कर्नाटक का चुनाव जिता दो 

वोटर भैया,अबकी बार कर्नाटक का चुनाव जिता दो
अबकी बार,अपनी मैया बुला ली,उसकी लाज रखा दो

मै तो धर्म निर्पेक्ष हूँ,मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा भी जाता
मै तो कभी पंडित,कभी मौलवी कभी पादरी बन जाता

कभी जनेऊ धारण करता ,कभी टोपी पहन कर आता
कभी तिलक लगा कर,मंदिरों में पूजा करने भी जाता

देखो ये कर्नाटक का चुनाव है,इसलिए यहाँ नाटक करना पड़ता
झूठे वादे भले ही करूँ, पर तुम जो चाहते वही तो यहाँ करता

मोदी भी तो नाटक बाज है,वह भी कर्नाटक में नाटक करता
शाह ओर योगी भी यहाँ लगे हुए है,उनकी नकल कैसे करता ?

देखो भैया,वोटर भैया,जिसका नाटक पसंद आये उसे जिताना
देखो मै तो भावी प्राइम मिनिस्टर हूँ,कर्नाटक में कांग्रेस जिताना

भले ही मेरे पास M.P.न हो,अपने आप को P.M. बना लिया
भले ही मेरे घर में चने न हो,उनको मैंने भाड में भुना लिया

आर के रस्तोगी

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