लेखक परिचय

जयराम 'विप्लव'

जयराम 'विप्लव'

स्वतंत्र उड़ने की चाह, परिवर्तन जीवन का सार, आत्मविश्वास से जीत.... पत्रकारिता पेशा नहीं धर्म है जिनका. यहाँ आने का मकसद केवल सच को कहना, सच चाहे कितना कड़वा क्यूँ न हो ? फिलवक्त, अध्ययन, लेखन और आन्दोलन का कार्य कर रहे हैं ......... http://www.janokti.com/

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bush shoos/janokti/ al-jaidi/बुश के ऊपर जूता फेंक कर अन्तराष्ट्रीय पटल पर नाम कमाने वाले इराकी टीवी पत्रकार मुंतजर अल जैदी को नौ महीने जेल में गुजारने के बाद सोमवार को रिहा कर दिया गया। गत वर्ष 14 दिसंबर को बुश पर अपना 10 नंबर का जूता फेंकने से पहले जैदी चिल्लाया था- ‘कुत्ते यह विदाई का चुंबन है’। उस घटना के बाद से वह जेल में बंद था।

उल्लेखनीय है कि करीब छह वर्ष पहले बुश के आदेश पर ही इराक पर हमला के विरोध के लिए जैदी ने जूता चलाया । जैदी का जूते ने दुनिया में व्यवस्था से लड़ने वाले तमाम लोगों को विरोध का नया हथियार थमा दिया, फ़िर क्या था, एक के बाद एक कई जूते चले, भारत में तो लोकसभा चुनाव के दौरान दर्जनों नेता जूते के शिकार बने, लेखिका अरुंधती राय से शुरू होकर चिदंबरम और आडवानी तक जूते के शिकार लोगों की एक लम्बी श्रृंखला है, जूता जैसे लोकतान्त्रिक विरोध का एक तरीका बन गया हो।

जैदी के भाई उदय ने प्रेस को बताया कि उसके भाई को रिहा कर दिया गया है और वह अपने भाई की वापसी का इंतजार कर रहा है। जैदी (30) को सोमवार को रिहा किया जाना था, लेकिन कानून में लालफीताशाही के कारण विलंब हुआ। हालाँकि जैदी की जेल की सजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इराकी कैदियों को संबंधित जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर और उसकी पुष्टि होने तक अतिरिक्त दिनों तक कैद में रहना पड़ता है।

एक विदेशी शासनाध्यक्ष पर हमला करने के आरोप में जैदी को शुरुआत में तीन वर्ष जेल की सजा दी गई थी, लेकिन अपील के बाद उसे कम करके एक वर्ष कर दिया गया। अच्छे आचरण के आधार पर उसकी सजा में फिर कमी कर दी गई।

3 Responses to “विश्वस्तरीय जूता चैम्पियन जैदी जेल से छूटा”

  1. satish mudgal

    Bhai Logon,

    Kya Musalmaan Aur Patrakaar dwaara joota chalaana hee is ghatna ki popularity ki pramukh wajah nahin thee. Yedi yehi Joota kisi Hindu Activist ne chalaaya hota to kya yehi popularity Hinduwadiyo ki bhartsana ka vishay nahin ban jaati duniya bhar mein.

    scmudgal

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  2. anirudha

    भॆया बडा अच्छा तरीका हॆ मॆ तॊ कॆह्ता हो कि जब् भी किसी दॆश् कॆ नॆता की बात् गलत् लगे तॊ उसका यही हाल करना चहियॆ जुतॆ तॊ क्या हम सडॆ हुयॆ ट्माटर तक मारने कॊ तॆयार हॆ मगर जॆल सॆ कॊन निकलबायॆगा हमॆ इस्लियॆ हम् एसा कार्य नही करतॆ
    अच्छी पॊस्ट् लिखी हॆ ऐसॆ हि लिखियॆ traffic जरुर् मिलॆगा

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