इस्‍लामिक आतंकवाद

विश्व शान्ति हेतु इस्लामिक दर्शन में संशोधन  आवश्यक

~एक पाकिस्तानी पत्रकार आरिफ जमाल ने कश्मीर में सक्रिय रहें  600 जिहादियों के अंतिम पत्रों का अध्ययन करके “एशिया टाइम्स”  में शोध प्रकाशित किया था | उन्होंने पाया कि शायद ही ऐसा कोई पत्र हो जिसमें जिहाद में मरने के बाद इनाम स्वरुप जन्नत में मिलने वाली 72 हुरों का जिक्र न किया गया हो | इसका अर्थ स्पष्ट है कि उन्हें हुरों का लालच नहीं दिया गया होता तो वे जिहाद के लिए नहीं जातें | अपने अंतिम पत्र में जिहादियों ने यह लिख कर इसको जिहाद के लिए अत्यधिक उकसाने वाला बिंदू माना है