मुस्लिम सशक्तिकरण

मुसलमानों का सशक्तिकरण क्यों ?

यह भी समझना होगा कि कुल मुसलमानों की संख्या की तुलना में भी हिंदुओं की संख्या अधिक है जो पिछड़ी हुई है और संसाधनों की कमियों को झेल रही है।सुरेश तेंदुलकर समिति की संभवतः 2012-13 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 37.2 % भाग गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे रहता है। अतः इसके अनुसार बीपीएल के नीचे रहने वाले हिंदुओं की संख्या उस समय लगभग 35-36 करोड़ थी जोकि अधिकांशतः ग्रामीण क्षेत्रो व नगरों में झुग्गी – झोपड़ियों में रहने को विवश है।