‘खादी वस्त्र नहीं विचार है’ तो इस विचार को खत्म करने का श्रेय कांग्रेस को है!

Posted On by & filed under राजनीति

महात्मा गांधी के अनुसार, ‘खादी वस्त्र नहीं, विचार है’। लेकिन हालिया वक्त में गांधी जी के इस विचार को कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी दलों और कुछ बुद्धिजीवियों ने फोटो फ्रेम तक ही सीमित करने का असफल प्रयास जरुर किया हैं। जबकि वह सुबह- शाम इस डर से गांधी–गांधी ही करते रहते है कि कहीं कोई… Read more »

खादी को खुला बाजार दें

Posted On by & filed under विविधा

इस वर्ष खादी विकास एवं ग्रामोद्योग आयोग ने अपने वार्षिक कैलेंडर एवं डायरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चरखा चलाते हुए चित्र छापा है। इस पर कई लोग जल-भुन गये। कुछ कांग्रेसी, गांधीवादियों तथा भाजपाइयों ने अपने टेढ़े बयानों से इस विवाद की आग में घी डाल दिया। इन दिनों मीडिया वाले पांच राज्यों के… Read more »

खादी ,गांधी और मोदी

Posted On by & filed under विविधा

मृत्युंजय दीक्षित ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आजकल भाजपा व संघविरोधी मानसिकता वाले राजनैतिक दलों व मोदी विरोधियों के पास बहस के लिए कोई विषय नहीं रह गया है यही कारण है कि वह आजकल खाली समय के विषयांे पर ही बहस करते हुए और उन्हीं मुददों के सहारे केंद्र की भाजपा सरकार व… Read more »

गांधी दर्शन से उबने लगी है कांग्रेस

Posted On by & filed under विविधा

-लिमटी खरे नई दिल्ली 16 अगस्त। समूचा देश मोहन दास करमचंद गांधी को राष्ट्रपिता कहकर ही संबांधित करता है। बापू के सादा जीवन उच्च विचारों के सामने उन ब्रितानी आताताईयों ने भी घुटने टेक दिए थे, जिन्होंने देश पर डेढ़ सौ साल राज किया। उसी बापू के नाम को भुनाकर आधी सदी से ज्यादा देश… Read more »