राजनीति समाज लव जिहाद और राणा जैसे बयान दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करते है। November 3, 2020 / November 3, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment रात हलाला नेक है, उठते नहीं सवाल ! राम नाम की दक्षिणा,पर क्यों कटे बवाल !!लव जिहाद और राणा जैसे बयान दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करते है। यह किसी एक राज्य, देश या समुदायों तक सीमित नही बल्कि विश्व्यापी समस्या बनता जा रहा है और इस कुचक्र का शिकार मासूम लड़कियां ही नहीं […] Read more » love jihad Statements like Love Jihad and Rana create hatred between the two communities. लव जिहाद और राणा
आर्थिकी राजनीति ग़रीबी रेखा को पुनर्निर्धारित करने का समय अब आ गया है November 2, 2020 / November 2, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों की संख्या में भारी कमी देखने में तो आई है परंतु क्या उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मकान की सुविधायें ठीक तरीक़े से उपलब्ध हो पा रही हैं एवं क्या सरकार द्वारा इन मदों पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को ग़रीबी आंकने का पैमाने […] Read more » reschedule the poverty line The time has come to reschedule the poverty line ग़रीबी रेखा को पुनर्निर्धारित
राजनीति ये ‘चिराग़’ कोई चिराग़ है,न जला हुआ न बुझा हुआ ? November 2, 2020 / November 2, 2020 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment Read more » चिराग़
राजनीति पाक ने कराया था पुलवामा आतंकी हमला November 1, 2020 / November 7, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले का सच आखिरकार पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री फवाद चौधरी ने पाक की भरी संसद में उगल दिया। घमंड में इतराते चौधरी ने कहा कि ‘पुलवामा हमला प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में किया गया था। यह पाक की बड़ी कामयाबी थी।’ जबकि आर्थिक प्रतिबंधों […] Read more » Pak had done the Pulwama terror attack पुलवामा आतंकी हमला बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक
राजनीति लगातार महंगे होते चुनावों की त्रासदी! October 31, 2020 / October 31, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-चुनाव जनतंत्र की जीवनी शक्ति है। यह राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिम्ब होता है। जनतंत्र के स्वस्थ मूल्यों को बनाए रखने के लिए चुनाव की स्वस्थता, पारदर्शिता और उसकी शुद्धि अनिवार्य है। चुनाव की प्रक्रिया गलत होने पर लोकतंत्र की जड़े खोखली होती चली जाती हैं। चुनाव प्रक्रिया महंगी एवं धन के वर्चस्व वाली होने […] Read more » election getting costlier The tragedy of elections becoming increasingly expensive! लगातार महंगे होते चुनाव
राजनीति शख्सियत सदैव सादगी भरा रहा सरदार पटेल का जीवन October 31, 2020 / November 2, 2020 by श्वेता गोयल | Leave a Comment सरदार पटेल जयंती (31 अक्तूबर) पर विशेष – श्वेता गोयल 31 अक्तूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में एक किसान परिवार में जन्मे सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री और पहले उप-प्रधानमंत्री थे। उन्होंने गांधी जी के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके जीवन से जुड़े अनेक […] Read more » सरदार पटेल का जीवन सादगी भरा रहा सरदार पटेल का जीवन
राजनीति शख्सियत राष्ट्रीय एकता के प्रति सरदार पटेल की निष्ठा October 31, 2020 / November 2, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल राजनीतिक और कूटनीतिक क्षमता का परिचय देते हुए स्वतंत्र भारत को एकजुट करने का असाधारण कार्य बेहद कुशलता से सम्पन्न करने के लिए जाने जाते रहे सरदार पटेल की जयंती 31 अक्तूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाई जाती है। यह दिवस मनाए जाने की शुरूआत 31 अक्तूबर […] Read more » Sardar Patel loyalty towards national unity राष्ट्रीय एकता सरदार पटेल
राजनीति शाहबानों से शाहीन बाग तक मातृशक्ति की गलत व्याख्या October 30, 2020 / October 30, 2020 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment संदर्भ: सोनियाजी का प्रकाशित लेख सोनिया गांधी ने पिछले दिनों एक राष्ट्रीय समाचार पत्र मे एक लेख लिखा है। इस लेख मे वैसे तो कई कई विडंबनापूर्ण बाते हैं किंतु मैं मुख्यतः दो विषयों पर केंद्रित कर पाया हूं। एक देश मे लोकतंत्र की हत्या व दूजा विषय है देश की समूची मातृशक्ति की अस्मिता, कार्यक्षमता […] Read more » Misinterpretation of mother power from shahbans to shaheen bagh मातृशक्ति की गलत व्याख्या शाहबानों से शाहीन बाग तक सोनिया गांधी
राजनीति लेख आधुनिक भारत निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका October 30, 2020 / October 30, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment (सरदार पटेल के जन्मदिवस 31 अक्तूबर पर विशेष) प्रभुनाथ शुक्ल सरदार वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व आधुनिक भारत का राष्ट्रवादी चेहरा है। जब हम भारत की बात करते हैं तो इतिहास का अध्ययन ‘सरदार’ के बगैर अधूरा है। ‘सरदार’ शब्द स्वयं में विराट और सम्पूर्णता […] Read more » सरदार पटेल सरदार पटेल के जन्मदिवस 31 अक्तूबर
राजनीति तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्ति की और असम October 30, 2020 / October 30, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment असम सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि अगले माह यानी नवंबर में वो राज्य में राज्य संचालित सभी मदरसों और संस्कृत टोल्स या संस्कृत केंद्रों को बंद करने संबंधी एक अधिसूचना लाने जा रही है।इस फैसले के अंतर्गत असम सरकार द्वारा संचालित या फिर यूँ कहा जाए, सरकार द्वारा फंडेड मदरसों और […] Read more » असम तुष्टिकरण की राजनीति मदरसाज इन द ऐज ऑफ इस्लामोफोबिया
राजनीति 370 की बहाली बनाम राष्ट्रविरोधी एजेंडा October 29, 2020 / October 29, 2020 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on 370 की बहाली बनाम राष्ट्रविरोधी एजेंडा प्रमोद भार्गव फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने नजरबंदी से बाहर आते ही देश-विरोधी बयान देकर अलगाववाद को फिर से सींचना शुरू कर दिया है। यही नहीं इन दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए बहाली की मांग उठाकर कश्मीर आधारित क्षेत्रीय दलों व सियासी गुटों के क्षत्रपों का गठबंधन भी बना लिया […] Read more » 370 resumption vs. anti-national agenda 370 की बहाली आधार जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 नियंत्रक और महालेखक परीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम मुस्लिम महिला सरंक्षण अधिनियम मुस्लिम विवाह विच्छेद राष्ट्रविरोधी एजेंडा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व्हिसल ब्लोअर शत्रु संपत्ति कानून शिक्षा का अधिकार सूचना का अधिकार
राजनीति सबको जन्नत नसीब होने पर कश्मीर के खुराफाती बेचैन क्यों है ? October 29, 2020 / October 29, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment —-प्रियंका सौरभ हाल ही में केंद्र ने भारतीय नागरिकों के लिए संविधान के अनुच्छेद 370 और 35A के निरस्त होने के एक साल बाद कई कानूनों में संशोधन करके जम्मू-कश्मीर में सभी भारतीयों के जमीन खरीदने का तोहफा दिया है। पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को निरस्त करने से पहले, […] Read more » कश्मीर के खुराफाती बेचैन फारूख अब्दुल्ला महबूबा मुफ़्ती