चारों तरफ हैं रास्ते, हर रास्ते पे मोड़ है !

CrossroadSignचारों तरफ हैं रास्ते, हर रास्ते पे मोड़ है !

तुही बता ये जिन्दगी, जाना तुझे किस ओर है !!

 

हर तरफ़ से आवाजें, कोलाहल और शोर है !

कुछ समझ आता नहीं, मंजिल मेरी किस ओर है !!

 

सब के सब बेकल यहाँ , सबके सपनों का जोड़ है !

किसके सपने तोड़ूँ मै, कैसा ये कठिन होड़ है !!

 

कैरियर के दौड़ में, भूषण कितने ही मोड़ है !

ठान लिया तूने अगर, मंजिल नहीं कोई दूर है !!

 

जिस तरफ भी चल पड़ो, रास्ता तेरा उसी ओर है !

मंजिले भी है वहीं तेरी, मुक्कमल जहाँ उसी ओर है !!

3 thoughts on “चारों तरफ हैं रास्ते, हर रास्ते पे मोड़ है !

  1. शब्द संकलन सार गर्भित है कवी की सार्थकता है की देश के लिए कुछ आदर्श युक्त करे ।
    यमुना,,

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