विविधा भारतीय विकास प्रतिमान की आवश्यकता April 2, 2014 by कन्हैया झा | Leave a Comment -कन्हैया झा- आज़ादी के बाद देश को 15 वर्ष से भी कम समय में विकसित करने के लिए सिंचाई एवं बिजली उत्पादन के लिए बड़े बाँध, नहरें, निजी एवं सरकारी औद्योगिक क्षेत्र, आदि अनेक योजनाओं को प्रारंभ किया गया. इसके लिए किसानों की जमीन को सरकार ने सस्ते दामों पर ले लिया. इससे असंख्य देशवासियों […] Read more » need of India development भारतीय विकास प्रतिमान की आवश्यकता
विविधा स्टाम्प कालाबाजारी-“कलेक्टर क्या करेगा? … वो सब जानता है।” April 1, 2014 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 2 Comments on स्टाम्प कालाबाजारी-“कलेक्टर क्या करेगा? … वो सब जानता है।” -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- मैं आज 31.03.2014 को दोपहर में कलेक्ट्रेट जयपुर गया। बीस रुपये का स्टाम्प खरीदना था। दो स्टाम्प विक्रेताओं ने ये कहकर इनकार कर दिया कि उनके पास बीस रुपये का स्टाम्प नहीं है। अंत में एक बुजुर्ग महिला स्टाम्प विक्रेता ने बीस रुपये का स्टाम्प उपलब्ध होने की बात कही। उसको […] Read more » irregularities with stamp papers स्टाम्प कालाबाजारी-"कलेक्टर क्या करेगा? ....वो सब जानता है।"
विविधा आतंक की खतरनाक साजिश March 31, 2014 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलक- दिल्ली व राजस्थान की पुलिस समेत सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियां बधाई की हकदार हैं कि उन्होंने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सरगना तहसीन अख्तर उर्फ मोनू समेत पांच आतंकियों जियाउर रहमान उर्फ वकास, मुहम्मद महरुफ, मुहम्मद वकार अजहर उर्फ हनीफ, साकिब अंसारी उर्फ खालिद एवं बरकत को गिरफ्तार कर, उस साजिश […] Read more » dangerous intrigue of terror आतंक की खतरनाक साजिश
विविधा बिहार में शराब माफियाओं पर शांत सत्ता March 30, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- सुशासन की सरकार और सुशासनी प्रशासन ने बिहार में शराब बेचने की खुली छूट दे रखी हैl सच्चाई तो ये है कि शराब बिक्री के बहुत बड़े हिस्से पर अवैध कारोबारियों का ही कब्ज़ा है, जिनकी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और अन्य सरकारी बाबुओं से साठ-गांठ हैl जाहिर है इस कमाई में सबका अपना-अपना हिस्सा होता […] Read more » public crying wine- politics silent बिहार में शराब माफियाओं पर शांत सत्ता
विविधा वनपुत्रों की यही त्रासदी उनकी नियति March 30, 2014 by अमरेन्द्र किशोर | 3 Comments on वनपुत्रों की यही त्रासदी उनकी नियति -अमरेन्द्र किशोर- ओडिशा के कालाहांडी और नुआपाड़ा जिले की पहाड़िया जनजाति आजादी मिलने के ६७ साल बाद भी सरकारी तौर से जनजाति के दर्जा पाने से वंचित रहे हैं। यानि विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह से दूर रहे पहाड़िया जनजाति के लोग सरकार की ओर से आदिवासियों को दी जानेवाली सुविधाओं से महरूम हैं। उल्लेखनीय […] Read more » forest residents problems वनपुत्रों की यही त्रासदी उनकी नियति
विविधा गावस्कर की नियुक्ति समाधान नहीं! March 29, 2014 / March 29, 2014 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- “इस आदेश से भी सवाल उठते हैं कि क्या शिवलाल को आईपीएल का टूर्नामेंट कराने हेतु अयोग्य समझा गया या उनकी निष्टा सुप्रीम कोर्ट की दृष्टि में आईपीएल आयोजन के लिये सन्देहास्पद है? अन्यथा क्या कारण है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष का अन्तरिम कार्यभार संभालने के लिये कानूनी रूप से उत्तराधिकारी […] Read more » BCCI president Gavaskar; not a solution गावसकर की नियुक्ति समाधान नहीं!
विविधा बिहार में सड़कों के ‘माया-जाल’ का सच March 29, 2014 / March 29, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- सड़कों के मामले में बिहार की हालत अभी भी चिंतनीय ही हैl “राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख आबादी पर 257 किलोमीटर सड़क है, जबकि बिहार में प्रति लाख आबादी पर मात्र 90 किलोमीटर सड़क ही हैl” फिर भी पूरी दुनिया में ये शोर है कि बिहार में सडकों का जाल बिछा दिया गया […] Read more » Road reality in Bihar बिहार में सड़कों के ‘माया-जाल’ का सच
विविधा सृष्टि की रचना का पहला दिन March 28, 2014 by प्रमोद भार्गव | 3 Comments on सृष्टि की रचना का पहला दिन नवसंवत्सर, गुड़ी पड़वा 31 मार्च के अवसर पर -प्रमोद भार्गव- विक्रम संवत का पहला महीना है चैत्र। इसका पहला दिन गुड़ी पड़वा कहलाता है। ब्रह्म पुराण में कहा गया है कि इसी दिन ब्रह्मजी ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इसे नया दिन कहा गया। भगवान श्री राम ने इसी दिन बाली का वध […] Read more » Hindu new year सृष्टि की रचना का पहला दिन
विविधा मनोरञ्जक संस्कृत रचनाएं March 28, 2014 / March 28, 2014 by डॉ. मधुसूदन | 7 Comments on मनोरञ्जक संस्कृत रचनाएं -डॉ. मधुसूदन – ***ऐसा कवि जिसने, “ठठं ठठं ठं, ठठठं ठठं ठ” पर कविता रचकर दिखाई; ***ऐसा बलवान, जिसे शीत की बाधा नहीं होती; ***एक साँकल जिस से बंधा पागल दौड़ते फिरता है; ***और खटमल के डर से शिवजी, विष्णुजी और ब्रह्माजी कहां-कहां जा बैठे हैं ***और पढ़िए “चाय-गीता” में पिता-पुत्र का संवाद आज संस्कृत […] Read more » interesting Sanskrit contents मनोरञ्जक संस्कृत रचनाएं
विविधा बिहार में स्वास्थ्य कुव्यवस्था लाइव March 27, 2014 by आलोक कुमार | 1 Comment on बिहार में स्वास्थ्य कुव्यवस्था लाइव -आलोक कुमार- हमारे बिहार में एक कहावत बहुत ही प्रचलित है – ऊपर से फिट-फाट, नीचे से मोकामा घाट। इसका भावार्थ ये है कि बाहर से तो सब कुछ दुरुस्त ही दिखाई देता है, परन्तु वास्तविकता कुछ और ही होती है। यही हाल है बहुप्रचारित सुशासनी बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्वास्थ्य सेवाओं व […] Read more » worst condition of Health service in Bihar बिहार में स्वास्थ्य कुव्यवस्था लाइव
राजनीति विविधा विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री March 26, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- देश के प्रमुख राष्ट्रीय दलों के भावी प्रधानमंत्रियों को खोजी समाचार वेबसाइट विकीलीक्स ने करारा झटका दिया है। भाजपा द्वारा विकीलीक्स के संस्थापक-संपादक जूलियन असांजे का चित्र छपा पोस्टर देशभर में लगा है। इस पोस्टर में असांजे के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका नरेंद्र मोदी से डरता है,क्योंकि अमेरिका जानता है […] Read more » Wikileaks targets future PM विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री
विविधा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय सेनानी March 26, 2014 by वीरेंदर परिहार | 1 Comment on भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय सेनानी : तात्या टोपे -18 अप्रैल जन्मदिन पर विशेष -वीरेन्द्र सिंह परिहार- जब भारतवर्ष करीब-करीब 1857 के स्वतंत्रता की लड़ाई हार चुका था, और पूरे देश में अंग्रेजों का पुनः अधिपत्य हो गया था। उस दौर में भी अपने जीवन के अंतिम दस महीनों तक तात्या टोपे कैसे संघर्षरत रहे? वह एक अंग्रेज लेखक के शब्दों […] Read more » Tantya Tope- indian freedom contribution भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय सेनानी