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    Homeसाहित्‍यकविताबीती अपने आप पर

    बीती अपने आप पर

    बैठ न सौरभ हार के, रखना इतना ध्यान !
    चलने से राहें खुले, हो मंजिल का भान !!

    सुख में क्या है ढूंढ़ता, तू अपनी पहचान !
    संघर्षों में जो पले, बनते वही महान !!

    संबंध स्वार्थ से जुड़े, कब देते बलिदान !
    वक्त पड़े पर टूटते, शोक न कर नादान !!

    आंधी या बरसात हो, सहते एक समान !
    जीवन पथ पर वो सदा, रचते नए विधान !!

    भूल गए हम साधना, भूल गए है राम !
    मंदिर मस्जिद फेर में, उलझे आठों याम !!

    रहे सदा तू एक सा, करना मत ये ख्याल !
    धन-तन सभी बिखेर दे,आया एक बवाल !!

    औरों की जब बात हो, करते लाख बवाल !
    बीती अपने आप पर, भूले सभी सवाल !!

    प्रियंका सौरभ
    प्रियंका सौरभ
    रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

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