राजनीति बिहार में चुनाव सुधार और मतदाता पुनरीक्षण : लोकतंत्र की मजबूती बनाम सियासत की चाल August 4, 2025 / August 4, 2025 by अशोक कुमार झा | Leave a Comment अशोक कुमार झा लोकतंत्र की असली ताक़त मतदाता होता है। मतदाता का अधिकार केवल एक पर्ची या बटन दबाने तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव का प्रतीक है। लेकिन जब मतदाता सूची ही त्रुटिपूर्ण, अधूरी और संदिग्ध हो, तो लोकतंत्र की पूरी इमारत खोखली हो जाती है। बिहार—जो हिंदुस्तान की राजनीति का धड़कता दिल माना जाता है—आज इसी चुनौती से जूझ […] Read more » Election reform and voter revision in Bihar: Strengthening of democracy versus political tactics बिहार में चुनाव सुधार
राजनीति टैरिफ दादागिरी के बीच ‘स्वदेशी’ एक जनक्रांति बने August 4, 2025 / August 4, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – वाराणसी में अपने लोकसभा क्षेत्र से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया है कि वे संकल्प लें कि अपने घर स्वदेशी सामान ही लाएंगे। उनका यह आह्वान न केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘दबाव की राजनीति’ और ‘टैरिफ की दादागिरी’ का माकूल जबाव है बल्कि भारत […] Read more » ‘स्वदेशी’ एक जनक्रांति बने
राजनीति भारत में मांसाहारी दुग्ध उत्पाद और चारा बेचना चाहता है अमेरिका August 4, 2025 / August 4, 2025 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऊल-जलूल टैरिफ संबंधी घोषणाएं करके भारत पर बेवजह दबाव बनाने में लगे हैं। उन्होंने 1 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एकतरफा निर्णय ले लिया है। यही नहीं ट्रंप ने रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने की वजह से अतिरिक्त जुर्माना लगाने की बात भी कही है। यह टैरिफ […] Read more » America wants to sell non-vegetarian dairy products and feed in India मांसाहारी दुग्ध उत्पाद और चारा
राजनीति विधि-कानून बिहार को लेकर ‘सुप्रीम’ निर्णय August 1, 2025 / August 8, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment बिहार विधानसभा का चुनाव के दृष्टिगत सभी के भीतर इस बात को लेकर कौतूहल है कि वहां सरकार का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार अगली बार फिर सत्ता में लौटेंगे या नहीं ?दूसरे, यहां मोदी का जादू चलता है या नहीं? तीसरे, लालू की लालटेन यहां जलेगी या फिर राहुल गांधी कुछ विशेष कर पाएंगे […] Read more » 'Supreme' decision regarding Bihar
राजनीति हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता August 1, 2025 / August 1, 2025 by राकेश सैन | Leave a Comment राकेश सैन आपरेशन सिन्दूर पर संसद में हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि ‘मैं गर्व से कह सकता हूं कि कोई भी हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।’ गृहमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए उसने भगवा आतंकवाद का झूठा सिद्धान्त बनाया। कांग्रेस ने बहुसंख्यक समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की लेकिन भारत की जनता ने इस झूठ को नकार दिया। शाह के इस बयान के बाद चर्चा छिड़ी है कि उन्होंने आखिर ऐसा दावा कैसे कर दिया कि हिन्दू कभी आतंकी नहीं हो सकता? पूछा जा रहा है कि उन्होंने भावावेश में आकर अतकथनी कर दी या हिन्दू अस्मिता के प्रेम में फंस कर ये दावा कर दिया? अमित शाह का उक्त कथन उन लोगों के तो गले बिल्कुल नहीं उतर रहा जो अभी तक इसी विमर्श को पल्लवित- पोषित करते आ रहे हैं कि ‘आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता’, तो फिर कैसे हिन्दुओं को इस मामले में एकतरफा चरित्र प्रमाणपत्र दिया जा रहा है? निष्पक्ष हो कर अमित शाह के ब्यान को जांचा-परखा जाए तो सामने आता है कि इसमें न तो अतिरंजना है न मनोवेश या अतिश्योक्ति, बल्कि यह एतिहासिक सत्य, भारत-भूमि पर पनपा प्रमाणिक हिमालयी तथ्य है कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। आइए सबसे पहले जानें कि आतंकवाद आता कहां से है, इसका वीर्य क्या है? असल में विश्व में ईश्वर को लेकर दो तरह की अवधारणाएं या मार्ग हैं, एक सनातन व दूसरा सेमेस्टिक या सामी। सभी मार्ग सम्मानित हैं, पर इनमें मौलिक अन्तर हैं। सेमेस्टिक मजहब में ईश्वर का एक निश्चित संदेशवाहक या पैगम्बर या दूत, एक ही धर्म ग्रन्थ रहता है-जैसे इस्लाम, ईसाई व यहूदी मजहब। उक्त सभी मजहब अपने- अपने पैगम्बर को ईश्वर का अंतिम दूत और अपने-अपने धर्म ग्रन्थों में वर्णित बातों को ही ईश्वर का अंतिम सन्देश मानते हैं। सामी मजहब वाले केवल ऐसा मानते ही नहीं बल्कि अपने पैगम्बर व ग्रन्थों की बातों को दूसरे से श्रेष्ठ मानते हुए उन पर थोपने का प्रयास भी करते हैं। धीरे-धीरे इनके अनुयायियों में श्रेष्ठता की यही ग्रन्थी केवल मजहबी उन्माद तक ही सीमित नहीं रहती बल्कि रहन-सहन, खान-पीन, भाषा-वाणी अर्थात जीवन के हर क्षेत्र को संक्रमित कर देती है। दूसरे को हीन समझ उस पर अपने विचार व आस्था लादने के लिए कोई क्रूसेड करता है तो कोई जिहाद। दुनिया में ईसाईयत व इस्लाम के नाम पर जो अत्याचार, हिंसा, खूनखराबा हुआ सभी इसी श्रेष्ठता की ग्रंथि के संक्रमण के चलते हुआ। दूसरे की आस्था के प्रति असम्मान, हिकारत, तिरस्कार में ही आतंकवाद के बीज छिपे रहते हैं। मध्ययुग में ईसाईयत के नाम पर आतंकवाद फैला परन्तु पश्चिमी समाज में आई नवचेतना के चलते इसने रूप बदल कर सेवा व लालच का ले लिया परन्तु इस्लाम के प्रचार-प्रसार का अमानवीय ढंग निरंतर जारी रहा, जिसे आज इस्लामिक आतंकवाद कहा जाने लगा है। आज ईसाई मिशनरी सेवा व लालच के बल पर धर्मपरिवर्तन करते हैं और जिहादी बंदूक की नोक पर, दोनों का लक्ष्य एक ही है कि अपने-अपने मजहबों की संख्या बढ़ाना चाहे साधन अलग-अलग हैं। इस्लामिक जिहाद की तरह अगर ईसाईयों की सेवा व प्रलोभन के प्रपंचों को भी आतंकवाद का नाम दे दिया जाए तो कोई विषय भटकाव नहीं होगा। सामी मजहबों के विपरीत दूसरी विचारधारा है सनातन जिसे हिन्दू धर्म भी कहते हैं। ‘श्री अरविन्द की दृष्टि में हिन्दू धर्म और सामी मजहब’ पुस्तक में महर्षि अरविन्द कहते हैं-‘‘जिस धार्मिक संस्कृति को हम आज हिन्दू धर्म के नाम से पुकारते हैं, उसने अपना कोई नाम नहीं रखा क्योंकि उसने स्वयं अपनी कोई साम्प्रदायिक सीमा नहीं बांधी। उसने सारे संसार को अपना अनुयायी बनाने का कोई दावा नहीं किया, किसी एकमात्र निर्दोष सिद्धांत की प्रस्थापना नहीं की, मुक्ति का कोई एक ही संकीर्ण पथ या द्वार निश्चित नहीं किया। वह कोई मत या पन्थ की अपेक्षा कहीं अधिक मानवआत्मा के ईश्वरोन्मुख प्रयास की एक सतत् विकासशील परम्परा है।’’ सनातन का विचार है ‘एकम सत विप्रा बहुधा वदन्ति’ अर्थात सत्य एक है जिसे विद्वान उसे विभिन्न नामों से बुलाते हैं। ‘अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्।। अर्थात तेरे-मेरे की भावना छोटे मन का प्रतीक है, उदारचित्त वालों के लिए तो सारी पृथ्वी ही एक परिवार है। सनातन धर्म मानता है तेरा धर्म तुझे मुबारक और मेरी आस्था मुझे। दोनों ही मार्ग श्रेष्ठ हैं। मार्ग अलग-अलग हैं परन्तु सभी की मंजिल एक है, जैसे सभी नदियां अंतत: एक समुद्र में विलीन हो जाती हैं उसी तरह सभी पथ उसी एक मंजिल पर ही मिलते हैं। यही भावना है जो हिन्दू को आतंकवादी बनने से रोकती है। इतिहास साक्षी है कभी भारत ने तलवार के जोर पर न तो किसी के भू- भाग को कब्जाया और न ही दूसरे पर अपना धर्म या विचार थोपा। इसी सर्वसमावेशी व सर्वपन्थ समादर भाव वाली जीवन शैली के आधार पर ही अमित शाह ने राज्यसभा में डंके की चोट पर दावा किया कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। केवल आस्था ही क्यों, हिन्दू ने तो कभी नास्तिक या अनिश्वरवादियों को भी नहीं दुत्कारा। महर्षि चारवाक ईश्वरवाद के उलट और पूर्णत: भौतिकवादी थे। वेदों के बारे उनके विचार नकारात्मक थे परन्तु हिन्दू समाज ने उन्हें भी महर्षि की उपाधि दी जबकि सेमस्टिक मजहबों में नास्तिकों को ‘नोन-बिलीवर या काफिर’ कह कर दण्डित करने का प्रचलन है। सनातन समाज ने कभी अपने आप को किसी देव विशेष, ग्रन्थ विशेष या व्यक्ति विशेष से नहीं बांधा बल्कि सत्य की यात्रा को अनवरत बताया। हमारी परम्परा में देह वासना और लोकवासना की भान्ति देववासना व शास्त्र वासना को भी मुक्ति मार्ग की बाधा बताया गया है। इसी तरह की अनेक विशेषताएं हैं जो सत्य सनातन धर्म के मानने वाले अनुयायी को संकीर्ण, कट्टर व आततायी होने की अनुमति नहीं देती। अमित शाह ने संसद में हिन्दू धर्म को लेकर जो दावा किया है वह ऐतिहासिक सत्यता व प्रमाणिकता की कसौटी पर सौ टंच खरा उतरता है। राकेश सैन Read more » A Hindu can never be a terrorist
राजनीति अब ‘नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार’ पृथ्वी पर रखेगा नजर August 1, 2025 / August 1, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे भारत आंध्र प्रदेश राज्य में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 30 जुलाई 2025 को एक बेहद महत्वाकांक्षी मिशन के सेटेलाइट ‘निसार’ को जीएसएलवी-एफ16 प्रक्षेपण यान के जरिए लॉन्च किया गया। ये सेटेलाइट केंद्र से उड़ान भरकर सूर्य की समकालिक ध्रुवीय कक्षा में स्थापित होगा। निसार का पूरा नाम ‘नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार’ है। ये एक अत्याधुनिक […] Read more » नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार
राजनीति विश्ववार्ता मालदीव के साथ प्रगाढ़ होते भारत के संबंध August 1, 2025 / August 1, 2025 by डॉ.बालमुकुंद पांडेय | Leave a Comment डॉ.बालमुकुंद पांडेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं मधुर संबंध को बनाए रखने की प्राथमिकता दे रहे हैं । मोदी जी विगत जुलाई महीने में 25 एवं 26 को मालदीव की यात्रा पर गए थे। सामरिक एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पड़ोसी, मालदीव अपने देश का 60वा स्वतंत्रता दिवस […] Read more » India's relations with Maldives are deepening मालदीव के साथ प्रगाढ़ होते भारत के संबंध
राजनीति समृद्धि की चिडिय़ा या शक्ति का शेर: देश की दिशा कौन तय करेगा? August 1, 2025 / August 1, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment अमरपाल सिंह वर्मा क्या भारत को फिर से ‘सोने की चिडिय़ा’ बनाने की बात अब अप्रासंगिक हो गई है? आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कोच्चि में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में अपने भाषण में स्पष्ट रूप से जो कुछ कहा है, उसी से यह प्रश्न उठा है। उन्होंने कहा है कि भारत को अब अतीत […] Read more » शक्ति का शेर
राजनीति मालेगांव विस्फोट एवं भगवा पर कलंक की साजिश August 1, 2025 / August 1, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम विस्फोट की न्यायिक परिणति ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि कैसे सत्ता, वोटबैंक और वैचारिक पूर्वाग्रहों ने भारतीय न्याय और निष्पक्षता की नींव को झकझोर दिया। मुंबई की एनआईए कोर्ट द्वारा सातों आरोपियों-प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित को सबूतों के […] Read more » Malegaon blast and conspiracy to tarnish saffron image मालेगांव विस्फोट एवं भगवा पर कलंक मालेगांव विस्फोट एवं भगवा पर कलंक की साजिश
टेक्नोलॉजी राजनीति विश्ववार्ता विश्व का सबसे महंगा और अत्याधुनिक उपग्रह ‘निसार’-‘अंतरिक्ष के क्षेत्र में नासा-इसरो की बड़ी छलांग! August 1, 2025 / August 1, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में बुधवार 30 जुलाई 2025 को नासा(अमेरिका)और भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो(भारत) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व का सबसे महंगा और अत्याधुनिक उपग्रह ‘निसार’, जो कि एक ‘लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) सैटेलाइट’ है, को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शाम 5:40 बजे प्रक्षेपित करके, जो कि 2,392-2800 किलो वज़नी(एसयूवी के आकार का) […] Read more » NISAR The world's most expensive and advanced satellite 'NISAR'-'NASA-ISRO's The world's most expensive and advanced satellite 'NISAR'-'NASA-ISRO's big leap in the field of space world's most expensive and advanced satellite 'NISAR
बच्चों का पन्ना राजनीति शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के सुसाइड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त ! July 31, 2025 / July 31, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment देश में छात्रों की खुदकुशी (सुसाइड) बहुत ही चिंताजनक है।इस संदर्भ में हाल ही में हमारे देश के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। दरअसल, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी और आईआईटी खड़गपुर में छात्रों की आत्महत्या के मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं।पाठकों को बताता चलूं कि सुप्रीम […] Read more » Supreme Court strict on suicide of students in educational institutions! छात्र-छात्राओं के सुसाइड पर सुप्रीम कोर्ट
राजनीति रूस में जापान जैसी सुनामी का कहर July 31, 2025 / July 31, 2025 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवतीन साल से भी अधिक समय से यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस में 8.8 तीव्रता के भीशण भूकंप ने नई त्रासदी खड़ी कर दी है। रूस के पूरब में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में 30 जुलाई 2025 को आए भूकंप के झटकों से कामचटका और उसके आसपास कुरील द्वीप समूह के भूखंड हिल गए। […] Read more » Japan-like tsunami wreaks havoc in Russia रूस में जापान जैसी सुनामी