लेख समाज नीट यू जी: सिस्टम के आगे लाचार युवाओं के सपने May 15, 2026 / May 15, 2026 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment जनमानस और छात्रों के आक्रोश के बीच सरकार ने सुधारों का भरोसा दिया, समितियाँ बनीं, नई सुरक्षा तकनीकों की घोषणाएँ भी हुईं। लेकिन 2026 में फिर वही खबरें सामने हैं,छापेमारी, सॉल्वर गैंग, गिरफ्तारियाँ और लीक हुए प्रश्नपत्र।तब सवाल उठना स्वाभाविक है किआख़िर गलती कहाँ है? Read more » NEET UG
समाज कब तक दोहराई जाती रहेंगी निर्भया जैसी त्रासदियां? May 15, 2026 / May 15, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment आधुनिकता के चमकदार दावों के बीच भी पुरुष प्रधान सोच का अंधेरा जस का तस मौजूद है। महिलाओं को व्यक्ति नहीं, बल्कि उपभोग की वस्तु मानने वाली सोच आज भी अनेक मन-मस्तिष्कों में गहराई तक बैठी हुई है। यही कारण है कि सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों, स्कूल-कॉलेजों और यहां तक कि घरों के भीतर भी महिलाएं असुरक्षा का अनुभव करती हैं। Read more » How long will tragedies like Nirbhaya continue to be repeated tragedies like Nirbhaya continue निर्भया जैसी त्रासदियां
समाज परिवार से ही है रिश्तों की गर्माहट ! May 14, 2026 / May 14, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment परिवार से ही है रिश्तों की गर्माहट Read more » परिवार से ही है रिश्तों की गर्माहट
समाज बढ़ती संवेदनहीनता के दौर में समाज को खुद से सवाल पूछने होंगे May 14, 2026 / May 14, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण सड़क हादसों और सार्वजनिक घटनाओं में देखने को मिलता है। कई बार दुर्घटना में घायल व्यक्ति घंटों मदद का इंतजार करता रहता है, लेकिन लोग सहायता करने के बजाय मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगते हैं। Read more » बढ़ती संवेदनहीनता के दौर में समाज
विधि-कानून समाज मातृभाषा, संस्कृति और शिक्षा : राजस्थानी के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय May 13, 2026 / May 13, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment यह फैसला पदम मेहता एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति (जस्टिस) विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति(जस्टिस) संदीप मेहता की पीठ ने सुनाया है। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस पूर्व निर्णय को पलट दिया, जिसमें यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी गई थी कि शिक्षा नीति के मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। Read more » राजस्थानी के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय संस्कृति और शिक्षा
समाज वैश्विक संकटों के दौर में परिवार ही रिश्तों की अंतिम शरणस्थली May 13, 2026 / May 13, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment संयुक्त परिवार की अवधारणा फिर प्रासंगिक बनती दिखाई दे रही है। संयुक्त परिवार केवल आर्थिक साझेदारी नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा का भी आधार है। वहां संसाधनों का साझा उपयोग होता है, Read more » परिवार ही रिश्तों की अंतिम शरणस्थली
समाज क्या नीट परीक्षा दोबारा कराने से समस्या हल हो जायेगी? May 13, 2026 / May 13, 2026 by सौरभ वार्ष्णेय | Leave a Comment पहली दृष्टि में पुनर्परीक्षा एक न्यायसंगत कदम प्रतीत होता है। जिन छात्रों ने ईमानदारी से मेहनत की और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण स्वयं को ठगा हुआ महसूस किया, उनके लिए दोबारा परीक्षा एक अवसर बन सकती है। Read more » नीट परीक्षा दोबारा
समाज पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्मक राजनीति ! May 12, 2026 / May 12, 2026 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment यह अपील न तो किसी भय का संकेत थी और न ही किसी आपातकाल की घोषणा, बल्कि आर्थिक अनुशासन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश है, किंतु कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे सरकार की विफलता बताकर राजनीतिक हमला शुरू Read more » पीएम मोदी की अपील
समाज परीक्षा प्रणाली पर उठते सवाल : क्या प्रतिभा से ज्यादा मजबूत हो गया है पेपर लीक नेटवर्क ? May 12, 2026 / May 12, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment इस संदर्भ में एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि अभ्यर्थियों की शंकाओं का समाधान किया जा सके।बहरहाल, यह कहना गलत नहीं होगा कि वर्तमान समय घोर प्रतिस्पर्धा का दौर है और इस दौर में लगभग हर परीक्षा कठिन और तनावपूर्ण हो चुकी है। हाल ही में आयोजित नीट 2026 Read more » पेपर लीक नेटवर्क
समाज नीट संकट और परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता May 12, 2026 / May 12, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment भारत की प्रतियोगी परीक्षा-व्यवस्था केवल प्रवेश की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, अवसर और प्रतिभा-परीक्षण का आधार है। जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा को लेकर अनियमितता, संदिग्धता या रद्दीकरण की स्थिति बनती है, Read more » नीट संकट परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता
समाज बढ़ते अपराध और अपराधमुक्त समाज निर्माण की चुनौती May 11, 2026 / May 11, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े केवल सांख्यिकीय दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे हमारे समाज के उस अंधेरे और भयावह चेहरे को सामने लाते हैं, जिसे अक्सर विकास, आधुनिकता और राजनीतिक उपलब्धियों की चमक में छिपा दिया जाता है। वर्ष 2024 के अपराध आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि Read more » अपराधमुक्त समाज निर्माण की चुनौती बढ़ते अपराध और अपराधमुक्त समाज
मीडिया समाज हर हाथ में माइक, हर आवाज़ पत्रकार नहीं May 11, 2026 / May 11, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता को लोकतांत्रिक बनाया है। अब केवल बड़े मीडिया हाउस ही सूचना के वाहक नहीं रहे, बल्कि आम नागरिक भी घटनाओं को रिकॉर्ड कर समाज के सामने Read more » हर आवाज़ पत्रकार नहीं