लेखक परिचय

विपिन किशोर सिन्हा

विपिन किशोर सिन्हा

जन्मस्थान - ग्राम-बाल बंगरा, पो.-महाराज गंज, जिला-सिवान,बिहार. वर्तमान पता - लेन नं. ८सी, प्लाट नं. ७८, महामनापुरी, वाराणसी. शिक्षा - बी.टेक इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय. व्यवसाय - अधिशासी अभियन्ता, उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि., वाराणसी. साहित्यिक कृतियां - कहो कौन्तेय, शेष कथित रामकथा, स्मृति, क्या खोया क्या पाया (सभी उपन्यास), फ़ैसला (कहानी संग्रह), राम ने सीता परित्याग कभी किया ही नहीं (शोध पत्र), संदर्भ, अमराई एवं अभिव्यक्ति (कविता संग्रह)

चीन की पैंतरेबाज़ी

Posted On & filed under विश्ववार्ता.

      चीन एक विस्तारवादी देश है। उसकी इस आदत के कारण उसके पड़ोसी सभी देश परेशान हैं। उसके विस्तारवाद के कारण ही विएतनाम, दक्षिण कोरिया, कंबोडिया और जापान परेशान हैं। रुस से भी उसका सीमा-विवाद वर्षों तक चला। दोनों देशों की सीमा पर स्थित ‘चेन माओ’ द्वीप को लेकर रुस और चीन के संबन्ध असामान्य… Read more »

एक पत्र बरखा रानी के नाम

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

। तुम आंधी के साथ आओ, बिजली के साथ आओ, बाप बादल की पीठ पर सवार होकर आओ, लेकिन आओ। हम तोके कचौड़ी गली की कचौड़ी खिलाऊंगा, लंगड़ा आम खिलाऊंगा, गोदौलिया की मलाई वाली भांग की ठंढ़ई पिलाऊंगा, रामनगर की लस्सी पिलाऊंगा और लंका के केशव का बनारसी पान खिलाऊंगा। तुम कहोगी तो आईपी माल में ले जाकर हाफ गर्लफ़्रेंड भी दिखा दूंगा।



सुप्रीम कोर्ट की चाल

Posted On & filed under विविधा.

इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्वामित्व का मामला फिर गरमाया। कोर्ट के निर्देश पर भारतीय पुरातत्त्व विभाग ने मन्दिर के पास काफी खुदाई कराई और १५२८ के पूर्व वहां मन्दिर होने के अनेक साक्ष्य प्राप्त किए जिसके आधार पर ३०, सितंबर २०१० को हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने अपना ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसके अनुसार विवादित परिसर की एक तिहाई जमीन मुसलमानों को और शेष दो तिहाई जमीन हिन्दुओं को देने का आदेश पारित किया गया।

एक पाती मुलायम भाई के नाम

Posted On & filed under राजनीति.

स्वस्तिश्री लिखीं चाचा बनारसी के तरफ से मुलायम भाई को शुभकामना पहुँचे। आगे समाचार हौ कि तुम्हरे बाप-बेटा की लड़ाई से हमार चिन्ता बढ़ गई है। ना तो तुम पीछे हटने के लिए तैयार हो और न तुम्हारा बेटवा। तुम तो पहलवान रहे हो। अपने बाहुकण्टक दांव में फँसाकर तुमने कितनों को चित किया है।… Read more »

हैवानियत का नया साल

Posted On & filed under समाज.

बंगलोर को बड़े शहरों में लड़कियों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। यही कारण है कि सुदूर बिहार और यू.पी. से भी लड़कियां यहां इन्जीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेन्ट पढ़ने के लिए अकेले आ जाती हैं और अकेले रहकर ही पढ़ाई भी पूरी कर लेती हैं। यही नहीं यहां नौकरी भी अकेले रहकर कर लेती… Read more »

बेनकाब मायावती

Posted On & filed under राजनीति.

८ नवंबर की रात के बाद मोदी द्वारा नोटबन्दी किए जाने के बाद लगभग सभी विपक्षी दल विक्षिप्त हो गए। अब उन्होंने खुद ही प्रमाण देना शुरु कर दिया है कि उनकी यह दशा क्यों हुई। कल दिनांक २६ दिसंबर को प्रवर्तन निर्देशालय द्वारा जारी की गई सूचना में यह खुलासा हुआ है कि बसपा… Read more »

हम नहीं सुधरेंगे

Posted On & filed under विविधा.

भारत की पुलिस और भारत की रेलवे ने यह कसम खा रखी है कि “हम नहीं सुधरेंगे”। रेल मन्त्री सुरेश प्रभु के बारे में सुना था कि वे एक कर्मठ और संवेदनशील नेता हैं। प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी ने उनके इन्हीं गुणों को ध्यान में रखकर उन्हें रेल मन्त्री बनाया था, लेकिन पिछले ढाई सालों… Read more »

एक पाती प्रधान मन्त्री के नाम

Posted On & filed under विविधा.

प्रिय मोदी बाबू, भगवान तोके हमेशा स्वस्थ और प्रसन्न रखें! आगे समाचार ई हौ कि आजकल लोग भगवान को कम और तोके जियादा याद कर रहे हैं। पान की दूकान से लेकर स्टेट बैंक तक लोग केवल तुम्हरे नाम की माला जप रहे हैं। अइसा स्ट्राइक काहे किए कि गरीब से अमीर तक की जुबान… Read more »

एक पाती अखिलेश बचवा के नाम

Posted On & filed under राजनीति.

बेटा तुममें एक छोड़कर कवनो कमी नहीं है। तुम आदमी पहचानने में थोड़ा ज्यादा टैम लेते हो। तुम्हारे पिता के केन्द्र में जाने के बाद तुम्हारा चाचा, अरे वही शिवपलवा, अपने को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी का असली अधिकारी मानता था। वह बन भी जाता कि बीच में तुम टपक पड़े। उस समय मुलायम भी तुमको एक आज्ञाकारी पुत्र के रूप में जानते थे। लेकिन इसमें कोई सन्देह नहीं कि शिवपलवा पहले ही दिन से तुमपर घात लगाए था।

कश्मीर की समस्या

Posted On & filed under राजनीति.

कश्मीर की समस्या ऐसी समस्या है जिसके मूल में जाने का कोई प्रयास ही नहीं करता है। वैसे भी हम कश्मीर घाटी के मुट्ठी भर सुन्नी मुसलमानों के असंतोष को पूरे कश्मीर की समस्या मान बैठे हैं। जम्मू और कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में कोई समस्या नहीं है। लद्दाख और जम्मू में तो बिल्कुल ही… Read more »