वो छोटी सी मुलाकात

विवेक कुमार पाठक

वाकई उस दिन कुछ अलग था
हवाएं सर्द सर्द थीं
कुछ खुशी थी
कुछ डर था
शायद मुलाकात होती
शायद हम बैरंग लौटते

मगर एहसास हिसाब करके नहीं आते
वे आते हैं तो उन आंधियों की तरह
जो जेठ में कभी कभी आती हैं
तो कितना कुछ कहां कहां से लाती हैं
हवा पानी माटी की सुगंध
टूटे पत्तों की उड़ान बारिश की गंध
कुछ चमकती हुई बिजली भी
तो वो प्यारा था वो मिलने का जज्बात

याद रखने बहुत सारा था
आशाओं के दीपक लेकर हम निकले
कुछ रुहानी अहसास थे यादों के
यादों की बारात लेकर हम चल पड़े
शायद कहीं से तुम भी चली हो तब
वो चंद पल ही तो सितारे थे
जब चांद और सूरज हमारे तुम्हारे थे
बहुत समय बाद आया वो यादगार वक्त
जब ठहर गया ये क्रूर कालक्रम
जिसने कुछ देरियां कर दीं बाद में
पर छोड़ो न उस बेगैरत को
हम उसके शुक्रगुजार फिर भी हैं
उसके दिए उन पलों के लिए
जिन्होंने वो यादगार मुलाकात तो दी

क्या खूबसूरत समां था वो
हमारा आना हुआ अचानक
ठीक उन नीम के दरख्तों के पास
जहां तुम्हारे आने का आभास था
तुम्हारा बार बार शुक्रिया आज भी
तुम ठीक उसी जगह मिलीं
जहां तुम्हें मिलना था
तुम्हें देखकर कैसा लगा था
क्या बताउं तुम्हेंं अब
बस ये समझ लो कि
वो एक झलक जिंदगी की महक है
तुमने देखा हमने देखा
हमने बुलाया और तुम चले आए
लगा कि सारे जंजीरें पीछे छोड़ आए
घड़ी की टिक टिक से
गिने जा रहे थे वो मिलन के पल
क्योंकि वो मुलाकात के पल खास
जो बनने वाले थे इतिहास
हमने देखा तुमने देखा
हृदय तृप्त हो गया मन मयूर हो उठा
और क्या चाहिए था जो मांगे तब
बस जिंदगी का सबसे अच्छा वक्त है वो अब
मुलाकात हुई तो आंखों में ही कुछ बात हुई
हमें और भी कुछ कहना था
मगर कमबख्त टिक टिक घड़ी दूसरी भी थी
उसने तुमने बुला लिया और हम रोक न सके
पर आशा थी कि मिलेंगे दुबारा
पर हर बार वक्त दोस्त कहां बनता है
उसकी दुश्मनी की सबसे आदत है।
वक्त ने साथ दिया एक बार
काश बार बार दिया होता तो
तुझसे वो मुलाकात क्यांं याद करते
होती बहुत मुलाकातें तो आज उनकी बात करते
हम तुमसे कहीं न कहीं बैठे बात करते
पर कोई गिला नहीं न कोई शिकवा है
जो मिला वो कबूल है
तुझसे मुलाकात वो गुलाब सा फूल है
तुम याद हो तुम्हारा सब कुछ याद है
मुलाकात का पल पल याद है
याद है तुम्हारा मंद मंद मुस्कुराना
पास आना और बस आकर चले जाना
तेरा शुक्रिया बार बार उन यादों के लिए
हम उस मुलाकात को संजोकर रखते है
उस मुस्कान को दिल में रखते हैं
और कभी नहीं भूल सकते वो
हंसी कुछ पल वालों आंखों की खुशी
और फिर कह दें वो अंतिम बात
यादें हमारी हैं बनी रहने देना
तुम खुश होकर हमे खुश रहने देना
हम सिर्फ याद करेंगे कुछ न करेंगे
वो छोटी सी मुलाकात हर बार

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