लेखक परिचय

विनोद कुमार सर्वोदय

विनोद कुमार सर्वोदय

राष्ट्रवादी चिंतक व लेखक ग़ाज़ियाबाद

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-विनोद कुमार सर्वोदय-
indian unity

मुस्लिम समाज को मोदी जी का डर दिखाकर उनकी वोट लेने के लिये अन्य सभी पार्टियां एडी चोटी का जोर लगा रही है परन्तु मोदी जी या भाजपा को जो सबका विकास व सबका साथ लेकर चलना चाहते हैं, किसी का तुष्टीकरण नहीं करना है, उसे मुस्लिम समाज में खलनायक बनाकर पेश करने वाले ही देश में समाज को बांटकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं। जबकि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में किसी का भी तुष्टीकरण करना संविधान के विरूद्ध हैं।
आज कांग्रेस सहित अन्य क्षेत्रीय दल सपा, बसपा, जनता दल आदि के पास कोई राष्ट्रीय एजेंडा नहीं है, वे केवल किसी तरह मोदी को रोको, मोदी का डर मुसलमानों में बैठाकर उनकी वोट न बटे और उसका ध्रुवीकरण करके उन प्रत्येक में से एक को मिले के निशाने पर काम कर रहे हैं, पर उन प्रत्येक दलों में किस एक मिले यह प्रश्न अनुत्तरित है।
क्या यह वर्ग विशेष की साम्प्रदायिकता को भड़काना नहीं है, यदि बीजेपी हिन्दुओं की एकजुट वोटों को मांगने की अपील करेगी तो वह साम्प्रदायिक बन जायेगी। आज देश में स्थिर व मजबूत सरकार के गठन की पहल जिस प्रकार बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी जी ने की है और जिसका प्रमाण है उनकी पिछले 7-8 महीनों में पूरे देश में लगभग 400 अथक रैलियां व उनमें उमड़ी लाखों देशवासियों की भीड़ ने कांग्रेस आदि सभी दलों की मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकारण की घिनौनी हरकतों को करारा जवाब दिया है।

आज देश एक ऐसी स्थिर व मजबूत सरकार चाहता है –
1. जिसमें देश के दुश्मनों की आंखों में आंख डालकर देखने का साहस हो।
2. जो जवानों के कटे हुए सिरों के बदले सिर काटने का हौसला रखती हो।
3. जो 15 करोड़ की जनसंख्या वाले पाकिस्तान के जिहादी आतंकवादी आक्रमणों की शिकायत 35 करोड़ के अमेरिका से न करके स्वयं उसपर आक्रमण करके मुहतोड़ जवाब देने का साहस रखती हो।
4. जो सर्वसमाज के विकास और तुष्टीकरण किसी का नहीं की सोच रखती हो।
5. जो 125 करोड़ भारतवासियों का लोहा पूरे विश्व में मनवाना चाहती हो।
6. जो राजनेताओं, नौकरशाहों व दलालों के गठबंधन को तोड़कर राजनैतिक मूल्यों की स्थापना करना चाहती हो।
7. जो लकवाग्रस्त सरकार के कारण अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों की एम्पायरिंग से देश को छुटकारा दिलवाकर हमारे देश की सम्प्रभुता व सम्मान की रक्षा कर सके।
8. जो अपने राजनैतिक हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र हित में आगे बढ़कर कार्य करे।
9. जो समाज में उत्पन्न संघर्षों को समाप्त करने की स्वस्थ राजनीति करे संघर्ष बढ़ाने की नहीं।
10. जो देश के संविधान की प्रतिष्ठा कायम करके लोकतंत्र में जनता का विश्वास जगा सके।
11. जो राष्ट्र की क्षमता का विकास करके एक महान राष्ट्र का निर्माण करे।

इन सबका एक ही समाधान है कि जो राष्ट्र के प्रति समर्पण, सतत् संघर्षशीलता, सहृदयता व सकारात्मक दृष्टिकोण से ओतप्रोत नरेन्द्र मोदी के रूप में एक परिव्राजक आज राष्ट्र नायक बनकर मां भारती का सपना साकार करने के लिये अनेकों चक्रव्यूहों को भेदकर अपनी क्षमता व दृढ़इच्छाशक्ति के वेग से अग्रसर होते हुए अपनी कर्तव्यपरायणता का पालन कर रहा है, ऐसे महान योद्धा को हम भी अपनी मातृभूमि के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए एक सशक्त सरकार के गठन में यथायोग्य सहयोग करे।

One Response to “राष्ट्रभक्ति का प्रवाह कहीं रूक न पाये”

  1. arish sahani

    Hindus after 1000 yrs still slave to their enemy. They have no nation.
    Our enemy is so smart, They have now converted millions of hindus to islam,christian, communists and these converts now hate own culture and bow to enemy and all are brain dead, ready to die for enemy and destroy own nation.
    Can hindu beat this war game of Three enemies. Get ready to perish.
    No Hindu ever thinks like this.

    Reply

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