भारतीय मुसलमानों की पहल

Posted On by & filed under विविधा, सार्थक पहल

डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत के लगभग सभी मुस्लिम फिरकों के नेता और मुल्ला-मौलवियों ने गृहमंत्री राजनाथसिंह से मिलकर जो बातें कही हैं , वे काबिले-तारीफ तो हैं ही, वे दुनिया के सारे मुसलमानों के लिए भी अमल में लाने लायक हैं। भारतीय मुस्लिम नेता इस मायने में आज सारी दुनिया के मुस्लिम जगत का नेतृत्व… Read more »

आगरा में परिवर्तन की बयार

Posted On by & filed under जन-जागरण, राजनीति, सार्थक पहल

डा. राधे श्याम द्विवेदी आगरा। इस बार के स्मार्ट सिटी में उत्तर प्रदेश का एक भी शहर शामिल नहीं हो सका है। जो मापदण्ड निर्धारित थे उन्हें पूरा कर पाने वाले शहर ही इस श्रेणी में स्थान बना सके हैं। इसके लिए आगरा सहित भारत के प्रमुख शहरों में आनलाइन सुझाव तथा वोटिंग भी कराये… Read more »

’गंगा कोई नैचुरल फ्लो नहीं’

Posted On by & filed under विविधा, साक्षात्‍कार, सार्थक पहल

स्वामी सानंद गंगा संकल्प संवाद – प्रथम कथन प्रस्तुति: अरुण तिवारी पहला कथन: ’गंगा कोई नैचुरल फ्लो नहीं’ तारीख 01 अक्तूबर, 2013: देहरादून का सरकारी अस्पताल। समय सुबह के 10.36 बजे हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अरविंद पांडे आकर जा चुके हैं। लोक विज्ञान संस्थान से रोज कोई न कोई आता है। श्री रवि चोपङा भी… Read more »

फसल बीमा योजना और बदहाल किसान

Posted On by & filed under राजनीति, समाज, सार्थक पहल

अरविंद जयतिलक केंद्र सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा योजना से आच्छादित करने का निर्णय बदहाल कृषि और कर्ज के चक्रव्यूह में फंसे किसानों को उबारने की दिशा में एक ऐसा ऐतिहासिक कदम है। इस योजना के आकार लेने के बाद उम्मीद है कि किसानों को मौसम की मार से चौपट हुई फसल के शोक… Read more »

स्टार्टअपः उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का उपाय

Posted On by & filed under आर्थिकी, विविधा, सार्थक पहल

प्रमोद भार्गव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया की शुरूआत करके उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का कारगर उपाय किया है। छोटे व्यवसायों और देश-विदेश में क्रियाशील युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित व देश में ही काम करने की दृष्टि से ये अहम् पहलें हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत तीन साल के लिए आयकर एवं निरीक्षण… Read more »

युवा वही, जो बदले दुनिया

Posted On by & filed under विविधा, सार्थक पहल

12 जनवरी – राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष यौवन तन नहीं, मन की अवस्था है। हां! तन की भिन्न अवस्थाये,ं मन की इस अवस्था को प्रभावित जरूर करती हैं। युवा मन बंद खिडकी-दरवाजे वाला मकान नहीं होता। लेकिन जो एक बार ठान लिया; वह करके ही दम लिया। जिसे एक बार मान ंिलया; उस पर… Read more »

बड़ी चुनौती है गांवों तक एलपीजी पहुंचाना

Posted On by & filed under राजनीति, समाज, सार्थक पहल

जगजीत शर्मा पिछले महीने ही पेरिस में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों, वैज्ञानिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने ग्लोबल वॉर्मिंग और कार्बन उत्सर्जन अपनी चिंता जताई थी। पेरिस में हुए क्लाइमेट चेंज समिट में कई बड़े फैसले लिए गए। भारत में भी कहा गया कि ये फैसले भारत के पक्ष में हैं। भारत के प्रभाव के चलते… Read more »

कारसेवा का करिश्मा : निर्मल कालीबेंई

Posted On by & filed under खेत-खलिहान, विविधा, समाज, सार्थक पहल

अरुण तिवारी होशियारपुर के धनोआ गांव से निकलकर कपूरथला तक जाती है 160 किमी लंबी कालीबंेई। इसे कालीबेरी भी कहते हैं। कुछ खनिज के चलते काले रंग की होने के कारण ’काली’ कहलाई। इसके किनारे बेरी का दरख्त लगाकर गुरुनानक साहब ने 14 साल, नौ महीने और 13 दिन साधना की। एक बार नदी में… Read more »

“काये मेडम जो टूटर का होत ?”

Posted On by & filed under मीडिया, विविधा, सार्थक पहल

कीर्ति दीक्षित   “काये मेडम  जो टूटर का होतकि ? सुनत हैं इसे पिरधान मंत्री लौ सुन लेत ?” पिछले दिनों बुंदेलखंड के गाँव में कुछ खबरें कवर करने गई हुई थी l किसानों से बात कर ही रही थी कि पीछे से आये इस सवाल ने मेरे ध्यान को उस तरफ खीचा , मैंने… Read more »

पलायनमुक्त हुआ छत्तीसगढ़

Posted On by & filed under जन-जागरण, सार्थक पहल

छत्तीसगढ़ की प्रथम निर्वाचित सरकार ने डाॅ. रमन सिंह के नेतृत्व में 12 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं। किसी भी सरकार के कामकाज के मूल्यांकन के लिए 12 वर्ष पर्याप्त है लेकिन यदि जिस सरकार को बेकारी, भूखमरी, पलायन एवं पिछड़ापन विरासत में मिला हो उस सरकार के कामकाज के मूल्यांकन के लिए 12 वर्ष… Read more »