असहिष्णुता

आखिर लोगों को कितनी अभिव्यक्ति की आजादी चाहिए ?

यह देश का एक बेहद कठिन व दुर्भाग्यपूर्ण दौर है कि वर्तमान में भारत में देशविरोधी नारे लगाने वालों व की भीड़ लग गयी है। ऐसे तत्वों को राजनैतिक समर्थन भी हासिल हो रहा है। यह लोग आतंकियों के प्रति हमदर्दी दिखाते हैं और उनके पीछे उने समर्थकों की फौज खड़ी हो जाती है। खबरें यह भी हैं कि आने वाले दिनों में आतंकवादी समर्थक सांसदों ने गुलमेहर की आड़ में पीएम मोदी की सरकार को घेरने के लिए संसद ठप करने की भी निर्लज्ज योजना बना ली है।