राजनीति वो कपड़े बदलते थे ये बयान April 20, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | Leave a Comment पिछला शुक्रवार रायपुर में काफी समाचारों के हल-चल का रहा था . कथित तौर पर केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा हाल में दंतेवाडा में हुए नक्सल हमले में अपनी जिम्मेदारी कबूल कर इस्तीफे की पेशकश लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा खबर का खंडन किया गया. पर इस दौरान ही प्रदेश के नेताओं से किसी भी तरह से […] Read more » P. Chidambaram चिदम्बरम नक्सलवाद माओवाद शिवराज पाटिल
राजनीति सदी के महानायक अभिताभ बच्चन का सत्तारुढ़ दल द्वारा अपमान अत्यन्त दुखद-धाराराम यादव April 19, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विगत् 24 मार्च को बांद्रा-वर्ली सी लिंक के दूसरे चरण के उद्धाटन समारोह के अवसर पर जब सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चाह्वाण एक मंच पर उपस्थित हुए तो कांग्रेसी इतने क्षुब्ध हुए कि उन्होंने आला कमान से इसकी शिकायत की। इस शिकायत और क्षोभ का आधार यह बताया जाता […] Read more » Amitabh Bacchan अभिताभ बच्चन
राजनीति बस्तर में आन्दोलन और आन्दोलनकर्ताओं के सच [संस्मरण] – राजीव रंजन प्रसाद April 17, 2010 / December 24, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद | 11 Comments on बस्तर में आन्दोलन और आन्दोलनकर्ताओं के सच [संस्मरण] – राजीव रंजन प्रसाद जगदलपुर का सीरासार चौक, शाम के करीब सात बजे होंगे। अचानक एक जनसैलाब उमडा और चौंक से उस बेहद संकरी सडक में जैसे उमडता हुआ पुलिस थाने की ओर बढने लगा। मैं कुछ समझ पाता इससे पहले बचने की कोशिश जरूरी थी। मैं अपने मित्र अफज़ल के घर की ओर भागा जो बिलकुल बस स्टैंड […] Read more » Naxalism नक्सलवाद बस्तर
राजनीति माओवादियों से लडने के लिए दोतरफा रणनीति की जरूरत April 16, 2010 / December 24, 2011 by गौतम चौधरी | Leave a Comment दंतेवाडा की घटना पर लगातार टेबुल टॉक जारी है। कोई माओवादियों को तो कोई केन्द्रीय गृहमंत्री चिदंबरम को मसीहा घोषित कर रहा है। इधर दंतेवाडा के मओवादी हमला में मारे गये केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की वीरता पर पूरा देश नतमस्तक है, लेकिन चिदंबरम साहब के नाकट से यह साबित हो गया है […] Read more » Maoist Naxalism दंतेवाडा नक्सलवाद माओवाद
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान / सत्ता के घोषित अघोषित केंद्र आमने सामने April 13, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment देश में सत्ता के घोषित केंद्र (प्रधानमंत्री डॉ. मन मोहन सिंह) और अघोषित केंद्र (कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी) के बीच इन दिनों रार ठनती दिखाई दे रही है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) को लेकर देश भर में बवाल मचा हुआ है। नेताओं और अफसरान की जुगलबंदी की पोल नित ही इससे खुलने से […] Read more » Congress कांग्रेस मनमोहन सिंह सोनिया गांधी
राजनीति राजनाथ चुनेंगे उमा की राह के शूल April 13, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नई दिल्ली 13 अप्रेल। सुषमा स्वराज का कद कम करने की ठान चुके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पीएम इन वेटिंग एल.के.आडवाणी ने अब उमाश्री भारती की भाजपा में वापसी के मार्ग प्रशस्त करने के लिए भाजपा के पूर्व निजाम राजनाथ सिंह के कांधे पर जवाबदारी सौंपी है। राजनाथ अब उमा के मार्ग के शूल न […] Read more » Rajnath Singh उमा भारती भाजपा राजनाथ सिंह
राजनीति सत्तर फीसदी हिस्से में फैल चुका है नक्सलवाद का कैंसर April 13, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नक्सलवाद पर जारी बहस में सरकार का पक्ष चाहे जो भी हो मीडिया पर्सन की हैसियत से जनता जनार्दन के समक्ष सच्चाई रखना और सरकार को जगाने का प्रयास करना निश्चित तौर पर हमारी नैतिकता का अंग है। इसी लिहाज से हम नक्सलवाद के जहर के बारे में जितनी तफ्तीश कर चुके हैं, उसे जनता […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति रेजिग्नेशन नहीं, रिएक्शन का वक्त है चिदंबरम साहब April 13, 2010 / December 24, 2011 by दानसिंह देवांगन | Leave a Comment दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सीआरपीएफ के 76 जवानों के शहीद होने पर देशवासियों के दिल में शहीद परिवारों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव है, वहीं नीति बनाने वाली सरकार और उनके नुमाइंदों के खिलाफ आक्रोश भी है। केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम इस हकीकत […] Read more » P. Chidambaram चिदंबरम
राजनीति नक्सल समस्या – ख़त्म करनी होगी असली जड़ April 13, 2010 / December 24, 2011 by नवीन देवांगन | Leave a Comment आज़ादी के 62 साल बाद भी समाजिक, आर्थिक नीतियों के चलते हिन्दुस्तान का एक बहुत बड़ा हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत लोग आज भी हाशिए पर जीने को मज़बूर है जिनके सरोकारों की चिंता न सरकारों को रही न ही नीतियों को, न व्यवस्थापिका को, न ही कार्यपालिका को रही, और तो और न्यायपालिका भी हमेशा […] Read more » Naxal problem नक्सल समस्या नवीन देवांगन
राजनीति मज़बूत इच्छाशक्ति से ही खत्म होगा नक्सलवाद. April 13, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा के घने जंगलों में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल बटालियन पर अब तक का सबसे बडा हमला कर 76 जवानों की निर्ममता पूर्वक ह्त्या पर, अपने जांबाजों की शहादत पर देश स्तब्ध है. नक्सल या वाम मार्ग के नाम पर देश और दुनिया में फैले इस संगठित गिरोह और उसके सभी भोपुओं का […] Read more » Naxalism नक्सलवाद पंकज झा
राजनीति मामूली चीज़ों को देवता बनाना April 13, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 3 Comments on मामूली चीज़ों को देवता बनाना गंदा है पर धंधा है ये…! एक राजा के इकलौते बेटे की शादी किसी मध्यवर्गीय परिवार की गुण-संपन्न बेटी के साथ तय हुई. वहाँ एक रिवाज है कि लड़के वाले के यहाँ से शगुन के रूप में सामर्थ्य भर चीज़ें भेजी जाती है. अब जब राजकुमार की ही शादी थी तो ज़ाहिर है कोई भी […] Read more » Profession गंदा है पर धंधा है ये पंकज झा
राजनीति कहां से पैदा हुआ नक्सलवाद April 13, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नक्सलवाद का नाम आते ही अब जवानों का या तो खून खौल जाएगा या फिर उनकी रूह कांप उठेगी। कुछ ही सालों में नक्लवाद का चेहरा इतना बर्बर और दर्दनाक हो चुका है जिसकी कल्पना मात्र से रोंगटे सिहर जाते हैं। जमीनी हकीकत सेअनजान देश प्रदेश के शासकों द्वारा हमारे जांबाज सिपाहियों को इनके सामने गाजर मूली […] Read more » Naxalism नक्सलवाद लिमटी खरे