चुनाव राजनीति राजनीति और नैतिकता March 27, 2014 / March 30, 2014 by अमरेन्द्र किशोर | 6 Comments on राजनीति और नैतिकता -अमरेन्द्र किशोर- भारतीय राजनीति और समाज का यह परिवर्तन का दौर है। बदलाव के बयार में कुछ भ्रम है, पशोपेश है और कुछ अंतर्विरोध है। बहुत कुछ कहने और ज्यादा से ज्यादा दिखा सकने की कवायद है। लिहाजा समाज के कई वर्गों में आपसी धींगामुश्ती है, एक पर दूसरे की छींटाकशी है और दूसरे को […] Read more » politics and morality राजनीति और नैतिकता
राजनीति विविधा विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री March 26, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- देश के प्रमुख राष्ट्रीय दलों के भावी प्रधानमंत्रियों को खोजी समाचार वेबसाइट विकीलीक्स ने करारा झटका दिया है। भाजपा द्वारा विकीलीक्स के संस्थापक-संपादक जूलियन असांजे का चित्र छपा पोस्टर देशभर में लगा है। इस पोस्टर में असांजे के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका नरेंद्र मोदी से डरता है,क्योंकि अमेरिका जानता है […] Read more » Wikileaks targets future PM विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री
राजनीति एमजे अकबर का भाजपा में आना! March 26, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on एमजे अकबर का भाजपा में आना! -फखरे आलम- एम.जे अकबर, मोबशीर जावेद अकबर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हाँ यह अलग बात है कि उन्होंने जितनी सफलता पत्रकारिता के माध्यम से प्राप्त की है। उतनी सपफलता उनहें राजनीति में हासिल नहीं हुई। मगर अकबर जैसे बुद्धिजीवी का भाजपा में आना किसी बड़ी घटना से कम नहीं। जिस प्रकार से उनके […] Read more » MJ Akbar in BJP means एमजे अकबर का भाजपा में आना!
मीडिया राजनीति क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार …!! March 25, 2014 / March 25, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा यह सचमुच विडंबना ही है कि एक अाइपीएल मैच खेल कर कोई क्रिकेट खिलाड़ी करोड़पति बन सकता है, और महज एक अंतरराष्ट्रीय मैच में भाग लेकर विख्यात। जबकि दूसरे कई खेलों के चैंपियन हमारे बगल में भी खड़े हों, तो शायद हम उन्हें पहचान न पाएं। इसी तरह बालीवुड की एक फिल्म […] Read more » क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार ...!!
राजनीति आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!! March 24, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | 2 Comments on आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!! अन्ना हजारे से अलग होकर अरविंद केजरीवाल ने जब आप नाम से नई पार्टी बनाई तो किसी को भी इस बात का भान नहीं था कि दिल्ली चुनाव में यह इतनी जबरदस्त सफलता हासिल करेगी। चुनाव बाद जब इसकी लोकप्रियता चरम पर थी, तब भी इसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह नई पार्टी […] Read more » मलाई बांटने ' चालाक बंदर' पहुंच ही जाते हैं.
राजनीति बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन March 21, 2014 by अरविन्द विद्रोही | Leave a Comment -अरविन्द विद्रोही- उच्च शिक्षा का ही व्यक्ति के व्यक्तित्व के ,चरित्र के निर्माण में योगदान नहीं होता है। व्यक्ति के संस्कार, निजी आचरण, उसके मुखारविंद से निकले शब्द उसके चरित्र-व्यक्तित्व के परिचायक होते हैं। एक छोटी सी घटना और उस घटना के पश्चात् उपजे जनसंवाद ने इस पहलू पर मेरा ध्यान पुनः आकृष्ट कराया। हुआ […] Read more » leaders' sleep of toungue बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन
राजनीति सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल March 21, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल क्षेत्र २०१४ के लोकसभा चुनाव में सबसे चर्चित और अलहदा तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल काशी नगरी हिंदुत्व के पुरोधा और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सियासत की परीक्षा लेगी, वहीं कथित आतंक की नर्सरी के नामकरण से […] Read more » Purvanchal politics सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल
राजनीति बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति’ March 20, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- विकास की किसी भी अवधारणा का जाति या मजहब से जोड़ा जाना किसी भी दृष्टिकोण से जायज नहीं है, लेकिन बिहार में ऐसा नहीं है l लोकसभा चुनावों के परिदृश्य में ही अगर बात की जाए तो बिहार में अब भी जाति ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनकर उभर रही है। हरेक पार्टी एक खास जाति को […] Read more » politics of Bihar बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति
राजनीति अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप March 19, 2014 by अरविंद जयतिलक | 3 Comments on अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप अरविंद जयतिलक यह बिडंबना कहा जाएगा कि आंदोलन की कोख से उपजी आम आदमी पार्टी जो देश में एक सकारात्मक राजनीति की उम्मीद बनी थी, चर्चा में बने रहने के लिए वह हर हथकंडा आजमा रही है जो न केवल अलोकतांत्रिक और अमर्यादित है बलिक अराजकता की श्रेणी में भी आता है। एक ओर वह […] Read more » अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप
राजनीति बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा? March 18, 2014 by शैलेंद्र जोशी | 4 Comments on बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा? -शैलेंद्र जोशी- योग गुरु बाबा रामदेव कहने को तो बाबा हैं लेकिन उन्हें कभी व्यासपीठ नहीं भायी। वे व्यासपीठ पर बैठे भी तो चर्चा राजनीतिक ही करते रहे। कभी विदेशों में जमा धन को वापस लाने की बात कही तो कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुद्दा उठाया। बाबा ने जो भी किया व्यासपीठ के विषय अध्यात्म […] Read more » U-turn of Baba Ramdev बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा?
राजनीति सांप्रदायिक कौन है? March 18, 2014 by अब्दुल रशीद | 3 Comments on सांप्रदायिक कौन है? -अब्दुल रशीद- संसद में व सड़क पर एक शब्द बार-बार उछाला जाता रहा है और वह शब्द है “सांप्रदायिक”। जब भी यह आवाज उठती है, चर्चा-ए-आम हो उठती है और आबोहवा के गर्म हो जाने का खतरा उठ जाता है। कांग्रेस हो या भाजपा, सपा हो, बसपा हो, या राजद, सभी ने इस शब्द का […] Read more » Question on communalism सांप्रदायिक कौन है?
राजनीति अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल March 18, 2014 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल प्रवीण गुगनानी शरद पवार ने स्पष्ट की गुजरात दंगों के निर्णय पर उनकी राय पिछले दिनों कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता सलमान खुर्शीद ने विदेशी धरती पर विदेशियों के बीच भारतीय संवैधानिक संस्थाओं को जी भर के धोया, कोसा और गरियाया था. ऐसा करते हुए वे संविधान के प्रति अपनी शपथ को भी विस्मृत […] Read more » अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल