उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी वित्त एवं पेयजल मंत्री की योजनाएं

एक श्रेष्ठ जनप्रतिनिधि की यह पहचान होती है की वह जनता की समस्याओ के प्रति संवेदनशील रहे और जनसंमस्याओ के प्रति कटिबद्ध रहे । उत्तराखण्ड में यही पहचान वर्तमान उत्तराखण्ड की नवनिर्वाचित सरकार में सरल एव मृदुल स्वभाव के कैबिनेट , मंत्री श्री प्रकाश पंत जी की है ।इसमें कोई दो राय नही है कि उत्तराखण्ड की राजनीति में अभी तक श्री प्रकाश पंत सबसे स्वछ छवि व जनप्रिय नेता के रूप में उभरकर आये है । अपने राजनीतिक जीवन के प्रारम्भ से ही उनका जनता के प्रति समर्पण भाव को देखा जा सकता है ।इसी का परिणाम है पूर्व में उन्हें उत्कृष्ट विधायक व कॉमनवेल्थ देशो में सबसे कम उम्र में विधानसभा अद्य्क्षय बनने का ऐतिहासिक गौरव भी उन्हें प्राप्त है। वर्तमान में वित् ,आबकारी , पेयजल, स्वछता ,संसदीय कार्य जैसे बड़े मन्त्रालय उनके पास है । विगत तीन माह के भीतर ही उन्होंने शराबबंदी व पेयजल जैसे गंभीर विषयो पर जनता की समस्याओ को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल निर्णय लिए है । जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नई आबकारी की निति को लागू करना है ।

अनूठी पहल है नई आबकारी नीति––––––––––
उत्तराखण्ड में एक और जहाँ जगह जगह #शराबबंदी के लिए आवाज उठ रही थी तो दूसरी तरफ सरकार द्वारा नई #आबकारीनीति को लागू करना एक चुनोतिपूर्ण थी । परंतु वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार की” ब्राण्ड विशेष “की आबकारी निति के विपरीत सूझबूझ तरीके से नई आबकारी निति को लागू किया है । अर्थिक संकट व शराब बन्दी दोनों समस्याओ को दृष्टिगत रखते हुए नई आबकारी निति के तहत जहाँ एक और राज्य को लगभग 1486 हज़ार करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा वही दूसरी तरफ सरकार ने 9 पर्वतीय ज़िलों में शराब की दुकानों के खुलने का समय में भी कटौती कर दी है ।अब इन ज़िलों में केवल 6 घण्टे ही दुकाने खुल सकेगी । नई नीति के तहत शराब बिक्री पर दो फीसदी सेस की व्यवस्था की गयी है जिस से शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है ।

नई आबकारी निति में शराब बिक्री में स्वतन्त्रा प्रदान की है । इस निति में शराब कम्पनी को ही एफ एल –टू का लाईसेन्स दिया जायेगा जिस से वो आवश्यकतानुसार अपना माल सप्लाई कर पाएंगे। आबकारी मंत्री के मुताबिक़” नई आबकारी नीति से शराब बिक्री में तस्करी और एकाधिकार को रोका जा सकेगा”
नए सिरे से परिभाषित होगी नई पेयजल नीति–––

उत्तराखण्ड में पेयजल संकट से उबरने के लिए पेयजल मंत्री श्री प्रकास पंत जी ने पेयजल नीति को नए सिरे से परिभाषित करने का निर्णय लिया है।नयी पेयजल नीति के क्रियान्वित होने से पेयजल संकट से निज़ात पाया जा सकता है । इस से पेयजल से जुड़े अनेक समस्याओ का निस्तारण किया जा सकेगा ।
उत्तराखण्ड में वर्तमान में केबीनेट मंत्री श्री प्रकाश पंत जी द्वारा पेयजल से सबंधित अनेक योजनाओ को संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यटन को मिलेगी नई पहचान–––––––

उत्तराखंड के वर्तमान आर्थिक संकट से उबरने लिए वित्त मंत्री ने पर्यटन को विकसित करने के लिए कहा है । इस दूरदर्शिता सोच का फायदा समूर्ण उत्तराखण्ड के पर्यटन के लिए लाभकारी होगा । नए पर्यटन स्थानों के विकसित होने से पर्यटको का आवागमन बना रहेगा जिससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी प्राप्त होगा और दूसरी तरफ स्वरोजगार के अवसर भी सृजत होंगे। पर्यटन स्थलो के विकसित करने से रोजगार के लिए पलायन करने वाले एक बड़े तबके को पलायन करने से रोका जा सकेगा।

विधानसभा में सबसे ज़्यादा दिनों तक डटे रहने वाले मंत्री ––––––
जनता की समस्याओ सुनने व उनके निस्तारण करने के लिए वित्त एव पेयजल मंत्री विधानसभा में अभी तक सबसे ज़्यादा दिनों तक डटे रहे है । इस दौरान उन मिलने के लिए लोग राज्य के अलग अलग जगहों से समस्याओ को लेकर लोग बेहिचक पहुच रहे है। पेयजल से सम्बंधित व अन्य गंभीर समस्याओ का जल्दी ही निस्तारण करने का प्रयास किया जा रहा है ।

विगत तीन माह के भीतर ही वित् व पेयजल मंत्री की जनता के प्रति यह कार्यकुशलता व समर्पण का भाव सराहनीय है । अगर यही कार्यकुशलता आगे भी रही तो निसंदेह !उत्तराखंड के विकास में उनकी अग्रणी भूमिका होगी ।
प्रदीप रावत

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