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dlf-ipl-schedule-season-21आईपीएल साउथ अफ्रीका पलायन कर गया तो क्या, अपुन लोग फिर भी तो मस्त हैं। इस बार का आईपीएल उत्सव कई मायने में खास है। एक ओर फिल्म स्टार्स की टीमें दांव पर लगी हैं तो दूसरी और लोकतंत्र के नुमाइन्दो की प्रतिष्ठा।

एक ओर साउथ अफ्रीका की उछाल मारती पिचों पर बेपरवाह बाउंसर तो एक ओर चुनावी पिचों पर चोके छक्के ठोंकते डेमोक्रेटिक प्लेयर्स। साउथ अफीका का पॉलिटिक्स से खास लेना देना है। महात्मा गाँधी ने अपनी जिंदगी का एक अरसा व्यतीत किया है वहां पर। अपने विजय माल्या साब जिन्होंने गाँधी की बची खुची चीजें खरीदकर राष्ट्रपिता की लाज रखी वो भी डटे हुए हैं अपनी पूरी टीम के साथ।

आईपीएल साउथ अफ्रीका पलायन कर गया तो क्या, अपुन लोग फिर भी तो मस्त हैं इस बार का आईपीएल उत्सव कई मायने में खास है। एक ओर फिल्म स्टार्स की टीमें दांव पर लगी हैं तो दूसरी और लोकतंत्र के नुमाइन्दो की प्रतिष्ठा।

साउथ अफ्रीका काफी अरसे से रंग भेद का शिकार रहा है और इधर शिल्पा शेट्टी को रातों रात स्टार बना देने वाली जेडी गुडी का नस्लभेदी कमेन्ट। अजी भूल गए जनाब. शिल्पाजी भी राजस्थान रायल्स के बिग ब्रदर्स संग जोर आजमाइश में जुटी हुई हैं। डिम्पल गर्ल प्रीती जिंटा जो पिछली बार खिलाडियों को जादू की झप्पी देती रहीं, इस बार के सीजन में नए अंदाज में अवतरित हुई हैं सॉफ्ट ड्रिंक विथ हार्ड समोसों के काम्बिनेसन के साथ।

सल्लू मियां पार्टी निरपेक्षता के सिद्धान्त के बल पर हर दल के स्टार प्रचारक बने फिर रहे हैं तो किंग खान भी नाइट राइडर्स के स्टारडम को भुनाने के लिए फिलम विलम कर शूटिंग छोड़ पैवेलिएन में बैठ हाथ हिलाते नज़र आ रहे हैं। खुन्नस तो दादा गांगुली को हुई है जिनकी कप्तानी छीन उन्होंने रही सही इंटरनेशनल इज्जत की मिटटी पलीत कर दी। मुन्ना भाई ने अपने को सीमित कर लिया है अब वो एक ही पार्टी के लिए शूटिंग करेंगे डिफरेंट्स लोकेशंस पर।

सस्पेंस का तड़का, थ्रिलर का लाइव शो, हारर का रोमांच सब उपलब्ध है जरूरत है बस रिमोट का बटन दबाने की। मैथ वालों के लिए मुफ्त की आंकड़ेबाजी गर्मियों की छुट्टी में फुल टाइम पास। मंदिरा बेदी की दिलकश समीक्षा सुनिए मन उकताए तो चैनेल चेन्ज कीजिये और उठाइए चुनावी पुरोधाओं की गरमा गर्म बहस का ठंडा ठंडा लुफ्त। आईपीएल की ढोल विथ चुनावी एग्जिट पोल। ढोल की पोल हर बार के माफिक खुलेगी ही आखिर जनता की परख कैच कर पाना उतना ही मुश्किल है जितना कि आईपीएल चैम्पियन का चुनाव।

चुनाव के अटकलबाज और आईपीएल के सट्टेबाज समान रूप से सक्रिय हो गए हैं। चवन्नी-अठन्नी से लेकर लाखों करोडों के वारे न्यारे कुछ ही दिनों में हो जायेंगे। कोई सत्ता जीत मालामाल होगा तो कोई सट्टा।

-पंकज प्रसून

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