राजनीति मोदी, मंदिर और मुसलमान September 15, 2013 / September 15, 2013 by पंकज कुमार नैथानी | 19 Comments on मोदी, मंदिर और मुसलमान बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के दिन ब दिन बढ़ते कद से राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं… 2014 के लोकसभा चुनाव के बारे में कांग्रेस मे अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हों…लेकिन बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वो मोदी के नेतृत्व में ही दिल्ली की सत्ता हासिल […] Read more » मंदिर और मुसलमान मोदी
राजनीति देश को बचाने के लिए धर्म का राजनीति तलाक़ ज़रुरी September 15, 2013 / September 15, 2013 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on देश को बचाने के लिए धर्म का राजनीति तलाक़ ज़रुरी तनवीर जाफ़री देश में अगले साल 2014 में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं. इन चुनावों में बढ़त हासिल करने की गरज़ से राजनीतिक दलों ने अपनी फसलें अभी से बोनी शुरू कर दी हैं. कुछ समय पहले तक चुनावी वर्ष को घोषणा वर्ष के रूप में जाना जाता था. यानी 4 साल तक मंहगाई, […] Read more » धर्म का राजनीति तलाक़
राजनीति मुस्लिम प्रत्याशी अब भी पलट सकता है बाजी September 14, 2013 by बी.पी. गौतम | Leave a Comment अब यह स्पष्ट हो गया है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष-2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी होंगे, इसलिए अधिकाँश लोगों की नज़र अब कांग्रेस हाईकमान की ओर टिक गई है, कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी के मुकाबले किसे उतारेगी? हालांकि, अधिकाँश लोगों का यही मानना […] Read more »
राजनीति ’ संघ परिवार ’ में व्यक्तियों के बहाने महत्वाकांक्षाओं का संघर्ष। । September 14, 2013 by श्रीराम तिवारी | 3 Comments on ’ संघ परिवार ’ में व्यक्तियों के बहाने महत्वाकांक्षाओं का संघर्ष। । इंदिरा युग में कुछ कालखंड के लिए एक दुश्प्रुवृत्ति ने जोर पकड़ा था। ये तब की बात है जब ’इंदिरा इज इंड़िया ” का उद्घोष चल रहा था। हालाँकि १९७१ में पाकिस्तान पर भारत की विजय ने इंदिरा जी को ’दुर्गा अवतार ’ घोषित कर दिया था। यह उपाधि तब के संघी’ अटल बिहारी वाजपेई […] Read more » संघ परिवार
राजनीति आज़म का दम और सपा मुलायम September 13, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” सपा की राजनीतिक ज़मीन और सत्ता का संचालन अब किसी से छुपा नहीं है। सपा का ये चरित्र वस्तुतः एक क्षेत्रीय दल के मूल चरित्र के अनुरूप ही है। इन दलों का मूल उद्देश्य एन-केन प्रकारेण कार्यसिद्धि कर केन्द्रीय सत्ता के कार्यों मे दखल देना या निज स्वार्थों संबन्धित मुद्दों पर मोलभाव […] Read more » आज़म का दम और सपा मुलायम –
राजनीति पार्टी विद डिफ़रेंस में कुछ भी डिफरेंट नहीं September 13, 2013 / September 13, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी ने भाजपा के आतंरिक लोकतंत्र की जितनी छीछालेदर की है वह पार्टी के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। क्या यह संभव नहीं था कि ‘पार्टी विद डिफ़रेंस’ का नारा बुलंद करने वाले खुद का कांग्रेसीकरण मीडिया के समक्ष नहीं आने देते? अटल-आडवाणी की […] Read more » पार्टी विद डिफ़रेंस
राजनीति शख्सियत इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री September 13, 2013 / September 13, 2013 by डॉ. मनीष कुमार | 2 Comments on इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के बारे में चर्चा करने से पहले एक घटना सुनाता हूं. वीपी सिंह के इस्तीफे के बाद देश में चंद्रशेखर जी की सरकार बनी. मनमोहन सिंह इस सरकार के आर्थिक सलाहकार थे. राजनीतिक परिस्थिति ऐसी बनी कि सरकार गिर गई. चंद्रशेखर जी ने प्रधानमंत्री पद से 6 मार्च, 1991 को […] Read more » एक ईमानदार प्रधानमंत्री
राजनीति फिर कोपभवन में आडवाणी September 12, 2013 by पंकज कुमार नैथानी | Leave a Comment जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं… वैसे वैसे सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है…कांग्रेस हो या बीजेपी…पीएम पद को लेकर अभी से खींचतान शुरू हो गई है… कांग्रेस में तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह साफ कर चुके हैं कि वे राहुल गांधी नेतृत्व मे काम करने को तैयार हैं… लेकिन दूसरी तरफ मुख्य […] Read more » फिर कोपभवन में आडवाणी
टॉप स्टोरी राजनीति मनमोहन सिंह जेल जा सकते है। September 12, 2013 by डॉ. मनीष कुमार | Leave a Comment कोयला घोटाले से जुड़ी फाइलें गायब हो गईं। ये फाइलें कहां गईं? क्या इन फाइलों को जमीन खा गई या कोई भूत लेकर गायब हो गया? ये फाइलें कब गायब हुईं? कहां से गायब हुईं? इन फाइलों में क्या था? क्या भारत सरकार के दफ्तर चोरों का अड्डा बन चुके हैं? या फिर इन फाइलों […] Read more » मनमोहन सिंह जेल जा सकते है।
आर्थिकी राजनीति कोलगेट गलत नहीं तो फार्इलें गुम क्यों हुर्इं ? September 11, 2013 / September 11, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव संसद में प्रधानमंत्री डा. मनमोहनसिंह ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं जिससे संतुष्ट हुआ जाये। यदि कोयला घोटाले में कुछ गलत नहीं हुआ है तो फार्इलें गुम क्यों हुर्इं ? जाहिर है गायब हुर्इ फार्इलों में कुछ तो ऐसे रहस्य दर्ज हैं जिनके उजागर होने से सरकार में शामिल प्रधानमंत्री से लेकर अन्य […] Read more » कोलगेट गलत नहीं तो फार्इलें गुम क्यों हुर्इं ?
राजनीति बंजारा की चिट्ठी केन्द्र सरकार के मुँह पर थप्पड़ September 5, 2013 / September 8, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री गुजरात पुलिस के निलम्बित पुलिस अधिकारी डी.जी.बंजारा ने अपने त्याग पत्र में जो लिखा है , वह सब जगह चर्चा का विषय बना हुआ है । बंजारा २००७ से जेल में है । उन पर आतंकवादियों को मुठभेड़ में मारने का आरोप है । आतंकवादियों को मारने के आरोप में बंजारा […] Read more »
राजनीति समाज जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी September 5, 2013 / September 5, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी/ जाके पैर न फटी विवाई--डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री किसी एक देश से दूसरे देश में आकर शरण माँगने वाले व्यक्ति को शरणार्थी कहा जाता है । लेकिन अपने ही देश में किन्हीं कारणों से किसी को अपनी जन्म भूमि छोड़नी पड़े तो वह विस्थापित कहलाता है । यह इन […] Read more » जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी