दारुल उलूम का फतवा स्थापित कर सकता है सौहाद्र का नया इतिहास

Posted On by & filed under समाज, सार्थक पहल

प्रवीण गुगनानी भारतीय मुसलमानों को छोड़ना चाहिए अंग्रेजों की दी हुई गौमांस की कुटेव गौवंश वध हमारें विशाल लोकतान्त्रिक देश भारत के लिए अब एक चुनौती बन गया है. देश में प्रतिदिन शासन प्रशासन के सामनें गौ वध और अवैध गौ तस्करी के मामलें न केवल दैनंदिन के प्रशासनिक कार्यों के बोझ और चुनौती को… Read more »

अल्पसंख्यक, आरक्षण और शिक्षा

Posted On by & filed under समाज, सार्थक पहल

कुमार प्रत्युष भारत की राजनीति में अल्पसंख्यक और धर्मनिरपेक्ष शब्द का जितना ज्यादा प्रयोग या दुरूपयोग हुआ है, संभवतः अन्य किसी शब्द का ना हुआ हो! हर स्वार्थ्य को साधने का एकमात्र, आसान सा तीर है की उसे अल्पसंख्यकों के भलाई से जोड़ दिया जाए! मेरे मन में ये प्रश्न हमेशा से रहा है की… Read more »

संवैधानिक-मान्यता भोजपुरी का अधिकार है

Posted On by & filed under सार्थक पहल

 पियूष द्विवेदी ‘भारत’ पिछले संसदीय सत्र में तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम, जिन्हें कभी हिंदी बोलते हुवे भी नही देखा गया, ने जब संसद के अंदर भोजपुरिया लोगों के प्रति भोजपुरी में कहा कि – ‘हम रऊवा सब के भावना समझतानी’ तब उनकी इस बात से हर उस भोजपुरिया आदमी, जो बहुत काल से इस बात… Read more »

बाघों के इलाके में पर्यटन

Posted On by & filed under सार्थक पहल

प्रमोद भार्गव संदर्भ- सुप्रीम कोर्ट का बाघों के कोर एरिया में पर्यटकों के प्रतिबंध संबंधी आदेश। सर्वोच्च न्यायालय की रोक के चलते अब सैलानी राष्ट्रीय उधोगों और अभयारण्यों में स्थित बाधों के प्राकृतिक आवास स्थलों के निकट नहीं धूम सकेंगे। न्यायालय ने सभी राज्यों को बाघ्यकारी आदेश देते हुए कहा है कि बाघों के भीतर… Read more »

माजुली का हीरो जिंदा है

Posted On by & filed under महत्वपूर्ण लेख, शख्सियत, सार्थक पहल

अंशु मेश्‍क इस वर्ष ब्रह्मपुत्र नदी में आई बाढ़ ने जैसी तबाही मचाई है वैसी कल्पना कभी असमवासियों ने नहीं की थी। पानी के विकराल रूप ने सबसे ज्यादा माजुली द्वीप पर बसे 1.6 लाख वासियों को प्रभावित किया है। जो जिदगी और मौत के दरम्यान खुद को बचाने की कशमकश में घिरे हुए हैं।… Read more »

भाई ने दिलाई बहन को शिक्षा

Posted On by & filed under सार्थक पहल

उषा चौधरी हजारी राम बाड़मेर जिला के खारा गांव का रहने वाला है। इसका एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन है। हजारी राम 10 वीं कक्षा का छात्र है। वह युवा समूह की बैठकों से जुड़ा हुआ है। जहां अन्य मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की जाती है। जब वह इस… Read more »

…यानि अब ट्रेफिक पुलिस की जेब ज्यादा गरम होगी

Posted On by & filed under सार्थक पहल

तकरीबन बाईस पुराने सेंट्रल मोटर वीइकल एक्ट में संशोधन के प्रस्तावित बिल को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद एक ओर जहां यह उम्मीद की जा रही है कि इससे भारी अर्थ दंड से डर कर चालक ट्रेफिक नियमों की पालना के प्रति सजग होंगे, वहीं इस बात की भी आशंका है कि इससे… Read more »

मानवीय रिश्तों की गरिमा और अहमियत समझने की ज़रूरत है !

Posted On by & filed under सार्थक पहल

इक़बाल हिंदुस्तानी उस बूढ़ी मां की जान बचाकर मुझे बेशकीमती संतोष मिला है! आज पूंजीवाद और समाजवाद का अंतर धीरे धीरे हमारे सामने आने लगा है लेकिन दौलत और शौहरत के पुजारी मुट्ठीभर लोग इस सच्चाई को लगातार झुठलाने का प्रयास कर रहे हैं कि पैसा कमाने की होड़ समाज से रिश्ते नातों, धर्म, मर्यादा… Read more »

आओ बनें बाल अधिकार मित्र – रामकुमार विधार्थी

Posted On by & filed under सार्थक पहल

रेल्वे प्लेटफार्म पर           बाल अधिकार मित्र                                       M      F      T भोपाल                             30     5      35 इटारसी                            20     5      25 कटनी                              43     5      48 कुल                               93    15    108 बच्चों का एक ऐसा दोस्त जो बच्चों के कोमल मन को समझते हुए उनसे बात करे ,उनकी समस्याओं को हल करे उन्हें एैसा वातावरण प्रदान करे जो एक परिवार मे उन्हे मिलना चाहिये ………….. Read more »

‘वात्सल्य ग्राम’ की प्रयोगशाला

Posted On by & filed under धर्म-अध्यात्म, सार्थक पहल

ऋतेश पाठक अनाथों के नाथ विश्वनाथ के देश में अनाथों की लगातार बढ़ती संख्या आज चिंता का सबब बन रही है। गंभीर हालातों के मद्देनजर सरकारी स्तर पर खूब कागजी घोड़े दौड़ाये जा रहे हैं। ऐसे एकाकी और बेसहारा लोगों के बीच काम कर रही तमाम संस्थाओं में एक नाम है परमशक्ति पीठ का। पीठ… Read more »