नीतीश

नीतीश का सबसे बड़ा दुश्मन उसकी गद्दी का रखवाला

आज लालू प्रसाद यादव ने बिहार के विकास हेतु एक प्रतिशत भी काम किया होता तो उन्हें टीवी के सामने इस तरह सफाई नहीं देनी पड़ती और सफाई भी कैसी कि मैंने नीतीश को नेता बनाया. मैंने उसको हमेशा परेशानियों से उबारा लेकिन आज अगर पूछा जाए कि इन पंद्रह सालों में आपने बिहार के लिए क्या किया तो उनकी बोलती बंद हो जाएगी और वो बगले झांकने लगेंगे. आज वो अपना कोई ऐसा एक काम बताते, जिसे लोग याद करके उनका नाम लेते.

नीतीश की शराबबंदी ठीक, लेकिन….?

यदि किसी के घर या दफ्तर में शराब की बोतल पाई जाए तो उस घर और दफ्तर के सभी सदस्यों को 10 साल की सजा हो जाए, इसे कौन ठीक मान सकता है? इससे तो वे महिलाएं भी जेल चली जाएंगी, जो शराबबंदी की समर्थक हैं और जिन्होंने नीतीश को वोट दिए हैं। यदि शराब का सुराग देने वालों को पुरस्कार का कानून बने तो यह कहीं बेहतर होगा। शराबबंदी के मामले में नीतीश के उत्साह की जितनी तारीफ की जाए कम है लेकिन हम उनसे यह आशा भी करते हैं कि वे कानून ऐसा बनाएं, जो व्यावहारिक हो।

नीतीश ,लालू , कांग्रेस और सभी गैर भाजपाई मोर्चे बिहार में केवल हारी हुई पारी खेलने की ओपचारिकता निभा रहे हैं।

खबर है कि दिल्ली स्थित पीएमओ हाउस के निकटवर्ती पोस्ट आफिस में बिहार से भेजे गए ‘डीएनए सेम्पल’

लुधियाना में नीतीश और मोदी साथ-साथ

पंद्रहवीं लोकसभा के पांचवें चरण के चुनाव प्रचार के दौरान रविवार को गुजरात और बिहार के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार एक मंच पर दिखे। लुधियाना में आयोजित एक जनसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है।