विधायक नीता पटेरिया के विरोध के बाद भी पेंच का बाघ पन्ना भेजा गया

आखिर पेंच का बाघ पन्ना चला ही गया। इसे पन्ना ना ले जाने का व्यापक स्तर पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया लेकिन किसी के कान में जूँ तक नहीं रेंगी। कई स्थानीय संस्थाओं ने भी पेंच का बाघ पन्ना भेजने का विरोध किया था। और तो और सिवनी की भाजपा विधायक नीता पटेरिया ने भी पत्र लिखकर विरोध जाहिर किया था परंतु सत्तादल के विधायक को भी दरनिर कर दिया गया। इस काम को इतने गुपचुप तरीके और लापरवाही के साथ किया गया हैं कि इसके अंजाम को अच्छा मान लेना भारी भूल होगी। यह भी पता चला है कि बाघ जल्दी ही होश में आ गया था इसलिये उसे रेडियों कॉलर भी नहीं लगाया जा सका जिससे अब उसकी निगरानी कैसे रखी जायेगी? यह वन विभाग के लिये एक चिंता का कारण बन गया हैं। पेंच नेशनल पार्क के बाघ प्रमियों ने इन बाघों की चिंता में पूरे देश में इतनी अधिक चिंता व्यक्त की थी कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रही प्रधानमंत्री एक्सप्रेस हाईवे की योजना के तहत बनने वाला नार्थ साउथ कॉरीडोर,जो कि पेंच नेशनल पार्क के समीप से गुजरता है, भी फिलहाल खटायी में पड़ गया हैं और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंड़िया नामक एक एन.जी.ओ. की याचिका माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। जिस पन्ना नेशनल पार्क में सुरक्षा प्रबंधों के आभाव में एक भी बाध ना बचा हो वहां बिना सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये अन्य नेशनल पार्कों से बाघ और बाघिनी भेजना समझ से परे हैं।लेकिन इस मामले में वन्यप्राणी प्रेमियो की चुप्पी समझ से परे हैं।

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