hind swaraj

गाँधी के लंगोट की कहानी

अगर एक व्यक्ति समाज सेवा में कार्यरत है तो उसे साधारण जीवन की ओर बढ़ना चाहिए ,ऐसा बापू का कहना था जिसे वे ब्रह्मचर्य के लिए आवश्यक मानते थे. उनकी सादगी ने पाश्चात्य जीवन शैली को त्यागने पर मजबूर किया

अरब नेताओं ने गाँधी के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की

प्रवक्ता पर एक पखवाड़े से गाँधी के सिद्धांतों और हिंद स्वराज को लेकर विमर्श चल रहा है . आज भारत हीं नहीं संसार के अनेक देशों के विद्वान गाँधी दर्शन में वैश्विक स्तर पर संघर्षों से उत्पन्न कुव्यवस्था का समाधान बता रहे हैं .बीते दिनों गाँधी जयंती के दौरान काहिरा में आयोजित एक संगोष्ठी में अरब के गणमान्य नेताओं ने गाँधी के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की

हिंद स्वराज : हिन्दुस्तान की दशा (हिन्दू-मुसलमान)

नवजीवन ट्रस्‍ट द्वारा प्रकाशित महात्‍मा गांधी की महत्‍वपूर्ण पुस्‍तक ‘हिंद स्‍वराज’ का सातवां पाठ संपादक: