लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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दीपावली ! वास्तव में दीवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह त्योहारों का समूह है, जो 5 दिनों तक मनाया जाता है।इस वर्ष गुरुवार, 19 अक्टूवर को महालक्ष्मी की पूजा का महापर्व दिवाली है। दिवाली पर की गई पूजा से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पुरानी परंपराओं के अनुसार कुछ खास काम बताए गए हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री  से जानिए ऐसे काम जो दिवाली तक रोज करते रहने से किस्मत से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।यह बात तो सब जानते ही होंगे कि पांच दिवसीय दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है। इस दिन धनवंतरि का प्रगट दिवस मनाकर आयु तथा आरोग्य, स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में प्रार्थना, चिंतन व मनन किया जाता है। शाम को यम के प्रति हर घर में दीप का दान इस भाव से किया जाता है कि किसी को भी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताए। इस दिन वर्षभर के लिए आवश्यक बर्तनों की खरीदारी भी शुभ चौघडि़ए में की जाती हैं। लक्ष्मी को धन एवं ऐश्वर्य की देवी के रूप में पूजा जाता है।

 

यहां नहीं रूकतीं लक्ष्मी—

 

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के शास्त्रानुसार नारी को नारायणी अर्थात गृहलक्ष्मी निरूपित करते हुए मान्य बताया गया है, उनका किसी भी स्थिति में अपमान, भ्रूण हत्या जैसे घृणित कृत्य करने वाले मां लक्ष्मी की पूजा के अधिकारी नहीं हैं। उन्हे जीविका चलाने के लिए दूसरों पर आश्रित रहना पड जाता है। महालक्ष्मी की कृपानुसार, धन बल को बढ़ाने में सूर्य-चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति व शुक्र ग्रह की भूमिका भी इसी प्रकार देखी जानी चाहिए। इनके कारण ही मनुष्य में निर्देशन, प्रबंधन, व्यवस्थापन, साहस व सुरक्षा के अधिकारी भाव, बुद्धिबल, दायित्व तथा सुख आदि स्थिर रहते हैं।

 

ऐसे होता है धनक्षय—

धन प्राप्ति के 20 से अधिक प्रकार के योग होते हैं। साथ में इतने ही योग धनक्षय यानी विपन्नता के भी मिलते हैं। जब चंचला भगवती लक्ष्मी को घर छोड़ना है, तो मतिभ्रम होना भी स्वाभाविक हैं, विवेक शून्यता आ जाने से निर्णय ले पाने में व्यक्ति असमर्थ हो जाता है।  वास्तव में धनक्षय होना बर्बादी का रूप माना जाता है।

लोगों में जब प्रतिद्वंद्विता की भावना, अपवित्रता, दुर्व्यसन, दुराचरण, चोरी, क्रोध एवं अशांति उत्पन्न होने लगते हैं तो इस स्थिति में लक्ष्मी (धन) ठहरना पसंद ही नहीं करती, क्योंकि इस पृष्ठभूमि में भी ग्रहों की डोर व्यक्ति को चलाती रहती हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन होता है। इनका प्राकट्य चूंकि कार्तिक अमावस को हुआ और धनवंतरि भी कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को निकले थे तो इसी दिन पूजा का विधान किया गया है।
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दीवाली अर्थात लक्ष्मी जी का पूजन होता है. ये दिन महालक्ष्मी की कृपा पाने का विशेष समय है. इन दिनों में लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन से चमत्कारी उपाय किए जा सकते हैं। दीवाली का सर्वाधिक महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में सही विधि-विधान से लक्ष्मी का पूजन करने पर अगली दीवाली तक के लिए लक्ष्मी कृपा से घर में धन और धान्य की कमी नहीं आती है। साथ ही शास्त्रों में बताए टोने-टोटके के उपायों से भी बहुत जल्दी ही लक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है।
इन उपायों में से यदि आप 4-5 उपाय भी कर लेंगे तो लक्ष्मी जी की प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है…

—-दिवाली में ब्रह्म मुहूर्त में उठिए, पानी में थोडा कच्चा दूध काले तिल और गंगाजल मिला लीजिये और इस पानी से स्नान कीजिये.
—-स्नान के बाद नए कपडे पहने और सूर्य को जल अर्पित करें, जल के साथ ही लाल फूल भी अर्पित करें.
—-अशोक के पत्तों से वन्दनवार बनाये और दरवाजों पर लगायें.
— धन प्राप्ति की कामना करने वाले व्यक्ति को दीपावली की रात मुख्य दरवाजे की चौखट के दोनों ओर दीपक अवश्य लगाना चाहिए।
—– घर के आसपास जो भी मंदिर हो वहां रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इससे सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। – घर के आंगन में भी दीपक लगाना चाहिए। ध्यान रखें यह दीपक भी रातभर बुझना नहीं चाहिए।
—हमारे घर के आसपास वाले चौराहे पर रात के समय दीपक लगाना चाहिए। ऐसा करने पर पैसों से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।
—किसी बिल्व पत्र के पेड़ के नीचे दीपावली की शाम दीपक लगाएं। बिल्व पत्र भगवान शिव का प्रिय वृक्ष है। अत: यहां दीपक लगाने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है।
—–इस दिन अमावस्या रहती है और इस तिथि पर पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने पर शनि के दोष और कालसर्प दोष समाप्त हो जाते हैं
—पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली की रात एक दीपक लगाकर घर लौट आएं। दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
— यदि संभव हो सके तो दिवाली की रात के समय किसी श्मशान में दीपक लगाएं। यदि यह संभव ना हो तो किसी सुनसान इलाके में स्थित मंदिर में दीपक लगा सकते हैं।
—- घर के पूजन स्थल में दीपक लगाएं, जो पूरी रात बुझना नहीं चाहिए। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
—–दीवाली के दिन हनुमान जी के मंदिर में  तेल का दीपक जलाएं, इस दीपक में एक लौंग भी डालें, और हनुमान चालीसा का पाठ करें. और आरती गायें.
—–इन दिन माँ लक्ष्मी के मंदिर में 3 झाड़ू दान करने चाहिए.
—–दीवाली के दिन किसी जरूरतमंद/गरीब को काला कम्बल, कपडे और मिठाई ज़रूर दान करें, इस से शनी, रहू केतु के दोष शांत होते हैं.
—-इस दिन किसी किन्नर से बात करके उसकी ख़ुशी से एक रुपैये का सिक्का लें और उस सिक्के को दिवाली पूजन के बाद अपने पर्स में रखें, पुरे साल बरकत बनी रहेगी.
—दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान् विष्णु का अभिषेक करें. इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है और साधक को मालामाल कर देती है.
—–शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं इस में थोड़ी केसर भी मिलाएं. इस से रुका हुआ धन आने के योग बनते हैं.
—–श्री यंत्र की पूजा करें और बाद में इसको अपने पूजा कक्ष में रख दीजिये, इस से धन आने के सम्भावना बढती है.
—–शुभ मुहुरत में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति तिजोरी में रखें. इस से घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी.
—–शाम को पीपल के पेड़ के पास पंचमुखी दीपक जलाएं और माँ लक्ष्मी से धन की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें. यह चमत्कारिक उपाय है.
—–माता लक्ष्मी के मंदिर में कमल गट्टे की माला अर्पित करें. इस उपाय से माँ लक्ष्मी आप पर ज़रूर प्रसन्न होगी.
—-अगर आप क़र्ज़ से परेशान हैं तो आप किसी लक्ष्मी मंदिर से पानी लाकर पीपल पर चढ़ाना शुरू कर दें, इस से जल्दी ही आपका क़र्ज़ उतरना शुरू हो जायेगा.
—–जमा पूंजी खर्च हो रही हो तो पीपक के 5 पत्तों को पीले चन्दन में रंगकर बहते हुए जल में बहा दें. जमा पूंजी लगातार बढ़नी शुरू हो जाएगी.
—-दीवाली के पाँचों दिन घर में शान्ति बनाये रखें और कलेश ना हो, कलेश वाले घर में लक्ष्मी जी नहीं आती.
—-इस दिन पीपल का पौधा लगाने वाले व्यक्ति के घर में सदा बरकत बनी रहती है. धन धान के भण्डार भरपूर रहते हैं.
—-महालक्ष्मी जी के पूजन के समय सबसे पहले श्री गणेश जी की पूजा करें. उनको दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें. ऐसा करने से गणेश जी के साथ में माँ लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है.
—-महालक्ष्मी के महामंत्र ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद् श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम: का कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार जप करें।
—–दीपावाली पर श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। रामरक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी किया जा सकता है।
—–महालक्ष्मी पूजन में दक्षिणावर्ती शंख रखें, माँ लक्ष्मी को ये शंख बहुत प्रिय है. इसकी पूजा करने से घर में सुख शांति बनी रहती है.
—दीवाली की पूजा के लिए स्थिर लग्न श्रेष्ठ माना जाता है, इस लग्न में पूजा करने से माँ लक्ष्मी स्थायी रूप से विराजमान रहती हैं.
—-महालक्ष्मी की पूजा करते समय माँ लक्ष्मी और कुबेर दोनों की पूजा करें. इस से धन का वास रहेगा.
—-माँ लक्ष्मी की फोटो लाते समय ऐसी फोटो भी लायें जिसमे श्री विष्णु जी के चरणों की दिशा में माँ लक्ष्मी विराजमान हो. इस से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
—पूजा में पीली कौड़िया भी रखनी चाहिए. एक नारियल पर कुमकुम, फूल, चावल, अर्पित कर इसको पूजा में रखें. पूजा में एक हल्दी की गाँठ भी रखें, और पूजा के बाद हल्दी की गाँठ को पैसो के साथ अपनी तिजोरी में रखें. पूजा में सुपारी भी रखें और सुपारी पर फूल, चावल, कुमकुम आदि चढ़ा कर इसको तिजोरी में रखना चाहिए.
—-एक बात का विशेष ध्यान रखें कि माह की हर अमावस्या पर पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जानी चाहिए। साफ-सफाई के बाद घर में धूप-दीप-ध्यान करें। इससे घर का वातावरण पवित्र और बरकत देने वाला बना रहेगा।
—-पूजा में उन सभी चीजों की पूजा करें जिनसे आपको कमाई  होती हो.
—-दूकान की या ऑफिस के बाहर दोनों तरफ स्वास्तिक बनाये और इसके नीचे शुभ लाभ लिखें.
—-अपनी तिजोरी में लाल रंग का कपडा रखना चाहिए. ऐसा करने से तिजोरी धन से भरपूर रहती है.
—–दिवाली की रात देर रात तक घर का दरवाज़ा खुला रखें. ऐसी मान्यता है के माँ लक्ष्मी बंद घर में नहीं आती.
—–दीवाली की रात पीपल के नीचे तेल का दीपक ज़रूर जलाएं. यदि पीपल ना हो तो किसी चौराहे पर दीपक जला कर पीछे पलट कर मत देखें और चुपचाप अपने घर को लौट आयें.
—–दीवाली की रात को घर में लगाये हुए तुलसी के पौधे के नीचे देसी घी या तेल का दीपक ज़रूर जलाएं.

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