लेख समाज रोज़गार की ख़ातिर फिर पलायन को मजबूर March 8, 2021 / March 8, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment लीलाधर निर्मलकर भानुप्रतापपुर, छत्तीसगढ़ कोरोना संकट में पहले लाॅकडाउन और फिर हुए अनलाॅक के बाद से देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। शहरों के साथ-साथ देश के ग्रामीण इलाकों में भी लोग पुरानी दिनचर्या में वापस लौट आए हैं। लेकिन इन सब में सबसे अधिक मज़दूर तबका ही ऐसा प्रभावित हुआ है, […] Read more » Forced to flee again for the sake of employment पलायन को मजबूर
लेख समाज उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार : मोटूरि सत्यनारायण March 8, 2021 / March 8, 2021 by डॉ. अमरनाथ | Leave a Comment उन्होंने ‘हिन्दी प्रचारक’ (1926-1936),’हिन्दी प्रचार समाचार’ (1938-1961) तथा ‘दक्षिण भारत’ (1947-1961) जैसी पत्रिकाओं का कुशल संपादन किया. केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा, भारतीय संस्कृति संगम, दिल्ली, तेलगु भाषा समिति, हैदराबाद, हिंदी विकास समिति, मद्रास एवं हिंदुस्तानी प्रचार सभा, वर्धा जैसी संस्थाओं की स्थापना का श्रेय भी उन्हें है. मोटूरि सत्यनारायण का जन्म दक्षिण भारत के आन्ध्र […] Read more » Architect of North-South Language Setu Moturi Satyanarayana मोटूरि सत्यनारायण
महिला-जगत लेख समाज भारतीय नारी कब तक रहेगी बेचारी? March 5, 2021 / March 5, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस-8 मार्च, 2021 पर विशेष-ललित गर्ग- नारी का नारी के लिये सकारात्मक दृष्टिकोण न होने का ही परिणाम है कि पुरुष उसका पीढ़ी-दर-पीढ़ी शोषण करता आ रहा हैं। इसी कारण नारी में हीनता एवं पराधीनता के संस्कार संक्रान्त होते रहे हैं। जिन नारियों में नारी समाज की दयनीय दशा के प्रति थोड़ी भी […] Read more » भारतीय नारी भारतीय नारी कब तक रहेगी बेचारी
लेख समाज पुरुषप्रधान विश्व रचि राखा March 3, 2021 / March 3, 2021 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक हम लोग कितने बड़े ढोंगी हैं? हम डींग मारते हैं कि हमारे भारत में नारी की पूजा होती है। नारी की पूजा में ही देवता रमते हैं। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते तत्र रमन्ते तत्र देवताः।’ अभी-अभी विश्व बैंक की एक रपट आई है, जिससे पता चलता है कि नारी की पूजा करना तो […] Read more » Purusha Rakhi Rakhi Rakha पुरुषप्रधान विश्व रचि राखा
लेख समाज साबरमती में आयशा नहीं, डूब मरी इंसानियत…! March 3, 2021 / March 3, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment हेलो, अस्सलाम वालेकुम। मेरा नाम है आयशा आरिफ खान। मैं जो कुछ भी करने जा रही हूं, अपनी मर्जी से करना चाहती हूं। किसी के जोर, दबाव में नहीं। ये समझ लीजिए कि खुदा की दी जिंदगी इतनी ही होती है। डियर डैड, अरे कब तक लड़ेंगे अपनों से। केस विड्रॉल कर दो। अब नहीं […] Read more » Ayesha did not drown in Sabarmati humanity died…!
लेख शख्सियत समाज संत रैदास की अनूठी भक्ति एवं सिद्धि February 23, 2021 / February 23, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – महामना संत रैदास भारतीय संत परम्परा और संत-साहित्य के महान् हस्ताक्षर है, दुनियाभर के संत-महात्माओं में उनका विशिष्ट स्थान है। क्योंकि उन्होंने कभी धन के बदले आत्मा की आवाज को नहीं बदला तथा शक्ति और पुरुषार्थ के स्थान पर कभी संकीर्णता और अकर्मण्यता को नहीं अपनाया। ऐसा इसलिये संभव हुआ क्योंकि रैदास […] Read more » Saint Raidas's unique devotion and accomplishment संत रैदास संत रैदास की अनूठी भक्ति एवं सिद्धि
लेख समाज सामाजिक न्याय और आरक्षण February 21, 2021 / February 21, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment समाज एक से अधिक लोगों के समुदायों से मिलकर बने एक वृहद समूह को कहते हैं जिसमें सभी व्यक्ति मानवीय क्रियाकलाप करते हैं। मानवीय क्रियाकलाप में आचरण,सामाजिक सुरक्षा और निर्वाह आदि की क्रियाएं सम्मिलित होती हैं।मनुष्य सामाजिक प्राणी है|मनुष्य सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ है|अन्य प्राणियों की मानसिक शक्ति की अपेक्षा मनुष्य की मानसिक शक्ति अत्यधिक […] Read more » social justice and reservation सामाजिक न्याय और आरक्षण
राजनीति शख्सियत समाज वैश्विक परिदृष्य में बढ़ता भारत और श्रीगुरुजी February 18, 2021 / February 18, 2021 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी -श्रीगुरुजी पुण्य स्मरण : माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर, जन्म: 19 फरवरी 1906 – मृत्यु: 5 जून 1973 विश्वतश्चक्षुरुत विश्वतोमुखो विश्वतोबाहुरुत विश्वतस्पात् । सं बाहुभ्यां धमति सं पतत्रैर्द्यावाभूमी जनयन्देव एकः ॥ यह वेदमंत्र जब भी पढ़ने में आया या सुनने में, हर बार इसकी अर्थ ध्वनि लम्बे समय तक उस असीम परमात्मा के बारे […] Read more » अखिल भारतीय शिक्षण मण्डल अधिवक्ता परिषद ग्राहक पंचायत आरोग्य भारती इतिहास संकलन किसान संघ कीड़ा भारती विद्यार्थी परिषद् नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन पूर्व सैनिक सेवा परिषद प्रज्ञा भारती भारत प्रकाशन भारत विकास परिषद भारतीय जनता पार्टी भारतीय मजदूर संघ भारतीय विचार केन्द्र माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच राष्ट्रीय सम्पादक परिषद राष्ट्रीय सिख संगत लघु उद्योग भारती वनवासी कल्याण आश्रम विज्ञान भारती राष्ट्र सेविका समिति वित्त सलाहकार परिषद् विद्या भारती विवेकानन्द केन्द्र विश्व हिंदू परिषद् शैक्षिक महासंघ संस्कार भारती संस्कृत भारती सहकार भारती सामाजिक समरसता मंच सेवा भारती स्वदेशी जागरण मंच हिंदू स्वयंसेवक संघ हिन्दुस्थान समाचार हिन्दू जागरण अखिल भारतीय साहित्य परिषद्
धर्म-अध्यात्म समाज ऋषि दयानन्द ने न्याय को दृष्टिगत पर सामाजिक सुधार कार्य किए February 16, 2021 / February 16, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यऋषि दयानन्द (1825-1883) ने अपना जीवन ईश्वर के सत्यस्वरूप तथा मृत्यु पर विजय प्राप्ति के उपायों की खोज में लगाया था। इसी कार्य के लिए वह अपनी आयु के बाइसवें वर्ष में अपने पितृ गृह का त्याग कर अपने उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए निकले थे। अपनी आयु के 38वे वर्ष में […] Read more » Rishi Dayanand did social reform work on the view of justice ऋषि दयानन्द
लेख शख्सियत समाज संघ एवं सेवा के सुमेरु थे दर्शनलाल जैन February 10, 2021 / February 10, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग –वीर प्रसूता भारत माता की कोख से ऐसे अनगिनत लाल जन्में, जिन्होंने देश हित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। राष्ट्रसेवी, समाजसेवी एवं संघसेवी दर्शनलाल जैन उनमें से एक हैं, जिन्होंने अपने जीवन के 94 वर्षों में जब से उनकी प्रज्ञा जागृत हुई, एक-एक क्षण राष्ट्र, समाज एवं व्यक्ति उत्थान एवं उन्नयन के […] Read more » Darshan Lal Jain Darshan Lal Jain was the Sumeru of the sangh and service दर्शनलाल जैन
लेख समाज बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य February 6, 2021 / February 6, 2021 by सोनम लववंशी | 1 Comment on बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य किसी ने सच ही कहा है कि हम सब कुछ बदल सकते है, लेकिन अपने पूर्वज नहीं। उनके बिना न ही हमारा वर्तमान सुरक्षित है और ना ही भविष्य की नींव रखी जा सकती है। हमारे पूर्वज ही इतिहास से भविष्य के बीच की कड़ी होते है। इन सबके बावजूद अफ़सोस की आज हम अपने […] Read more » It is our duty to take care of the elderly बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य
लेख समाज सादगी परम विशेषज्ञता है February 1, 2021 / February 1, 2021 by प्रियंका सौरभ | 2 Comments on सादगी परम विशेषज्ञता है सादगी एक महान गुण है जो व्यक्ति जीवन में पालन कर सकता है। हमें बुद्धिमानों द्वारा सरल जीवन और उच्च विचार में विश्वास करने के लिए सही सलाह दी जाती है। सादगी एक ऐसा गुण है जो हमें कुछ समझने या करने में आसान बनाता है। दूसरी ओर समाजवाद, सभ्य प्रकृति, लालित्य और / या […] Read more » सादगी परम विशेषज्ञता है