कर्नाटक का चुनाव जिता दो 

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वोटर भैया,अबकी बार कर्नाटक का चुनाव जिता दो
अबकी बार,अपनी मैया बुला ली,उसकी लाज रखा दो

मै तो धर्म निर्पेक्ष हूँ,मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा भी जाता
मै तो कभी पंडित,कभी मौलवी कभी पादरी बन जाता

कभी जनेऊ धारण करता ,कभी टोपी पहन कर आता
कभी तिलक लगा कर,मंदिरों में पूजा करने भी जाता

देखो ये कर्नाटक का चुनाव है,इसलिए यहाँ नाटक करना पड़ता
झूठे वादे भले ही करूँ, पर तुम जो चाहते वही तो यहाँ करता

मोदी भी तो नाटक बाज है,वह भी कर्नाटक में नाटक करता
शाह ओर योगी भी यहाँ लगे हुए है,उनकी नकल कैसे करता ?

देखो भैया,वोटर भैया,जिसका नाटक पसंद आये उसे जिताना
देखो मै तो भावी प्राइम मिनिस्टर हूँ,कर्नाटक में कांग्रेस जिताना

भले ही मेरे पास M.P.न हो,अपने आप को P.M. बना लिया
भले ही मेरे घर में चने न हो,उनको मैंने भाड में भुना लिया

आर के रस्तोगी

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आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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