लेखक परिचय

डॉ. मधुसूदन

डॉ. मधुसूदन

मधुसूदनजी तकनीकी (Engineering) में एम.एस. तथा पी.एच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त् की है, भारतीय अमेरिकी शोधकर्ता के रूप में मशहूर है, हिन्दी के प्रखर पुरस्कर्ता: संस्कृत, हिन्दी, मराठी, गुजराती के अभ्यासी, अनेक संस्थाओं से जुडे हुए। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (अमरिका) आजीवन सदस्य हैं; वर्तमान में अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्‍था UNIVERSITY OF MASSACHUSETTS (युनिवर्सीटी ऑफ मॅसाच्युसेटस, निर्माण अभियांत्रिकी), में प्रोफेसर हैं।

Posted On by &filed under प्रवक्ता न्यूज़.


HAFअक्तुबर २०१३- “हिंदु अमरिकन सम्मान महीना”

कॅलिफोर्निया में घोषित हुआ। -डॉ. मधुसूदन

सॅक्रेमेंटो, कॅलिफोर्निया (जून २५. २०१३) का समाचार आया है, उसके अनुसार, कॅलिफोर्निया( usa) ने, अक्तुबर २०१३ को “हिंदु अमरिकन सम्मान महीना” घोषित किया गया है। समाचार है, कि, कॅलिफोर्निया राज्य, और साथ साथ यह अमरिका देश, हिंदु अमरिकनो के प्रभावी योगदान से, अत्यधिक लाभ कर पाया है। हिंदू अमरिकनों का विशेष योगदान; योगासन, ध्यान, समाधि, वेदान्त दर्शन, आयुर्वैदिक औषधियाँ, भारतीय शास्त्रीय संगीत, विभिन्न कलाऍ, और नृत्य इत्यादि क्षेत्रो में …….” विशेष प्रभाव पैदा कर चुका है।

हिंदु अमरिकनों का आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से कॅलिफोर्निया राज्य की सेनेट ने सर्व सम्मति से, एक साथ दो प्रस्ताव, पारित किए। उन प्रस्तावों के अनुसार अक्तुबर २०१३ का महीना ” कॅलिफोर्निया हिंदु अमरिकन सम्मान महीना”(California Hindu American and Appreciation Month ) के नामाभिधान से जाना जाएगा।

“recognize[s] and acknowledge[s] the significant contributions made by Californians of Hindu heritage to the state.”

आगे कहा गया है, कि, इन प्रस्तावों द्वारा राज्य (कॅलिफोर्निया ) हिंदू अमरिकनों का, प्रभावी योगदान के लिए,आभार व्यक्त करता है, जो उन्हों ने राज्य की सेवा में दिया है।

साथ में, इन प्रस्तवों द्वारा, हिंदु परम्पराओं से जुडें कॅलिफोर्निया वासिय़ों का प्रभावशाली योगदान प्रमाणित भी किया जाता है।

सारी हिंदू अमरिकन प्रजा के लिए कल की यह घटना, ऐतिहासिक महत्त्व की मानी जाएगी।

कॅलिफोर्निया राज्य में प्रायः ३७०,००० जन संख्या वाली, हिंदू अमरिकन समाज की प्रगतिशील और सम्पन्न प्रजा रहती है। इनकी व्यावसायिक विविधता और विशेषज्ञता शिक्षा, विज्ञान, अभियांत्रिकी, वाणिज्य, कलाएँ, और साहित्य इत्यादि क्षेत्रों में जानी पहचानी है।

मैं मेरे सेनेट के साथियॊ को सर्वसाम्मति से प्रस्ताव पारित करने के लिए, धन्यवाद देती हूँ, यह कहना था, सेनेटर एलन कॉर्बेट का , जिन्हों ने प्रस्ताव लाया था।

हिंदू की समन्वयता वादी विचारधारा और उसके अनुरूप उसका आचार उसे अमरिका में भी स्वीकार्यता प्रदान करता है। यह अनुभव इस लेखक को बार बार आता है।

व्यावसायिक पहचान भी हिंदू अमरिकनों ने अपनी वैशिष्ट्य पूर्ण प्रामाणिक सेवासे ही अर्जित की है। पहले ऐसा नहीं था, पर, अब कुशल हिंदू अमरिकनों की व्यावसायिक माँग बढी हुयी प्रतीत होती है।

 

6 Responses to ““हिंदु अमरिकन सम्मान महीना””

  1. DR.S.H.Sharma

    This is matter of happiness and satisfaction that Hindus
    are doing so well in all fronts in America and are proud of their culture, heritage, traditions, customs and above all are proud to call themselves Hindu.
    I congratulate as a British Hindu to the American Hindu Foundation and its all active workers and supporters on their achievements and wish them to do well in the future..

    Reply
  2. डॉ. मधुसूदन

    डॉ.मधुसूदन

    डॉ. ठाकुर, बहन रेखा सिंह जी, और प्रतिभाजी आप ने समय निकाल कर आलेख पढा, और टिप्पणी लिखी, सभी को धन्यवाद।

    Reply
  3. Rekhasingh

    हिन्दुओं की समन्वयवादी विचारधारा अमेरिका को धनी बना रही है | हम जो लोग भारत भूमि मे जन्म लेकर आये है | अपने धर्म , कर्म , ज्ञान , विचार , संस्कार से स्वयं की और इस देश की प्रगति मे सहयोग कर रहे है | हम अमेरिका की इस उदारवादी विचारधारा का भी स्वागत करते है जिसने हिन्दुओं के द्वारा जीवन के विभिन्न क्षेत्रो मे दिए गए योगदान को सराहा है और जिसका परिणाम हमारे सामने है |
    हिन्दू अमरीकन सम्मान महीने के लिए ३७०,००० हिन्दू भाई बहनों को धन्यबाद| उन समस्त अग्रणी हिन्दुओ को मेरा ह्रदय से विशेस धन्यबाद | हमारे आगे आने वाली भारतवंसी पीढियों को यह हमारी देंन होगी इस देश मे |

    Reply
  4. डॉ. प्रतिभा सक्‍सेना

    प्रतिभा सक्सेना

    अभिनंदन है, हिन्दू अमरिकन फाउंडेशन के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं का जिनके सतत प्रयासों से हम सभी भारतीय गौरवान्वित हुए,
    औऱ
    अपने देश के उन सुपुत्रों का भी ,जो अपनी कार्य-निष्ठा और बुदिध-बल से अपने कर्म-क्षेत्र का जीवन समृद्ध बना रहे हैं !

    Reply
  5. डॉ. मधुसूदन

    डॉ.मधुसूदन

    हिंदू अमरिकन फाउंडेशन, समीर कालरा, रो खन्ना और उनके सहकार्यकर्ताओं को इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को पारित करवाने का श्रेय है। “हिंदू अमरिकन फाउंडेशन” हमारे, एक युवा डाक्टर मिहीर मेघाणी के मस्तिष्क से निकली हुयी संस्था है।
    मिहीर मेघाणी गुजरात के सुप्रसिद्ध राष्ट्र कवि, झवेरचंद मेघाणी के प्रपौत्र है।
    सफल डॉक्टर होने के उपरांत आप हिंदू अमरिकन फाउंडेशन के संचालन में भारी योगदान देते हैं। कुछ ही वर्षों में आपने इस संस्था को ख्याति प्राप्त करवाई है।
    हिंदू अमरिकन फाउंडेशन के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं का अभिनंदन। यह उपलब्धि विशेष है।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *