घट घट अंतर अनहद गरजै : कबीर

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डॉ. मधुसूदन (एक) कबीर-वाणी की विशेषता: कबीर जी की विशेषता है संक्षेप, एक लुहार के घाव जैसी शक्तिशाली चोट मारते हैं, और, सारा ज्ञान-सागर गागर में? जी नहीं, एक सीप में ले आते हैं! और चंद शब्दों की सीप पाठक को चकाचौंध कर रख देती है। विद्वान कहते हैं, “शब्द पेड के, पत्तों जैसे होते… Read more »

कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में

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संदर्भ: 20 जून, कबीर जयंती – बुरा मैं जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय ll कबीर के वृहद, विशाल रचना संसार की मात्र इन दो पक्तियों से ही कबीर कीवर्तमान परिप्रेक्ष्य में सर्वस्वीकार्यता सिद्ध हो जाती है. आज के इस दौर में जबकि प्रत्येक व्यक्ति… Read more »

2 जून : कबीर जयंती

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डा. राधेश्याम द्विवेदी महात्मा कबीर का जन्म-काल:- कबीर जयंती प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस बार 2 जून 2016 को कबीर जयंती है।महात्मा कबीर का जन्म ऐसे समय में हुआ, जब भारतीय समाज और धर्म का स्वरुप अधंकारमय हो रहा था। भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक… Read more »

कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में

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संदर्भ: आज कबीर जयंती   बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय ll कबीर के वृहद, विशाल रचना संसार की मात्र इन दो पक्तियों से ही कबीर की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सर्वस्वीकार्यता सिद्ध हो जाती है. आज के इस दौर में जबकि प्रत्येक व्यक्ति पराये… Read more »