माँ तेरी स्वच्छंद गोद में, स्वर्ग सुख पाया है।

माँ तेरी स्वच्छंद गोद में जो स्वर्ग सुख पाया है।
कृपा वितान तले तेरे, हो निश्चिन्त गान गाया है ।
उसका कोई मोल करे क्या? करे तो, किस विधि करे?
(२) जब रोया तब दौडी आई, चूम चूम खुशी बरसाई|
पल में पीडा कहाँ गई ? हँसी कहाँ से लौट आई ?
उसका भी कोई मोल करे क्या? करे तो किस विधि करे?
(३) आज के इस मातृदिवस पर तेरे स्वास्थ्य की कामना मेरी।
आराधना, यह अर्चना यही वंदना भी मेरी
कृपा वितान तले तेरे निश्चिन्त साधना मेरी।
तव दीर्घायु, कामना मेरी तेरी स्वच्छंद गोद में जो स्वर्ग सुख पाया है।
कृपा वितान तले तेरे हो निश्चिन्त गान गाया है ।
उसका कोई मोल करे क्या? करे तो किस विधि करे?
तेरा पुत्र मधु सूदन

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