समाज मध्यप्रदेश सरकार और मानवाधिकार आयोग में शराबबंदी को लेकर टकराव May 16, 2013 / May 16, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on मध्यप्रदेश सरकार और मानवाधिकार आयोग में शराबबंदी को लेकर टकराव प्रमोद भार्गव मध्यप्रदेश सरकार और मानवाधिकार आयोग के बीच शराबबंदी को लेकर टकराव चरम पर है। वैसे तो सरकार आयोग की ज्यादातर सिफारिशों को नजरअंदाज कर रही है, लेकिन खासतौर से गरीब बसितयों और गुजरात सीमा पर शराब के बढ़ते कारोबार के सिलसिले में आयोग बेहद चिंितंत है। उसने इन दुकानों को बंद करने की […] Read more »
टॉप स्टोरी समाज अब विवादों में घिरे स्वयंभू संत रामपाल May 16, 2013 / May 16, 2013 by निर्मल रानी | 1 Comment on अब विवादों में घिरे स्वयंभू संत रामपाल निर्मल रानी भारतवर्ष पूरे विश्व में अनेकता में एकता की अनूठी मिसाल पेश करता है। विश्व में यह हमारी पहचान का एक प्रमुख कारण है। भारतवर्ष दुनिया का अकेला ऐसा देश है है जहां न सि$र्फ विभिन्न धर्मों,जातियों व अलग-अलग आस्था व विश्वास से संबंध रखने वाले लोग पूरी आज़ादी के साथ अपने रीति-रिवाजों,परंपराओं आदि […] Read more » संत रामपाल
समाज क्या और क्यों हें बाल विवाह एक बड़ी समस्या..????- May 15, 2013 / May 15, 2013 by पंडित दयानंद शास्त्री | 5 Comments on क्या और क्यों हें बाल विवाह एक बड़ी समस्या..????- भारत देश का ये दुर्भाग्य हें की जिन लड़कियों /बच्चियों की गुडियों से खेलने की उम्र अभी गई नहीं। चाकलेट तो दूर लेमन चूस पर भी चहक उठती हैं यह। पर परंपरा कहें या माँ-बाप की उल्टी सोच, ये अभी उस विवाह बंधन में बांध दी गई जिनकी उन्हें समझ नहीं।भारत के लगभग सभी राज्यों […] Read more » बाल विवाह बाल विवाह एक बड़ी समस्या
समाज शूद्रों को ब्राहमण बनाने वाले परशुराम May 13, 2013 / May 13, 2013 by प्रमोद भार्गव | 3 Comments on शूद्रों को ब्राहमण बनाने वाले परशुराम भगवान परशुराम जयंती13 मर्इ के अवसर पर :- प्रमोद भार्गव हमारे धर्म ग्रंथ और कथावाचक ब्राहमण भारत के प्राचीन पराक्रमी नायकों की संहार से परिपूर्ण हिंसक घटनाओं के आख्यान तो खूब सुनाते हैं, लेकिन उनके समाज सुधार से जुड़े जो क्रांतिकारी सरोकार थे, उन्हें लगभग नजरअंदाज कर जाते हैं। विष्णु के दशावतारों में से एक माने […] Read more » परशुराम
समाज पोर्न साइटों से बढ़ रहे हैं यौन अपराध, या शराब से भी ? May 13, 2013 / May 13, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on पोर्न साइटों से बढ़ रहे हैं यौन अपराध, या शराब से भी ? इक़बाल हिंदुस्तानी सरकार अपना नाकारपन छिपाने के लिये तो बहाना नहीं ले रही? दिल्ली में पांच साल की मासूम गुड़िया के साथ वहशी रेप की हरकत करने वाले मनोज ने पुलिस को पूछताछ मंे बताया है कि यह नापाक और वीभत्स बलात्कार करने से पहले उसने मोबाइल पर पोर्न क्लिप देखी थी। सरकारी सूत्रों का […] Read more » पोर्न साइटों से बढ़ रहे हैं यौन अपराध
समाज मृत्य पर इतना पाखँड क्यों? April 29, 2013 / April 29, 2013 by बीनू भटनागर | 21 Comments on मृत्य पर इतना पाखँड क्यों? मृत्य एक शाश्वत सत्य है, जीवन की तरह, कोई नहीं जानता कब कैसे और कंहाँ किसकी मृत्यु होगी।यदि व्यक्ति अपनी गृहस्थी के संपूर्ण दायित्वों को निबटा कर जाता है तो यह सत्य स्वीकारना और सहना प्रियजनो के लियें सरल होता है पर जब कोई बचपन की अठखेलयाँ करता या यौवन की खिलती धूप मे असमय […] Read more » मृत्य पर इतना पाखँड क्यों?
शख्सियत समाज जनजाति कल्याण के पुरोधा भीखा भाई April 28, 2013 / April 28, 2013 by कल्पना डिण्डोर | Leave a Comment समाजसेवा और राजनीति के शिखर पुरुष जनजाति कल्याण के पुरोधा भीखा भाई कल्पना डिण्डोर वागड़ के गांवों से निकलकर जयपुर और दिल्ली तक में धाक जमाने वाली शख्सियतों को पैदा करने वाली यह पुण्य धरा धन्य है जहाँ विद्वजनों, लोकनायकों, संतों और इतिहास पुरुषों की लम्बी श्रृंखला जाने कितने युगों से निरन्तर प्रवाहमान है। वागड़ […] Read more » भीखा भाई
समाज माँ मुझे नहीं आना तेरे देश April 27, 2013 / April 27, 2013 by चन्द्र प्रकाश शर्मा | 5 Comments on माँ मुझे नहीं आना तेरे देश कोई दिन ऐसा नहीं बीतता जिस दिन देश में बलात्कार की घटना न होती हो . कोई एक आध तो हाई लाइट हो जाती है और मीडिया में सुर्खिया बटोर लेती है कई ऐसी होती है जो सार्वजनिक नहीं हो पाती . कितनी घिनोनी बात है कि इस देश में एक साल की बच्ची से […] Read more »
समाज कामांध पाशविकता का बढ़ता प्रकोप और हम April 27, 2013 / April 27, 2013 by नरेश भारतीय | 3 Comments on कामांध पाशविकता का बढ़ता प्रकोप और हम नरेश भारतीय दिल्ली में पांच वर्ष की बालिका के साथ एक कामांध दरिंदे का नृशंसतापूर्ण दुष्कर्म! उसके बाद भी ऐसी घटनाएं अन्य स्थानों से प्रकाश में आई हैं. वासना और पाशविकता का नग्न नृत्य जारी है. जब ऐसे दुष्कर्मों के विवरण समाचार माध्यम से विश्व भर में पहुंचते हैं और उनकी चर्चा होती है तो […] Read more » कामांध पाशविकता का बढ़ता प्रकोप
महिला-जगत समाज किस नारी की बात हो रही है April 25, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 2 Comments on किस नारी की बात हो रही है सिद्धार्थ मिश्र”स्वतंत्र” दिल्ली में हुए नृशंस बलात्कार कांड को अभी कुछ ही दिन बीते हैं कि दोबारा हुए इस जघन्य कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है । ऐसे में विभिन्न टीवी चैनल्स समेत अन्य संचार के समस्त माध्यमों पर गर्मागरम बहस होना लाजिमी भी था । विगत कई दिनों से चल […] Read more »
समाज शर्मसार करने वाली घटनाओं का ज़िम्मेदार कौन? April 25, 2013 by निर्मल रानी | 2 Comments on शर्मसार करने वाली घटनाओं का ज़िम्मेदार कौन? निर्मल रानी देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को अंजाम दी गई सामूहिक बलात्कार एवं बलात्कारियों द्वारा मृतका ‘दामिनी’ के साथ की गई अकल्पनीय वहशियाना हरकतों को अभी देश भुला भी नहीं पाया था कि पिछले दिनों एक और पांच वर्षीय बच्ची उसी मानसिकता के दरिंदों की हवस का शिकार हो गई। […] Read more »
समाज रेप की बढती घटनाएँ और नैतिक पुनर्जागरण April 22, 2013 / April 22, 2013 by अनिल गुप्ता | Leave a Comment अनिल गुप्ता १६ दिसंबर को दिल्ली में हुए जघन्य गेंग रेप कांड के बाद उमड़े जनाक्रोश से ये आशा बंधी थी की शायद लोगों की कुत्सित भावनाओं पर कुछ अंकुश लगेगा.लेकिन ये आशा व्यर्थ ही साबित हुई.शायद ही कोई दिन ऐसा जाता होगा जिस दिन समाचार पत्रों में विभिन्न स्थानों पर बलात्कार की घटनाओं के […] Read more » नैतिक पुनर्जागरण रेप की बढती घटनाएँ