महिला-जगत राजनीति संघ और स्त्रियाँ: सेविका समिति से शताब्दी तक की यात्रा September 27, 2025 / September 27, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment सितंबर 2025 में आयोजित व्याख्यानमाला के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज महिलाओं की भागीदारी समाज और राष्ट्र निर्माण में पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्त्री-शक्ति केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी उसकी बराबरी […] Read more » संघ और स्त्रियाँ सेविका समिति से शताब्दी तक की यात्रा
महिला-जगत लेख माहवारी का दर्द: जब सुविधाएं पहुंच से बाहर हों September 17, 2025 / September 17, 2025 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सरितालूणकरणसर, राजस्थान गाँव की गलियों में खेलती हुईं किशोरियाँ जब किशोरावस्था की ओर कदम रखती हैं, तो उनके जीवन में कई नई चुनौतियाँ आती हैं। इनमें सबसे बड़ी चुनौती है माहवारी। हालांकि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, मगर ग्रामीण इलाकों में रहने वाली कई लड़कियों के लिए यह दर्द और परेशानी से भरा अनुभव बन […] Read more » Period pain: When services are out of reach माहवारी का दर्द
महिला-जगत लेख समाज प्रसवोत्तर देखभाल: माँ का साथ सास से ज्यादा कारगर September 17, 2025 / September 17, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रसवोत्तर देखभाल: माँ की गोद में मिलती सुरक्षा, सास की भूमिका पर उठे सवाल अध्ययन बताते हैं कि प्रसव के बाद महिलाओं की देखभाल करने में सास की तुलना में उनकी अपनी माँ कहीं अधिक सक्रिय और संवेदनशील रहती हैं। लगभग 70 प्रतिशत प्रसूताओं को नानी से बेहतर सहयोग मिला, जबकि मात्र 16 प्रतिशत को […] Read more »
महिला-जगत लेख लड़की की मौत और हमारी घातक धारणाएँ August 27, 2025 / August 27, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment “हर लापता बेटी के साथ हमारी सोच की परीक्षा होती है — अफ़वाह नहीं, संवेदनशीलता ज़रूरी है” हर लापता लड़की के साथ हमारी संवेदनशीलता और सिस्टम की परीक्षा होती है। अफ़वाहें, ताने और लापरवाह पुलिस जाँच अपराधियों के लिए सबसे बड़ी मददगार बन जाती हैं। जब तक पुलिस हर गुमशुदगी को गंभीर अपराध मानकर तुरंत […] Read more » लड़की की मौत और हमारी घातक धारणाएँ
महिला-जगत लेख महिला सुरक्षा के नाम पर आश्वासनों की मात्र औपचारिकता नहीं निभाई जाए August 4, 2025 / August 4, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment संस्कृत में बड़े ही खूबसूरत शब्दों में नारी/स्त्री के बारे में कहा गया है कि-‘ नारीणां तु विशेषेण गुणान् संकीर्तयाम्यहम्। या यथा शक्तितः पूज्या धर्मे पन्थाः स एव सः।।’ इसका मतलब यह है कि स्त्रियों के गुणों का वर्णन विशेष रूप से करना चाहिए। वे जैसे भी हों, जिस शक्ति से युक्त हों, पूजनीय हैं […] Read more »
महिला-जगत लेख बदलते युग का नया तमाशा: संस्कारों की सिसकियाँ May 26, 2025 / May 26, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment (समाज में बदलती नैतिकता, रिश्तों की उलझन और तकनीक के नए असर पर) समाज में अब बेटी की निगरानी नहीं, दादी और सास की होती है। तकनीक और आज़ादी के इस युग में रिश्तों की परिभाषा बदल गई है। जहाँ पहले लड़कियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी, अब वही महिलाएं अपनी आज़ादी के साथ […] Read more » संस्कारों की सिसकियाँ
महिला-जगत लेख ‘डिजिटल बलात्कार’ के मायने क्या है? April 22, 2025 / April 22, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एयरलाइन कर्मचारी का यौन उत्पीड़न करने वाला आरोपित गिरफ्तार हो गया है। वह इसी अस्पताल का कर्मचारी था। उसकी पहचान दीपक कुमार के तौर पर हुई है। वह आईसीयू में तैनात था। उस पर अब ‘डिजिटल रेप’ का आरोप लगा है। डिजिटल रेप सामान्य रेप से अलग आरोप […] Read more » ‘डिजिटल बलात्कार’ के मायने क्या है digital rape
महिला-जगत लेख शख्सियत साक्षात्कार सार्थक पहल सुनीता विलियम्स : साहस से छुआ आसमान March 23, 2025 / March 24, 2025 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी “अगर देखना चाहते हो मेरे हौसलों की उड़ान तो आसमान से कह दो कि और ऊँचा हो जाए”। ये पंक्तियाँ निश्चित ही ऐसा आभास कराती हैं कि यह असंभव जैसी बात है। क्योंकि आसमान में उड़ने वाली बात किसी ऐसे सपने जैसी ही लगती है, जो पूरा हो ही नहीं सकता। लेकिन व्यक्ति […] Read more » Sunita Williams
महिला-जगत लेख महिलाओं के खिलाफ आपराधिक व घिनौनी प्रवृत्तियों पर लगे अंकुश ! March 18, 2025 / March 18, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका सदैव से बहुत ही अहम और महत्वपूर्ण रही है। कहना ग़लत नहीं होगा कि महिलाएं परिवार समाज, समाज के बाद देश के विकास में अनेक भूमिकाएं निभाती हैं। वास्तव में ये महिलाएं ही हैं जो हमारे भारतीय समाज की असली रीढ़ हैं और समुदाय के विकास […] Read more » महिलाओं के खिलाफ आपराधिक व घिनौनी प्रवृत्तियों
महिला-जगत लेख समाज भारतीय समाज में मासिक धर्म अभी तक कलंकित क्यों? March 11, 2025 / March 11, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत के पास मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति अधिक समावेशी और दूरदर्शी दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए सांस्कृतिक विचारों का सम्मान करने का अवसर है। आपके क्या विचार हैं-क्या सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, या जमीनी स्तर के संगठनों को बदलाव लाने में आगे आना चाहिए? मासिक धर्म से जुड़ा कलंक कई संस्कृतियों में […] Read more » Why is menstruation still stigmatized in Indian society? मासिक धर्म अभी तक कलंकित
महिला-जगत लेख महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के कर्तव्य March 9, 2025 / March 18, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वर्तमान समय में महिलाओं के सशक्तिकरण की बातें की जाती हैं । जिसके लिए महिलाओं के अनेक संगठन देश में काम कर रहे हैं । जो महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं । क्या ही अच्छा हो कि ये सभी संगठन महिलाओं के अधिकारों की अपेक्षा उन्हें उनके कर्तव्यों का स्मरण दिलाएं ।यह […] Read more » Women empowerment and duties of women महिला सशक्तिकरण महिलाओं के कर्तव्य
महिला-जगत लेख रंगों में बांट दिया स्त्री संसार March 7, 2025 / March 7, 2025 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार स्त्री सशक्तिकरण के सौ साल गुजर चुके हैं और आज भी समाज उन्हें सशक्त बनाने की कोशिश में है। एक ओर समाज कहता है कि आधी दुनिया उनकी लेकिन आधी तो क्या खुले मन से एक टुकड़ा भी देने को राजी नहीं है। यकीन ना हो तो देख लीजिए कि स्त्री संसार को […] Read more » The world of women is divided into colors रंगों में बांट दिया स्त्री संसार