डॉ. मधुसूदन

मधुसूदनजी तकनीकी (Engineering) में एम.एस. तथा पी.एच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त् की है, भारतीय अमेरिकी शोधकर्ता के रूप में मशहूर है, हिन्दी के प्रखर पुरस्कर्ता: संस्कृत, हिन्दी, मराठी, गुजराती के अभ्यासी, अनेक संस्थाओं से जुडे हुए। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (अमरिका) आजीवन सदस्य हैं; वर्तमान में अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्‍था UNIVERSITY OF MASSACHUSETTS (युनिवर्सीटी ऑफ मॅसाच्युसेटस, निर्माण अभियांत्रिकी), में प्रोफेसर हैं।

ए डिफ़रंट टेक : पुस्तक की समीक्षात्मक टिप्पणी ​

विद्वान् सर्वत्र पूज्यते।एक, पुस्तक की समीक्षात्मक टिप्पणी ​Dr. Madhusudan ​(१)​विद्वान् सर्वत्र पूज्यते।​”स्वगृहे पूज्यते मूर्खः, स्वग्रामे पूज्यते…

शब्दों के अध्ययन का प्रयोजन:

डॉ. मधुसूदन(एक)शब्दों के अध्ययन का प्रयोजन:’द्वे ब्रह्मणि वेदितव्ये शब्द ब्रह्मपरं च यत्‌॥शब्दब्रह्मणि निष्णातः परं ब्रह्माधिगच्छति॥संदर्भ…