राजनीति जो जेएनयू में हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था : संजय जोशी March 2, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की गिनती देश के श्रेष्ठ उच्च शैक्षनिक संस्थानों में की जाती है । यहां की पढ़ाई व माहौल अन्य विश्वविद्यालयों से अलग है। देश के हर कोने से छात्र यहां उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। एक तरह से पूरे भारत की विविधता को यह अपने में समाए हुए […] Read more » जो जेएनयू में हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था संजय जोशी
राजनीति शख्सियत अपना सा ही हैं शिवराजसिंह March 1, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार शिवराजसिंह चौहान को आप किस रूप में देखते हैं? यह सवाल आपसे पूछा जाए तो स्वाभाविक रूप से जवाब होगा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में लेकिन इससे आगे आपसे पूछा जाए कि एक आम आदमी के रूप में क्यों नहीं तो जवाब देने में थोड़ा वक्त लग सकता है. इस सवाल […] Read more » Featured Shivraj Singh Chauhan अपना सा ही हैं शिवराजसिंह
राजनीति यह बजट: शुभारंभ है! March 1, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment वित्तमंत्री अरुण जेटली के बजट में कई अर्थशास्त्री और विपक्षी नेता कुछ खामियां जरुर खोज निकालेंगे लेकिन पूरा बजट भाषण सुनकर मुझे ऐसा लगा कि मोदी सरकार का आज पहला दिन शुरु हुआ है। पिछले पौने दो साल तो उसने सिर्फ ‘प्रचार’ में खो दिए, अब शायद वह काम करना शुरु कर दे। जो कुछ […] Read more » यह बजट: शुभारंभ है!
राजनीति देशद्रोह के सहारे राजनीतिक उत्थान की तलाश March 1, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 1 Comment on देशद्रोह के सहारे राजनीतिक उत्थान की तलाश सुरेश हिन्दुस्थानी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में हुए घटनाक्रम के मामले में देश के कई प्रमुख राजनेताओं के विरोध में राजद्रोह का मामला बन चुका है। बनना भी चाहिए, क्योंकि देश के विरोध में की गई नारेबाजी कभी भी अभिव्यक्ति की आजादी नहीं मानी जा सकती। वास्तव में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ऐसा […] Read more » Featured political upliftment through sedition देशद्रोह के सहारे राजनीतिक उत्थान की तलाश राजनीतिक उत्थान
राजनीति क्या है राष्ट्र? कहां मिलता है राष्ट्रवाद……. March 1, 2016 by व्यालोक पाठक | Leave a Comment देश में हाल-फिलहाल जिस तरह चहुंओर राष्ट्रभक्ति उफान पर है, देशद्रोह (असल में राजद्रोह) के आरोप-प्रत्यारोप लगाकर लोगों को घेरे में बंद किया जा रहा है, वैसे में ठहरकर सबसे पहले राष्ट्र की अवधारणा को ही समझ लेना क्या ठीक नहीं होगा? इसके साथ ही, कुछ चर्चा छात्र राजनीति पर भी होनी चाहिए, जिसके चलते […] Read more » Featured कहां मिलता है राष्ट्रवाद....... क्या है राष्ट्र
आर्थिकी राजनीति बजट से तो राहुल गाँधी झूठे प्रतीत होते हैं March 1, 2016 / March 1, 2016 by विकास आनन्द | Leave a Comment विकास आनन्द कल केंद्रीय बजट 2016-17 वित्त मंत्री अरुण जेटली दवरा प्रस्तुत किया गया.जिस तरह का बजट पेश किया गया उससे यह साफ लगता है कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा लगातार लगाये जा रहे आरोप ‘सूट-बूट की सरकार’ कोरा बकवास के अलावा कुछ नहीं है. 2016 का संघीय बजट की विशेषता को एक वाक्यों […] Read more » Featured बजट से तो राहुल गाँधी झूठे प्रतीत होते हैं
आर्थिकी राजनीति घरेलू मांग को बढ़ावा दे बजट February 29, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अर्थव्यवस्था में चहुंओर गति दिखाई दे,इसके लिए घरेलू मांग को बढ़ावा देने की जरूरत हैं। इस मकसदपूर्ति के लिए मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की आय बढ़ाने के उपाय करने होंगे। इस हेतु बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं और कृषि आधारित विकास को महत्व देना होगा। बजट के जन […] Read more » Featured घरेलू मांग को बढ़ावा दे बजट
आर्थिकी राजनीति कृषि,किसान और मजदूर का बजट February 29, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने की दृष्टि से यह जरूरी था कि बजट, विकास की समावेशी अवधरणा को पुष्ट करे। इस नाते यह बजट श्रेष्ठ व उपयुक्त है। कृषि,किसान,मजदूर और ग्रामीण महिलाओं की जरूरतों की अपूर्ति के उपाय जिस तरह से बजट में दिखाई दे रहे हैं,उससे साफ है,ग्रामीण भारत की आर्थिक […] Read more » Featured किसान और मजदूर का बजट कृषि
राजनीति साख बचाना भाजपा के लिए चुनौती February 29, 2016 / February 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत एक एसा लोकतंत्र देश है जहां प्रायः चुनाव होते रहते हैं। कभी लोकसभा, कभी विधानसभा कभी स्थानीय निकाय तो कभी कोई और ही। राजनीतिक दल जो एक बार चुनाव जीत जाते हैं, अगली बार अपनी पकड़ बनाये रखने में कम ही कामयाब हो पाते हैं। यहां दो दलीय व्यवस्था भी नहीं […] Read more » भाजपा के लिए चुनौती साख बचाना भाजपा के लिए चुनौती
राजनीति वामपंथीयों व सोनिया – कांग्रेस के नये जननायक अफ़ज़ल गुरु, उमर ख़ालिद पर स्मृति ईरानी का तूफ़ानी हमला February 29, 2016 / March 1, 2016 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 2 Comments on वामपंथीयों व सोनिया – कांग्रेस के नये जननायक अफ़ज़ल गुरु, उमर ख़ालिद पर स्मृति ईरानी का तूफ़ानी हमला डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री देश के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान के समर्थन और भारत के हज़ार टुकड़े करने के लिये इंशा अल्लाह के नारे लगाए गए, अफ़ज़ल गुरु को शहीद बता कर उसके अधूरे रह गए कामों को पूरा करने को इंक़लाब बताया गया, उससे स्वाभाविक ही चिन्ता होनी चाहिए। लोकतंत्र में वैचारिक भिन्नता हो […] Read more » Featured कामरेडों व सोनिया कांग्रेस के नये जननीयक अफ़ज़ल गुरु - उमर ख़ालिद स्मृति ईरानी का तूफ़ानी हमला
राजनीति संसद पर टिकी निगाहें February 27, 2016 / February 27, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on संसद पर टिकी निगाहें संदर्भः राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण प्रमोद भार्गव भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के केंद्र की सत्ता में काबिज होने के बाद यह लगातार दूसरा ऐसा अवसर दिखाई दे रहा है,जब संसद में सरकार की डगर बेहद कठिन है। शायद इसीलिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए […] Read more » Featured Parliament Pending bills in parliament must pass संसद पर टिकी निगाहें
राजनीति चुनौतियों के समय में बेहतर बजट February 27, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः मध्यप्रदेश सरकार का वर्ष 2016-17 का बजट प्रमोद भार्गव वैश्विक आर्थिक मंदी,सूखा और पीड़ित किसानों को मुआवजा देने के बावजूद मध्यप्रदेश सरकार में वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कमोवेश बेहतर बजट पेश किया है। डेढ़ लाख करोड़ के आकार के ऊपर पहुंचे इस बजट में सभी वर्गों,पक्षों और विषयों को ध्यान में रखने की […] Read more » Madhya Pradesh budget 2016 17 चुनौतियों के समय में बेहतर बजट मध्यप्रदेश सरकार का वर्ष 2016-17 का बजट