लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

Posted On by &filed under आलोचना.


एल.आर.गाँधी

महामहिम अपनी २३वी विदेश यात्रा के साथ अपनी अंतिम घुमक्कड़ जिज्ञ्यासा पूरी कर लेंगी और इसके साथ ही राष्ट्राध्यक्षों में सबसे अधिक विदेश यात्रु महामहिम का कीर्तिमान अपने नाम कर लेंगी . महामहिम पर अब तक करीबन २०६ करोड़ रूपए, इस घुमाकड़ जिज्ञासा को पूरे करने पर सरकार के खर्च आये.

राजमाता के मित्त्व्ययता के आदेशों की पालन करते हुए विदेश मंत्रालय ने २५ मंत्रियों और प्रधान मंत्रियों के ३९ विदेश दौरों पर रोक लगा दी . फिर भी राजमाता के खर्च में बचत के निर्देशों का आलम देखिये . वर्ष २०११-१२ में मंत्रियों के विदेशी दौरों के लिए बज़ट प्रावधान था मात्र ४६.९५ करोड़ ,फिर भी विदेशी दौरों पर करदाताओं का ४९९.८९ करोड़ रूपया उड़ा दिया गया.

मगर मित्त्वयायिता का उपदेश देने वाली विदेशी राजमाता के विदेशी दौरों पर खर्च हुए देशी कर दाताओं के खर्च का किसी को कोई अता- पाता नहीं है. राजमाता यू.पी.ए की अध्यक्ष और नाक (राष्ट्रीय सलाहकार परिषद्) की मुखिया और सांसद होने के नाते अक्सर विदेश यात्राओं पर उड़ जाती हैं मगर ….इनकी यात्राओं के सम्बन्ध में मांगी गई जानकारीओं पर सरकार चुप्पी साधे बैठी है. यहाँ तक की मुख्य चुनाव आयुक्त ने पी.एम् को सोनिया जी की विदेश यात्राओं की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए लिखित आदेश जारी किये . फिर भी सरकार का मौन नहीं टूटा. आर.टी.आई के जवाब में सरकार का यह तर्क की सरकार के किसी भी विभाग के पर राजमाता के विदेशी दौरों और उन पर आए सरकारी खर्च का कोई रिकार्ड नहीं. बात किसी को भी कुछ हजम नहीं होती.. यह तो कुछ ऐसे ही उस पंजाबी कहावत जैसा हो गया की ‘रानी को कौन कहवे की अग्गा ढक ‘ !

शायद यहाँ भी राजमाता की निजता और सुरक्षा दांव पर है.

2 Responses to “रानी को कौन कहे कि अग्गा ढक”

  1. डॉ. राजेश कपूर

    rajesh kapoor

    दिवास जी सोनिया जुंडली के दिन तो अब गिनती के हैं. आपको कई दिन बाद देख कर बहुत अछा लगा. क्या चल रहा है, क्या कर रहे है ?

    Reply
  2. दिवस दिनेश गौड़

    Er. Diwas Dinesh Gaur

    इसे ही तो कहते हैं, चोर की दाढ़ी में तिनका।
    सचिवालय के पास कोई जानकारी नहीं तो इसका मतलब यह कि इससे पूछने वाला कोई है ही नहीं। फिर यह देश कौन चला रहा है? मनमोहन या सोनिया? यदि सोनिया तो मनमोहन को अपने नपुंसक होने का बोध हो जाना चाहिए।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *