अपनी सुंदरता में लगाना है चार चांद तो आजमाइए ये एस्ट्रो टिप्स

सुंदर दिखने की चाह भला किसे नहीं होती। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वो खूबसुरत दिखे, जहां भी जाए सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिलाएं तो विशेष रुप से सुंदर दिखना चाहती है। इसके लिए महिलाएं  जो संभव हो वह करती भी हैं। अपने सौंदर्य की प्रशंसा सुनने के लिए सदैव आतुर रहती हैं। अगर यह कहा जाए कि महिलाओं का सबसे पसंदीदा कार्य अपनी प्रशंसा सुनना है तो अतिशोक्ति नहीं होगी। महंगे से महंगे सौंदर्य सामग्रियों का प्रयोग और सोलह श्रृंगार कर स्वयं को सुंदर बनाए रखती हैं। आज के आधुनिक समय में स्वयं को सुंदर और आकर्षक बनाए रखना सहज कार्य नहीं है, एक तो समय की कमी दूसरे उपलब्ध सामग्री में शुद्धता का अभाव होने के कारण सौंदर्य में बढ़ोतरी कम, कमी अधिक होती है। सुंदर छवि के साथ लोगों के दिलों में घर करने की चाह लिए इधर उधर प्रयासरत रहते हैं। बहुत प्रयास करने पर भी यदि यह संभव न हो पा रहा हो तो निराशा और हताशा होना स्वभाविक है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही ज्योतिषीय उपायों की जानकारी देने जा रहे हैं जिनके द्वारा आप अपने खूबसूरती में चार चांद लगाने में सफल रहेंगे। इन उपायों से आप अपने रुप में निखार करने में सफल रहेंगे।

जन्मपत्री का पहला भाव जिसे लग्न भाव के नाम से जाना जाता है। लग्न भाव व्यक्तित्व और शारीरिक रचना का भाव है। व्यक्ति के रुप, सौंदर्य और चेहरे का विश्लेषण लग्न भाव से ही किया जाता है। पहला भाव मुख, मुखाकॄति, सिर, मस्तिष्क और रुप का प्रतिनिधित्व करता है। लग्न भाव का शुभ ग्रहों से युक्त होना जातक को सौंदर्यपूर्ण बनाता है। इस भाव के ग्रह स्वामी की वस्तुओं को धारण करना और उपाय करना व्यक्तित्व और रुप में सुधार करता है।

 जन्मकुंडली के आधार पर स्वास्थ्य सुख और सुंदरता पाने के लिए लग्न भाव को बल दिया जाता है। लग्न भाव मजबूत हो जाए तो व्यक्ति का सौंदर्य स्वयं खिल उठता है। लग्न भाव को बल्देने के लिए लग्नेश ग्रह का मंत्रोच्चारण, हवन, अभिषेक और यंत्र पूजन किया जाता है। इन उपायों से व्यक्तित्व उभर कर आता है और व्यक्ति प्रत्येक स्थान पर प्रशंसा का पात्र बनता है। सुंदरता और लोकप्रियता दोनों का प्रत्यक्ष संबंध है। सुंदर व्यक्ति को सहजता के साथ लोकप्रियता प्राप्त होती है।

सौंदर्य वॄद्धि का अचूक उपाय – देवी लक्ष्मी का पूजन  
देवी लक्ष्मी न केवल धन की देवी हैं, अपितु उन्हें सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है और नवग्रहों में शुक्रवार का दिन साज-सज्जा और सौंदर्य प्रसाधन प्रयोग करने का दिन है। जो व्यक्ति शुक्रवार के दिन सुसज्जित होकर मां लक्ष्मी का पूजन और श्रृंगार करता है उसे देवी धन, सुख और सौंदर्य सभी कुछ प्रदान करती है। मां लक्ष्मी को गुलाबी रंग के वस्त्र अतिप्रिय है। धन की देवी का प्रतिदिन गुलाबी रंग के वस्त्र पहन कर करने से मुख पर तेज और सुंदरता का भाव विराजित होता है। सौंदर्य से जुड़े सभी कार्य करने के लिए शुक्रवार के दिन का प्रयोग विशेष माना गया है।  

शुक्र ग्रह को सौंदर्य प्रदान करने वाले ग्रह हैं। शुक्र ग्रह से संबंधित उपाय करने से न केवल खूबसूरती में निखार आता है अपितु वैवाहिक और प्रेम संबंधों में भी स्नेह बढ़ता है। किसी के दिल में जगह बनाने के लिए शुक्र ग्रह के उपाय करना कारगर उपाय है। इसके लिए शुक्र ग्रह की वस्तुओं का प्रयोग किया जा सकता है साथ ही शुक्र ग्रह का मंत्र जाप भी करना चाहिए।

शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र और दही का दान करना भी सौंदर्य वृद्धि करने में सहयोगी साबित होता है। ये सभी वस्तुएं क्योंकि शुक्र ग्रह से संबंधित है अत: यह रुप निखार करने के साथ साथ भाग्य और धन बढ़ाने का कार्य भी करती हैं।  

शुक्रवार के व्रत का पालन करने से भी धन की देवी लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और सौंदर्य में चमत्कारिक निखार आता है।

6 मुखी रुद्राक्ष भी सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र ग्रह का रुद्राक्ष है। इस रुद्राक्ष को नियमित रुप से धारण करने पर धारक के व्यक्तित्व बेहतर होता है।

शुक्र रत्न हीरा अपने खूबसूरती के लिए जाना जाता है। 84 रत्नों में यह एकमात्र रत्न है जो आकर्षण में वॄद्धि करने के लिए जाना जाता है। इस रत्न के विषय में कहा जाता है कि जो व्यक्ति इसे धारण करता है उसके रुप, रंग और व्यक्तित्व में एक नई छ्टा देखने में आती है।  

Leave a Reply

%d bloggers like this: