लेखक परिचय

प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो

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poetry 

 आम आदमी के लिए, कौन आम या खास।
तोड़ा है सबने सुमन, आम लोग विश्वास।।

आम आदमी नाम से, बना सुमन दल एक।
धीरे-धीरे खो रहा, अपना नित्य विवेक।।

दांव-पेंच फिर से वही, वही पुराना राग।
आम आदमी पेट में, सुमन जली है आग।।

बड़बोले, स्वारथ भरे, जुटे अचानक लोग।
आम आदमी का सुमन, भला मिटे कब रोग।।

वादे थे अच्छे सुमन, लोग लिया आगोश।
दिल्ली की गद्दी मिली, “आप” हुए मदहोश।।

One Response to ““आप” हुए मदहोश”

  1. Yogi Dixit

    आप पार्टी के कुछ विशिष्ट लोगों की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूँगा. पहले पाठक ए जान लें कि अमेरिका का फ़ोर्ड फाउंडेशन क्या है? यह चैरिटी के नाम पर लोगों और प्रोफेशनल्स जिनका नीति निर्धारण में हाथ होता है, उनको फंडिंग करता है. चैरिटी के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में अमेरिकी प्रभुत्व की रक्षा करने का मुखौटा है. इसमें लेखक,इतिहासकार,पत्रकार,सामाजिक एक्टिविस्ट,मीडिया कंपनी,प्रकाशक आदि लोगों की फंडिंग होती है.
    फ़ोर्ड फाउंडेशन से फंडिंग प्राप्त करने वाले कुछ लोगों की सूची पाठकों के सामने रख रहा हूँ.
    अरविन्द केजरीवाल एवं मनीष सिसोदिया – एन जी ओ – कबीर
    मल्लिका साराभाई – दर्पण
    योगेन्द्र यादव – जे.एन.यू. के आइ.सी.एस.एस.आर. से फंडिंग बाद में जिसकी भरपाई फ़ोर्ड फाउंडेशन ने की.
    अमर्त्य सेन की पुस्तक आईडीयाज़ ऑफ जस्टिस
    तीस्ता सीतलवाड एवं जावेद- सबरंग. तीस्ता का केवल एक ही मक़सद है मोदी को बदनाम करना और झूटे मुकदमों में फँसाए रखना.
    ए सब आम पार्टी के लोग हैं. प्रश्न ए है की फ़ोर्ड फाउंडेशन की भारतीय मामलों विशेषकर राजनीति में इतनी रुचि क्यों है?
    अरुणा रॉय ने अज़मल कसाब की फांसी रोकने के लिये राष्ट्रपति को दया याचिका दी थी. अभी हाल तक वो सोनिया की सलाहकार समिति की सदस्या रही हैं.
    प्रशान्त भूषण – कश्मीर पर अपने विवादास्पद बयानों के लिये बदनाम. माओ वादियों के मध्यस्थ रहे.
    मेधा पाटकर – सरदार सरोवर बाँध में विलंब की प्रमुख नेत्री. छत्तीसगढ के दन्तेवाड़ा में आदिवासियों ने नक्सलियों के साथ सहानुभूति के कारण धक्के देकर भगाया. अंगना चटर्जी जिस पर आइ.एस.आई की एजेंट होने का केस चल रहा है, उस से मेधा की नज़दीकी.
    गोपाल रॉय – अभी हाल तक सोनिया गाँधी की सलाहकार समिति के सदस्य रहे. सी.पी.आई.(एम.एल) की शाखा ओल इंडिया स्टूडेंट एसोसियेशन के सदस्य रहे जिसका झुकाव माओवादियों की ओर है. सरकार ने आधार का कार्य एम. एन. जी. ओ. डी बी को सौंपा जिसे सी आई ए से फंडिंग होती है.
    ए सब आप पार्टी के लोग हैं. प्रश्न ए है की ए सब मीडिया में क्यों नहीं आ रहा? पाठक जान लें की आप पार्टी में कितने टी वी पत्रकार लोगों की भरमार है जो इस देशद्रोहिता का सच कभी सामने नहीं आने देंगे. ए है आप पार्टी के लोगों की सचाई.

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