यू.पी. में सरकार बदली है….तो कानूनराज लाईये ! अच्छी पुलिस लाईये…! यही आपका वायदा था । 

जगदीश वर्मा ‘समन्दर’

https://www.facebook.com/MYogiAdityanath/  क्या आपने झूठ बोला था सर जी…? उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, बेलगाम अपराधी नेता, इज्जत लुटाती बेटियाँ, गुण्डों से पिटते गरीब, अमीरों के लिये दोस्त और लाचारों के लिये बेरहम पुलिस……….. इन सबसे परेशान थी जनता, राज समाजवादी पार्टी का था । अखिलेश ने विकास के कामों की झड़ी लगायी थी जिसके लोकार्पण आपकी सरकार में अब तक हुये हैं, लेकिन कानूनराज नहीं था, जिसके आगे ये सारे विकास कार्य बेईमान थे, । अपराधियों को खुला संरक्षण था, बदाँयू, बुलन्दशहर से लेकर मोहनलाल गंज तक बहु-बेटियों की लाज लुटती थी और वे पेढ़ों पर लटकी मिलती थी । मजबूरों की शिकायतें न नेताजी सुनते थे  न अखिलेश को मजलूमों की चीखों के असर का ध्यान था । आपकी पार्टी ने जनता के इसी जख्म पर मरहम लगाने का वायदा कर पैरों में पड़कर उत्तर प्रदेश की गद्दी माँगी थी । परेशान जनता गुण्डों को सबक सिखाना चाहती थी इसलिये बीजेपी के कहे को सच मान लिया और पूरे जोश से आपकी पार्टी को वोट दिया । बतोर मुख्यमंत्री जब आप सामने आये तब जनता का यह यकींन और भी बढ़ गया कि अब प्रदेश में कानून सभी के लिये समान होगा । अब पैसे के बल पर अपराधियों को पुलिसिया संरक्षण नहीं मिलेगा, पुलिस उस आम आदमी की मित्र भी बनेगी जो सालों से केवल अत्याचार सहता आ रहा है । बेटियों की इज्जत लूटने वाले सफेदपोश राक्षस भी अब एक सवेदनशील संत के कहर से बच नहीं पायगें । आपने भी वायदा किया था कि प्रदेश में केवल कानून का राज होगा, अपराधियों को प्रदेश छोड़ना होगा, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा । क्या हुआ है………..? क्या बदला है………….? क्या पुलिस अब पीड़ितों की हमदर्द हो गयी है…..? क्या थानों में गरीबों की बात भी सुने जाने लगी हैं ….? क्या पुलिस को अब इतना नैतिक बल मिल गया है जिससे वह पीड़ित की फरियाद पर सफेदपोश और बाहुबलियों के खिलाफ एक  एफआईआर लिख सके ?
आपके दर पे आयी उन्नाव की एक बेटी अपनी इज्जत लूटने वाले सफेदपोश का नाम चीख-चीख कर पुकारती है, आपकी पुलिस के दर पर जाकर उसके अन्याय को कोसते हुये वह खुद को आग लगाना मार देना चाहती है, तब भी…. तब भी, सरकार को यकींन नहीं होता कि उसके साथ अन्याय हुआ है । पुलिस उस आरोपी पर केवल इसलिये हाथ नहीं डालती कि वह एक विधायक है । वह लड़की और उसके पिता, चाचा पर लगाये गये केसों की लिस्ट पढ़कर सुनाती है लेकिन यह नहीं बताती कि यह परिवार भी आरोपी विधायक पर एफआईआर कराने के लिये पुलिस की धेरी के चक्कर काट रहा है । दबंग विधायक के खिलाफ आवाज उठाने पर बेटी के पिता को पीट-पीटकर मरणासन कर दिया जाता है । जिस देश में एक सजायाफ्ता नेता के पेट में दर्द होने पर बड़े अस्पताल में महीनों ईलाज की सुविधा मिलती है वहाँ एक मरणासन्न आदमी को मलहम पट्टी कराकर जेल में डाल दिया, जहाँ उसकी मौत हो गयी । अब सरकार हरकत में हैं…, पुलिस हरकत में हैं….क्योंकि आप हरकत में हैं………….. क्या हर केस में आपको आगे आने की पहल करनी होगी ..? क्या हर पीड़ित को न्याय लेने के लिये परिवार के सदस्यों की बलि चढ़ानी पड़ेगी … टीवी पर आना होगा, तभी पुलिस की कुछ फाईलें इधर से उधर होगीं ….. क्या आपके राज में पुलिस में इतना सुधार नहीं हो सकेगा कि उसे पीड़ितों की चीखों में दर्द नजर आ सके । आपने कहा इंसाफ मिलेगा, एक पिता मार दिया गया । अब एसआईटी का गठन कर दिया है गया है, जाँच होगी….दिन बीत जायंगे, अखिलेश के समय भी यही होता था… । पीड़ित बेटी अब भी पुकार रही है कि आपके विधायक ने कहाँ-कहाँ ले जाकर उसका बलात्कार किया । आपके विधायक जी कहते हैं  कि आरोप राम पर भी लगे थे…. लेकिन यह नहीं बताते कि आरोप लगने पर राम ने अपनी पत्नी तक का त्याग कर दिया था….वेे कुर्सी तक नहीं छोड़ सकते । एसआईटी गठन की ब्रीफिंग करते हुये आपके अधिकारी टीवी पर पूरे सम्मान से बता रहे हैं कि ‘‘माननीय विधायक जी के भाई को गिरफ्तार किया गया है ’ लेकिन कोई यह सुनने को तैयार नहीं है कि पीड़ित बेटी चीखकर कह रही है कि असली अपराधी ‘‘माननीय विधायक जी’’ हैं ।
विधायक जी बाईट दे रहे हैं कि ‘‘गिरे हुये लोग हैं, अपराधियों की साजिश हैं…।’ सर, ऐसे गिरे हुये लोग अपने आप को सही साबित करने के लिये अपनी जान दे रहे हैं…. एक मर भी गया है, बेटियाँ तैयार हैं…. तब भी क्या आपकी पुलिस सही जाँच कर पायेगी ? क्या आपके राज में पीड़ितों को न्याय मिलना आसान होगा….? माफ कीजिएगा, लेकिन चैकी, थानों में अब भी पीड़ित लोग जाने से डरते हैं…..अपराधी वहाँ जाने में शान समझते हैं….क्योंकि पुलिस आम जनता से ज्यादा अपराधियों और पैसे वालों से हमदर्दी दिखाती है । इस तस्वीर को बदलिये……ये केवल एक बेटी, एक परिवार की बात नहीं है, उत्तर प्रदेश में ऐसे हजारों पीड़ित परिवार होगें जो आपके राज में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं । आप ऐसी पुलिस बना दीजिये, जिसके दर पर पीड़ितों का दुख दर्द सुना जा सके, देखियेगा, ये लोग खुद आकर बतायंगे कि समाज कें कंस कितने अत्याचारी हैं । ऐसे कंसों के अपने पीछे छुपने का अवसर मत दीजिये । सरकार बदली है….तो कानूनराज लाईये । अच्छी पुलिस लाईये…। यही आपका वायदा था । नहीं तो वही आम जनता समझ लेगी कि आपने भी झूठ बोला था ।

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