समाज समाज : समानुभूति की संवेदना January 6, 2026 / January 6, 2026 by संध्या राजपुरोहित | Leave a Comment सहानुभूति मानवीय संवेदना का पहला चरण है। किसी के दुःख को देखकर करुणा का भाव जागना समाज को पूरी तरह असंवेदनशील होने से बचाता है, लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है जब यह भावना केवल शब्दों, बयानों और औपचारिक प्रतिक्रियाओं तक सीमित रह जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित सामाजिक और आर्थिक रिपोर्टें बताती हैं Read more » समानुभूति की संवेदना
लेख समाज विश्व पटल पर बालिकाओं का नवयुगः बदली सोच, उभरी शक्ति January 6, 2026 / January 6, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment पिछले 25 वर्षों में दुनिया ने लगभग 70 लाख बच्चियों को बचाया है, यह मानवीय प्रगति का बड़ा प्रमाण है। परंतु यह भी उतना ही कड़वा सत्य है कि आज भी हर साल दस लाख से अधिक बच्चियां गर्भ में ही खत्म कर दी जाती हैं और बीते 45 वर्षों में यह संख्या पाँच करोड़ से अधिक रही है। Read more » बालिकाओं का नवयुगः
समाज युवाओं को हिंदुत्व की शक्ति पहचानने की जरुरत January 5, 2026 / January 5, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment सनातन इतिहास और बड़े पैमाने पर अतीत में हुए धर्मांतरण के परिप्रेक्ष्य में यह याद रखने की जरुरत है कि भारत में कोई भी अहिंदु नहीं है,क्योंकि सबके मूल में हिंदुत्व है। तथाकथित सांस्कृतिक मार्क्सवाद की अस्मिता के लिए यह बड़ा प्रतिकार है। यह एक ऐसा क्षितिज है, जो भारत विभाजन और मतांतरण की पड़ताल करता है। Read more » हिंदुत्व की शक्ति
महिला-जगत शख्सियत समाज स्त्रियों के स्वाभिमान की प्रेरणा पुंज – सावित्रीबाई फुले January 2, 2026 / January 2, 2026 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment 3 जनवरी जन्म दिवस डा. वीरेन्द्र भाटी मंगल समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले व्यक्तित्वों की परंपरा में कुछ नाम ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव अपने समय से आगे तक जाता है। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए दीपस्तंभ बन जाते हैं। ऐसी ही महान समाज-सुधारक सावित्रीबाई फुले की […] Read more » सावित्रीबाई फुले
समाज पश्चिम में कम्युनिटी लिविंग का बढ़ता चलन January 2, 2026 / January 2, 2026 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment सिर्फ माता-पिता के साथ ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में सैकड़ों कम्युनिटी लिविंग ग्रुप्स बन गए हैं, जहाँ लोग सस्ते में रहते हैं और अकेलेपन से बचते हैं। वहां समाजशास्त्रियों की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कम्युनिटी लिविंग या मल्टी-जेनरेशनल घरों में रहने वाले लोग अकेले या न्यूक्लियर फैमिली Read more » पश्चिम में कम्युनिटी लिविंग
समाज गिग-वर्कर्सः डिजिटल सुविधा की चकाचौंध में पसीने का अंधेरा January 2, 2026 / January 2, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment अपना व परिवार का पोषण करने वाले इन युवा गिग-वर्कर्स को अकसर सरपट दौड़ती मोटरसाइकिलों पर, भारी थैलों के साथ ऊँची इमारतों की सीढ़ियाँ चढ़ते देखा जा सकता है। समय सीमा का दबाव इतना तीव्र होता है कि ज़रा-सी देरी पर आर्थिक दंड झेलना पड़ता है। Read more » गिग-वर्कर्स
समाज सर्वनाश की ओर ले जाता तूफान December 31, 2025 / December 31, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment आज के युवाओं को प्रभावित करने वाली चीजों में से मुख्य हैं- इंटरनेट, अश्लील एवं फूहड़ फिल्में, पब संस्कृति, ड्रग्स, फैशन, महंगे मोबाइल, जिनमें एसएमएस एवं एमएमएस करना, महंगी गाड़ियां एवं न सबके लिए मोटी रकम। ये चीजें ऐसी हैं, जो युवाओं में रचनात्मक एवं सृजनात्मक सोच के बजाय, घातक सोच को अंजाम दे रही हैं, Read more » युवा युग
समाज पारिवारिक परंपरा को बोझ नहीं, वैश्विक समाधान समझें December 31, 2025 / December 31, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment वैश्विक परिवार दिवस, शान्ति और साझेदारी का एक दिन, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिवर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी समारोह, ‘शान्ति में एक दिन’ से विकसित हुआ। Read more » वैश्विक परिवार दिवस
समाज आखिर कब रुकेंगे सडक़ हादसे? December 30, 2025 / December 30, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment हाल ही में केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में सडक़ हादसों को लेकर जो कहा, वह केवल एक मंत्री का बयान नहीं था बल्कि भावुक, विचलित और एक बेचैन इंसान की स्वीकारोक्ति भी थी कि सडक़ हादसे ऐसी राष्ट्रीय त्रासदी है, जिसे हम ठीक से रोक नहीं पा रहे। Read more » When will road accidents stop कब रुकेंगे सडक़ हादसे
समाज बढ़ते कामकाजी जीवन के दबाव में बिखरते परिवार December 30, 2025 / December 30, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment व्यस्ततम, घटनाबहुल एवं कामकाजी जिंदगी जीने के साथ परिवार के लिए वक्त निकालना आज के इंसान के लिए ज्यादा जरूरी हो गया है। परिवार से यह जुुड़ाव व्यक्ति को न केवल भावनात्मक रूप से, बल्कि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी खुशनुमा Read more » दबाव में बिखरते परिवार बिखरते परिवार
समाज नक्सली आतंक से पूर्ण मुक्ति की ओर लाल गलियारा December 29, 2025 / December 29, 2025 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment माओवादी अर्से से देश में एक ऐसी जहरीली विचारधारा रही है, जिसे नगरीय बौद्धिकों का समर्थन मिलता रहा है। ये बौद्धिक नक्सली संगठनों को आदिवासी समाज का हितचिंतक मानते रहे हैं, जबकि जो आदिवासी नक्सलियों के विरोध में रहे, उन्हें इनकी हिंसक क्रूरता का शिकार होना पड़ा है। बावजूद इसे दुर्भाग्य Read more » Red Corridor towards complete freedom from Naxalite terror नक्सली आतंक से पूर्ण मुक्ति
समाज वीर बाल दिवस: युवा भारत की प्रेरणा December 27, 2025 / December 27, 2025 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment डा. शिवानी कटारा भारत का इतिहास केवल तिथियों और युद्धों का संकलन नहीं है, बल्कि वह मानवीय साहस, नैतिक दृढ़ता और आत्मबल की जीवंत परंपरा है। वीर बाल दिवस, जो प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है, इसी परंपरा का एक अमर अध्याय है। यह दिवस सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के […] Read more » युवा भारत की प्रेरणा वीर बाल दिवस