पिता को पुत्र की एतिहासिक भेंट : लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक

आज उन्नाव में ‘लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे’ का उदघाटन हुआ। ‘एक्सप्रेस-वे’ को हिंदी में क्या कहा जाए? महापथ या द्रुत-मार्ग ! ये दोनों हिंदी शब्द, अंग्रेजी के शब्द से अधिक सरल और छोटे हैं। ‘महापथ’ मुझे ज्यादा अच्छा लगा, क्योंकि जब लोगों को द्रुत-मार्ग की आदत पड़ जाएगी तो वह द्रुत नहीं रहेगा लेकिन वह महापथ तो हमेशा रहेगा ही। इस महापथ के निर्माण का श्रेय उत्तरप्रदेश के अखिलेश यादव सरकार को है।
मुख्यमंत्री अखिलेश के निमंत्रण पर मैं भी इस समारोह में शामिल हुआ। हेलीकाॅप्टर से मुलायमसिंहजी, अजीज कुरैशी (पूर्व राज्यपाल), शिवपाल यादव, जया बच्चन आदि हम लोग उदघाटन-स्थल पर पहुंचे। वहां पहुंचे तब तक हमें अंदाज नहीं था कि आज हम उत्तरप्रदेश ही नहीं, भारत के एक एतिहासिक समारोह में भाग ले रहे हैं। एतिहासिक इसलिए कि यह भारत का ऐसा पहला राजमार्ग है, जिसकी लंबाई 302 किमी है। इतना लंबा महापथ या द्रुतमार्ग इससे पहले किसी भी सरकार ने नहीं बनाया। न तो किसी राज्य सरकार ने और न ही किसी केंद्र सरकार ने ! उप्र की समाजवादी सरकार की यह अप्रतिम उपलब्धि तो है ही, इससे बड़ी उपलब्धि यह है कि जो सड़क पांच साल में बननी थी, वह सिर्फ 23 माह में ही बन गई। यह नौजवान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चमत्कार है। इस सड़क को बनाने के लिए सैकड़ों किसानों से जमीनें ली गईं लेकिन न तो किसी किसान ने आत्महत्या की और न ही वैसा शोर मचा, जैसा कि आजकल नोटबंदी के कारण मचा हुआ है। यह सड़क सिर्फ उप्र के लोगों के लिए ही नहीं, सारे भारत के लोगों के लिए फायदेमंद होगी। इसने 10-12 घंटे की यात्रा को घटाकर दो-ढाई घंटे का कर दिया है। अब अरबों रु. का पेट्रोल-खर्च होने से बचेगा। अभी यह छह सड़कों का महापथ है। इसे आठ सड़कों का बनाया जा सकता है। इसमें 15000 करोड़ रु0 लगने थे। यह 13000 करोड़ में ही बन गया। इस महापथ पर हवाई जहाज भी आसानी से उतर सकते हैं। सुखोई और मिराज लड़ाकू विमान जैसे अति शक्तिशाली विमानों को हमारे सामने उतरते देखना अपने आप में एक अनुभव था। युद्ध की हालत में हमारी फौज के लिए यह महापथ वरदान साबित हो सकता है। अपने उदघाटन-भाषण में मैंने मुलायमसिंहजी को संबोधित करते हुए कहा कि भाई आपके बेटे ने लखनऊ-आगरा सड़क बनाई, आप कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सड़क बनाने का संकल्प क्यों नहीं करते? आप धन्य हैं, आप अपने बेटे पर गर्व करें कि उसने आपको जन्मदिन पर इतनी शानदार भेंट दी है, जिससे करोड़ों लोगों को अपूर्व सुविधा मिलती रहेगी। क्या कोई पुत्र अपने पिता को इससे बेहतर सम्मान दे सकता है? मुलायमजी का जन्मदिन आज 22 नवंबर को है।

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