबूत बनाने का कार्य करता है। लेकिन अभी हाल ही में लोकसभा के अंदर जिस प्रकार से कुछ लोगों ने विरोध किया, उसे लेकर कई प्रकार के […] Read more » Smoke in Parliament
राजनीति संसद में धन लेकर सवाल पूछने की सजा December 15, 2023 / December 15, 2023 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ:महुआ मोइत्रा का संसद की सदस्यता से निष्कासन प्रमोद भार्गव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा को पैसे के बदले प्रश्न पूछने के मामले में अनैतिक और अशोभनीय आचरण के लिए सत्रहवीं लोकसभा की सदस्यता से निष्काषित कर दिया गया।संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मोइत्रा के निष्कासन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, […] Read more » Mahua Moitra Punishment for asking questions about money in Parliament
राजनीति अनुच्छेद 370 और बाल्मीकि समाज December 15, 2023 / December 15, 2023 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारत सरकार ने 2019 को भारतीय संविधान में से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था । इसका मोटे तौर पर राज्य के सभी लोगों ने स्वागत किया था । स्वागत करने वालों में गुज्जर , दरदी, बलती , पुरकी के […] Read more » Article 370 and Valmiki Samaj
राजनीति कांग्रेस के लिए ताज़ा चुनावों के संकेत December 15, 2023 / December 15, 2023 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , राजस्थान , तेलांगना और मिज़ोरम समेत पाँचों राज्यों की विधान सभाओं के लिए ुए चुनावों के नतीजे दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में आ गए थे । ये चुनाव 2023 में होने वाले चुनावों के अंतिम चुनाव कहे जा सकते हैं । इसके कुछ महीने बाद ही […] Read more » Fresh election signals for Congress
राजनीति ‘स्व’ आधारित राष्ट्रबोध और शत्रुबोध के साथ समाज जीवन में आगे बढ़ें December 15, 2023 / December 15, 2023 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल कैलेण्डर वर्ष 2023 लगभग अपनी पूर्णता की बेला में आ पहुंचा है । वर्ष भर हम सबने व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक जीवन में अनेकानेक उतार चढ़ाव देखे हैं। देश और समाज को विभिन्न संकटों का निवारण और संकटों पर विजय प्राप्त करते हुए देखा है।अनेकानेक उपलब्धियां देश के हिस्से में […] Read more » Move ahead in social life with 'self' based nationalism and enemy awareness
राजनीति शख्सियत समाज दूध बेचा और किराये के घर में रहे, अब भजनलाल शर्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री December 15, 2023 / December 15, 2023 by राकेश दुबे | Leave a Comment -राकेश दुबे राजस्थान में भजनलाल शर्मा बीजेपी के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल कलराज मिश्र ने उनको पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने शर्मा के साथ उनके सहयोगी के रूप में दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। कभी अटारी गांव में दूध बेचने वाले और भरतपुर […] Read more »
आर्थिकी राजनीति अयोध्या में प्रभु श्रीराममंदिर निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख December 15, 2023 / December 15, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अंततः वह घड़ी भी बहुत करीब आ पहुंची है, जिसका इंतजार हिंदू धर्मावलंबी पिछले लगभग 500 वर्षों से कर रहे हैं। 5 अगस्त 2020 को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी ने पूजनीय संत मंडल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सर संघचालक श्री मोहन जी भागवत के सानिध्य में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी थी। अब दिनांक 22 जनवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ही पूज्य संत मंडल एवं परम पूजनीय सर संघचालक श्री मोहन जी भागवत की उपस्थिति में अयोध्या में नव निर्मित प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन करने जा रहे हैं। भारत ही क्या बल्कि पूरे विश्व में ही हिंदू धर्मावलंबी अति उत्साहित हैं एवं पूरे भारत में वातावरण राममय होने जा रहा है। अयोध्या में निर्माणरत श्रीराम मंदिर पूरे विश्व में निवासरत हिंदू धर्मावलम्बियों के लिए न केवल विशाल आस्था के एक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है बल्कि यह देश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त लाभ होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। हाल ही में सम्पन्न दीपावली त्यौहार के शुभ अवसर पर अयोध्या में 22.23 लाख दिए जलाए गए थे, यह अपने आप में एक गिनीज विश्व रिकार्ड के रूप में माना जा रहा है। वर्तमान में 2.5 करोड़ पर्यटक प्रतिवर्ष अयोध्या में पहुंचते हैं। प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो जाने के पश्चात पर्यटकों की यह संख्या 10 गुना तक बढ़ सकती है अर्थात 25 करोड़ पर्यटक प्रतिवर्ष अयोध्या में आ सकते हैं। एक पर्यटक यदि अयोध्या में रहते हुए 2000 रुपए का खर्च भी करता है तो 50,000 करोड़ रुपए का व्यापार अकेले अयोध्या में प्रतिवर्ष होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ ही पूरे वर्ष भर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कई प्रकार के भव्य समारोह भी अयोध्या में आयोजित होने लगेंगे, इससे कुल मिलाकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ रुपए का व्यापार केवल अयोध्या में ही होने लगेगा। अयोध्या में होटल और रिजोर्ट का निर्माण करने हेतु 20 प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को प्राप्त हो चुके हैं, इनमे कई फाइव स्टार होटल भी शामिल हैं। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधारभूत ढांचा एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी विकसित किया जा रहा है। अयोध्या रेल्वे स्टेशन को विकसित कर लिया गया है। उक्त वर्णित व्यवस्थाओं के विकसित होने के पश्चात अयोध्या में बढ़ने वाले धार्मिक पर्यटन से लाखों की संख्या में नए रोजगार के अवसर निर्मित होने जा रहे हैं। प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने से स्थानीय स्तर पर छोटे छोटे व्यवसायियों को भी अपार आर्थिक लाभ होगा। धर्मशाला, होटल, यातायात व्यवस्था, खाद्य सामग्री, फल, फूल आदि अन्य कई प्रकार के पदार्थों की मांग बढ़ेगी, जिसकी आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई प्रकार के छोटे छोटे उद्योग धंधे भी अयोध्या के आस पास के गावों में विकसित होंगे। फल, सब्जी, फूल आदि पदार्थों की पैदावार भी ग्रामीण इलाकों में होने लगेगी जिससे इस क्षेत्र के किसानों को भी भरपूर लाभ होने लगेगा। अपने आप में अयोध्या आस्था के केंद्र के साथ साथ एक वाणिज्यिक केंद्र के रूप में भी विकसित होने जा रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम तो अपने मंदिर में बिराजेंगे ही, साथ ही इस क्षेत्र में निवास कर रहे नागरिकों को भी आर्थिक रूप से अत्यधिक लाभ होने जा रहा है। अयोध्या में पूरे विश्व से पर्यटकों के आने से उत्तरप्रदेश की अर्थव्यवस्था को तो जैसे पंख ही लग जाएंगे। भारत में अयोध्या की तर्ज पर ही अन्य धार्मिक स्थल भी विकसित किए गए हैं। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कोरिडोर विकसित किया जा चुका है। गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है। पावागढ़ गुजरात में ही मां कालका मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम प्रोजेक्ट पर भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उज्जैन में महाकाल कोरिडोर का निर्माण हुआ है। असम में माता कामाख्या कोरिडोर बन रहा है। पूरे भारत में ही धार्मिक स्थलों को विकसित कर देश में धार्मिक एवं क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के पर्यटन मंत्रालय के एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2021-22 में भारत में पर्यटन गतिविधियों से 1.34 लाख करोड़ रुपए की आय हुई है, जबकि वर्ष 2020-21 में धार्मिक पर्यटन से 65,000 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस प्रकार भारत में विकसित किए विभिन्न धार्मिक स्थलों के कारण पर्यटन की गतिविधियों से आय मात्र एक वर्ष के अंतराल में ही दोगुनी से भी अधिक हो गई है। सेंटर फोर सोशल इम्पैक्ट एंड फिलान्थ्रोपी के अनुसार, वर्ष 2021-22 के दौरान भारत में विभिन्न मंदिरों को मिलने वाला घरेलू दान 14 प्रतिशत बढ़कर 27,000 करोड़ रुपए का हो गया है। जबकि, वर्ष 2020-21 में 23,700 करोड़ रुपए का दान विभिन्न मंदिरों को प्राप्त हुआ था। विशेष रूप से वाराणसी में काशी विश्वनाथ कोरिडोर के विकसित किए जाने के बाद से काशी विश्वनाथ मंदिर को मिलने वाला दान 500 प्रतिशत बढ़ गया है। वर्ष 2021-22 में काशी विश्वनाथ मंदिर को 100 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ था। साथ ही, इस दौरान वाराणसी में धार्मिक पर्यटन भी 1000 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी प्रकार, उज्जैन में महाकाल कोरिडोर के विकसित होने के पश्चात बाबा महाकाल मंदिर में धार्मिक पर्यटन 1800 प्रतिशत बढ़ा है। इन धार्मिक स्थलों पर पर्यटन बढ़ने से चूंकि व्यापार बढ़ रहा है अतः इन क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। अब तो वृंदावन में भी बांके बिहारी कोरिडोर विकसित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं का बांके बिहारी मंदिर में पहुंचना आसान हो सके। विशेष रूप से प्रभु श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या में केवल एक भव्य मंदिर बनाने की परिकल्पना नहीं की गई है बल्कि भव्य मंदिर के साथ साथ विशाल पुस्तकालय, संग्रहालय, अनुसंधान केंद्र, वेदपाठशाला, यज्ञशाला, सत्संग भवन, धर्मशाला, प्रदर्शनी, आदि को भी विकसित किया जा रहा है, ताकि आज की युवा पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के काल पर अनुसंधान करने में आसानी हो। प्रभु श्रीराम के मंदिर को राष्ट्र मंदिर भी कहा जा रहा है क्योंकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को यह मंदिर भारतीय सनातन संस्कृति की पहचान कराएगा। पूरे विश्व में यह मंदिर हिन्दू सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए आस्था का केंद्र बनने जा रहा है अतः यहां पूरे विश्व से सैलानियों का लगातार आना बना रहेगा। यह मंदिर पूरे विश्व में हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र बनने के साथ साथ पर्यटन के एक विशेष केंद्र के रूप में भी विकसित होने जा रहा है, इसलिए प्रभु श्रीराम की कृपा से करोड़ों व्यक्तियों की मनोकामनाओं की पूर्ति के साथ साथ लाखों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रहलाद सबनानी Read more »